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Sunday, October 31, 2010

पवित्रता के लिये पृथक

अमेरिका में अक्तूबर महीने का यह अन्तिम दिन "हैलोवीन दिवस" कहकर मनाया जाता है, जिसमें बच्चे भेस बदल कर और थैले लिये घर घर जाते हैं और घर वाले उन्हें उनके थैलों में मिठाइयां देते हैं। "हैलोवीन" अंग्रज़ी के hallow [हैलो] शब्द से आया है, जिसका अर्थ होता है पवित्र। आज कल यह शब्द बहुत कम प्रयोग होता है, और जब होता है तो इसके विभिन्न अर्थ हो जाते हैं।

मसीही विश्वास में हैलो का अर्थ पवित्र ही है। जब किसी चीज़ या जन को हैलो किया जाता है, तो उसका तातपर्य होता है कि वह पवित्रता के लिये पृथक किया गया है, जैसा प्रभु की प्रार्थना में परमेश्वर के संदर्भ में इसके प्रयोग से प्रकट है "Hallowed be thy name" - तेरा नाम पवित्र माना जाए। केवल परमेश्वर का नाम ही पवित्र नहीं ठहराया गया है, वरन प्रत्येक मसीही विश्वासी को अपने आप को भी पवित्रता में रखना है, जैसा पौलुस ने तिमुथियुस को सिखाया, कि वह ऐसा पात्र बने जो परमेश्वर के उपयोग के लिये पवित्र हो "तौभी परमेश्वर की पक्की नेव बनी रहती है, और उस पर यह छाप लगी है, कि प्रभु अपनों को पहिचानता है; और जो कोई प्रभु का नाम लेता है, वह अधर्म से बचा रहे। बड़े घर में न केवल सोने-चान्‍दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये। यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा, और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा। जवानी की अभिलाषाओं से भाग, और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर। पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह क्‍योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं" (२ तिमुथियुस २:१९-२३)।

अक्तूबर के इस अन्तिम दिन अमेरिका में बच्चे तो मिठाईयों के थैले लिये घूमते हैं, परन्तु हमें विचार करना है कि हम अपने मन में क्या लिये घूम रहे हैं? हमारे जीवन के पात्र में क्या भरा है? क्या हमारे जीवन द्वेश और कलह की कड़ुवाहट से भरे हैं जिनसे मूर्खता और अविद्या के विवाद उत्पन्न होते हैं, या वे परमेश्वर की आत्मा की मिठास से भरे हैं जिनसे समाज में धार्मिकता, विश्वास, प्रेम और शांति फैलती है?

हम न सिर्फ आज के दिन को, वरन हर दिन अपने आप को परमेश्वर के लिये पवित्र और उपयोगी होने के लिये पृथक और समर्पित कर के, हर दिन को "हैलो" कर सकते हैं। - जूली ऐकरमैन लिंक


मसीही विश्वासी के लिये सबसे बड़े आनन्द की बात है उसका परमेश्वर के लिये उपयोगी होना।

यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा, और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा। - २ तिमुथियुस २:२१


बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस २:१९-२६

तौभी परमेश्वर की पक्की नेव बनी रहती है, और उस पर यह छाप लगी है, कि प्रभु अपनों को पहिचानता है; और जो कोई प्रभु का नाम लेता है, वह अधर्म से बचा रहे।
बड़े घर में न केवल सोने-चान्‍दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये।
यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा, और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा।
जवानी की अभिलाषाओं से भाग, और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर।
पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह क्‍योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं
और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो।
और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्‍या जाने परमेश्वर उन्‍हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
और इस के द्वारा उस की इच्‍छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाए।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह २२, २३
  • तीतुस १

Saturday, October 30, 2010

साथी और भगौड़े

उपन्यासकार स्टीफन ब्लाइ का मानना है कि मित्र और घोड़े दो प्रकार के होते हैं - एक वे जो हर परिस्थिति में साथ खड़े रहते हैं और दूसरे वे जो परेशानी की भनक पड़ते ही साथ छोड़कर भाग निकलते हैं और आपको अकेले ही खतरों का सामना करने के लिये छोड़ देते हैं। दुर्भाग्यवश, मित्रों और घोड़ों का यह भेद तब तक नहीं मालूम नहीं पड़ता जब तक आप मुसीबत में नहीं पड़ जाते, और तब बहुत देर हो चुकती है, यदि आपका मित्र साथ खड़े रहने वाला न हो!

परेशानियों के समय में प्रत्येक को ऐसे मित्रों की आवश्यक्ता होती है जिन पर वह भरोसा कर सके। किंतु बजाए इसके कि हम यह चिंता करें कि हमारे मित्र किस श्रेणी के हैं, हमें यह जांचने की आवश्यक्ता है कि स्वयं हम किस श्रेणी के हैं - साथी या भगौड़े? नीतिवचन का लेखक बताता है कि "मित्रों के बढ़ाने से तो नाश होता है, परन्तु ऐसा मित्र होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है" (नीतिवचन १८:२४); तथा "मित्र सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है" (नीतिवचन १७:१७)।

अपनी सेवकाई के अन्तिम दिनों में, जब वह अपने मृत्युदण्ड की आज्ञा के पूरे होने का इंतिज़ार कर रहा था, पौलुस के साथ के कई लोग उसका साथ छोड़ कर चले गए। अपनी अन्तिम पत्री में पौलुस ने अपने साथियों और भगौड़ों में से कुछ के नाम लिखे, उनमें से एक भगौड़ा था देमास; और साथी था लूका ( २ तिमुथियुस ४:१०, ११)। यद्यपि अपने भगौड़े मित्रों के कारण पौलुस अवश्य बहुत निराश हुआ होगा किंतु अपने साथीयों के कारण उसका ढ़ाढ़स भी बन्धा होगा।

जब वे जिन्हें हम मित्र कहते हैं किसी परेशानी में पड़ेंगे तो उनके लिये हम किस श्रेणी के मित्र ठहरेंगे - साथी या भगौड़े, यह तो वक्त और परिस्थितियां ही बता सकेंगी; परन्तु एक है - प्रभु यीशु, जिसका अपने लोगों से अटूट वायदा है "मैं न तुझे कभी छोड़ुंगा और कभी तुझे त्यागुंगा" (इब्रानियों १३:५), और यह वायदा आज तक कभी भी, किसी भी परिस्थिति में, किसी के लिये झूठा साबित नहीं हुआ है। उसने आपके पाप और अविश्वास की दशा में भी, आपके लिये अपनी जान देकर अपने इस वायदे को स्थापित तथा प्रमाणित किया है।

प्रभु यीशु को अपना मित्र बना लीजिए, वह कभी भगौड़ा नहीं होगा, सदा साथी ही रहेगा; एक ऐसा मित्र जो भाई से अधिक मिला रहता है। - बिल क्राउडर


एक सच्चा मित्र हर परीक्षा में साथ खड़ा मिलेगा।

मित्र सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है। - नीतिवचन १७:१७


बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस ४:६-१८

क्‍योंकि अब मैं अर्घ की नाई उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है।
मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है।
भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, बरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं।
मेरे पास शीघ्र आने का प्रयत्‍न कर।
क्‍योंकि देमास ने इस संसार को प्रिय जानकर मुझे छोड़ दिया है, और थिस्‍सलुनीके को चला गया है, और क्रेसकेंस गलतिया को और तीतुस दलमतिया को चला गया है।
केवल लूका मेरे साथ है: मरकुस को लेकर चला आ, क्‍योंकि सेवा के लिये वह मेरे बहुत काम का है।
तुखिकुस को मैं ने इफिसुस को भेजा है।
जो बागा मैं त्रोआस में करपुस के यहां छोड़ आया हूं, जब तू आए, तो उसे और पुस्‍तकें विशेष करके चर्म पत्रों को लेते आना।
सिकन्‍दर ठठेरे ने मुझ से बहुत बुराइयां की हैं प्रभु उसे उसके कामों के अनुसार बदला देगा।
तू भी उस से सावधान रह, क्‍योंकि उस ने हमारी बातों का बहुत ही विरोध किया।
मेरे पहिले प्रत्युत्तर करने के समय में किसी ने भी मेरा साथ नहीं दिया, बरन सब ने मुझे छोड़ दिया था: भला हो, कि इस का उनको लेखा देना न पड़े।
परन्‍तु प्रभु मेरा सहायक रहा, और मुझे सामर्थ दी: ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो, और सब अन्यजाति सुन ले; और मैं तो सिंह के मुंह से छुड़ाया गया।
और प्रभु मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा, और अपने स्‍वर्गीय राज्य में उद्धार करके पहुंचाएगा: उसी की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह २०, २१
  • २ तिमुथियुस ४

Friday, October 29, 2010

अन्मोल लोग

अमेरिका के एक प्रसिद्ध अखबार में एक लेख छपा, जिसमें कुछ अधेड़ अमेरिकी नागरिकों द्वारा उनकी खोई हुई प्रिय कार को ढूंढ निकालने के प्रयासों का वर्णन था। ये लोग विज्ञापनों द्वारा खोज कर, रद्दी सामान के स्थानों में ढूंढकर और ढूंढने में माहिर विशेषज्ञों का सहारा लेकर, जो एक घंटे के लिये $४०० तक का मेहनताना लेते हैं, अपनी जवानी के प्रतीक को खोज निकालना चाहते हैं। उन्हें अपनी कार जैसी कोई दूसरी कार नहीं चाहिये, उन्हें केवल वही खोई हुई कार चाहिये जो कभी उनकी हुआ करती थी!

बहुत से लोगों के लिये उनके ये प्रयास व्यर्थ तथा समय और पैसे की बरबादी हैं, लेकिन उन लोगों के लिये उनकी वह खोई हुई कार अन्मोल है और उसकी कीमत वे ही समझते हैं।

बाइबल के लूका १५ में कुछ ऐसे लोगों के बारे में लिखा है जो समाज की दृष्टि में निन्दित और तिरिस्किरित थे, पर वे प्रभु यीशु के पास उसके प्रवचन सुनने आते थे। कुछ धार्मिक अगुवों को यह नागवार गुज़रा और उन्होंने प्रभु के लिये लांछन दिया "...कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है" (लूका १५:२)। यह सुन कर प्रभु यीशु ने तीन नीतिकथाएं सुनाईं जिनके द्वारा उसने सिखाया कि ये पापी भी परमेश्वर की दृष्टि में कितने बहुमूल्य हैं। ये तीन नीतिकथाएं थीं खोयी हुए भेड़ (लूका १५:४-७), खोये हुए सिक्के (लूका १५:८-१०) और खोए हुए पुत्र (लूका १५:११-३२) के विषय में। हर एक नीतिकथा कुछ खोने के दर्द, खोजने के प्रयास और पाने के आनन्द को दर्शाती है। हर एक नीतिकथा में हम परमेश्वर के चित्रण को देखते हैं, उस प्रेमी परमेश्वर पिता के रूप में जो पाप में खोई हुई प्रत्येक आत्मा के वापस लौट आने से अति आनन्दित होता है।

चाहे आज आप अपने आप को परमेश्वर से कितना भी दूर महसूस करते हों या उससे कितना भी दूर क्यों न चले गए हों, आप आज भी उसकी दृष्टि में अनमोल हैं। वह आपको ढूंढ रहा है और आपके लौट आने का इन्तिज़ार कर रहा है। - डेविड मैककैसलैंड


जो खोए हुओं में से वापस लौट आए हैं, अब उनका कर्तव्य खोए हुओं को ढूंढना और लौटने का मार्ग दिखाना है।

क्‍योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्‍द करने लगे। - लूका १५:२४


बाइबल पाठ: लूका १५:१-२४

सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
तब उस ने उन से यह दृष्टान्त कहा।
तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे?
और जब मिल जाता है, तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी करके कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्का मिल गया है।
मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है।
फिर उस ने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उस ने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा : उस ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले।
तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; झट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह १८, १९
  • २ तिमुथियुस ३