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बुधवार, 17 फ़रवरी 2010

शायद आज

दो साल पहले मैंने पढ़ा कि प्रणाली बदलने के कारण, अमेरिका में लाखों टेलिविज़न १७ फरवरी २००९ को काम करना बन्द कर देंगे, "डिजिटल" सिगनल न मिल पाने के कारण। "एलक्ट्रौनिक" दुकानों ने इस विष्य में विज्ञापन निकाले और सरकार द्वारा मुफ्त में ४०$ का कूपन दिया गया ताकि लोग ’कनवर्टर बॉक्स’ खरीद सकें जिससे उन्हें वे "डिजिटल" सिगनल मिल सकें।

एक विशेष दिन की चेतावनी पाकर अधिकाँश लोगों ने आवश्यक कदम उठाये कि उनके टेलिविज़न बन्द न होने पाएं। हम किसी खास तारीख से बंधी चेतावनियों को तो गम्भीरता से ले लेते हैं और हानि से बचने के उपाय करते हैं; परन्तु ’कभी भी’ घट सकने वाली घटना के विष्य में सावधान होकर उसकी हानि से बचने के उपाय करने में हम अक्सर चूक जाते हैं।

जब यीशु के चेलों ने उससे उसकी वापसी के समय के बारे में पूछा (मत्ती २४:३), तो उसका जवाब था कि यह बात केवल परमेश्वर पिता ही जानता है, "उस घड़ी के विष्य में कोई नहीं जानता; न स्वर्ग के दूत और न पुत्र, परन्तु केवल पिता" (पद ३६)। फिर उसने उन्हें तैयार रहने को कहा ताकि उनके लिये यह अक्समात् न हो, "तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी के विष्य में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जायेगा (पद ४४)।"

हम नहीं जानते कि यीशु कब आयेगा; वह किसी भी समय आ सकता है। आर.बी.एस. संस्थाओं के संस्थापक डॉ. एम.आर.डी हॉन ने इसी संदर्भ में अपने दफतर में दो शब्दों का एक आदर्ष वाक्य रखा - "शायद आज"।

जब हम अपनी दैनिक योजनाएं बनाते हैं तो क्या हमें यह ध्यान होता है कि यीशु कभी भी आ सकता है - शायद आज ही? क्या हम आज ही उससे मिलने के लिये तैयार हैं? - डेविड मैक्कैस्लैन्ड


अगर मसीह आज आता है तो क्या आप उससे मिलने के लिये तैयार हैं?


बाइबल पाठ:मत्ती २४:३६-४६


तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी के विष्य में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जायेगा। - मत्ती २४:४४


एक साल में बाइबल:
  • लैव्यवस्था २१,२२
  • मत्ती २८

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