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Wednesday, May 19, 2010

स्वर्ग में युद्ध

फिलिप पुलमैन एक गुणी लेखक हैं। उन्होंने तीन पुस्तकों ( The Golden Compass, The Subtle Knife & The Amber Spyglass) में एक क्रमिक कथा लिखी है जो जवान पाठकों में बहुत लोकप्रीय है। इन कथाओं के संवेदनशील पात्रों और बांध के रखने वाले कथानकों के पीछे एक कुटिल उद्देश्य है। इस कथा का अन्त परमेश्वर के विरुद्ध होने वाले एक बड़े युद्ध में होता है।

इन पुस्तकों में पुलमैन जताता है कि शैतान का स्वर्ग से गिराया जाना एक ’नेक’ कार्य - शैतान की परमेश्वर के अत्याचारी शासन से आज़ादी पाने की इच्छा, का परिणाम था। पुलमैन जताना चाहता है कि शैतान का परमेश्वर के सिंहासन को हड़पने का प्रयास करना एक वाजिब और सही कार्य था!

प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में हमें अन्त के समय के बारे में बताया गया है। वहां लिखा है, "फिर स्वर्ग में लड़ाई हुई....और शैतान पृथ्वी पर गिरा दिया गया" (प्रकाशितवाक्य १२:७-९)। इस भावी युद्ध से पहले इस पथ्वी पर हमारे मनों की युद्धभूमि पर एक संघर्ष चल रहा है।

हमें शैतान की वास्तविकता - उसका झूठा होना (युहन्ना ८:४४), को ध्यान रखना है। उसकी चाल है कि परमेश्वर के वचनों को उसके संदर्भ से निकालकर और उन्हें तोड़-मरोड़ कर झूठा कर देना (उत्पत्ति ३:१-७)। उसकी चालकियों के विरुध्द अपनी रक्षा करने का सबसे कारगर तरीका है परमेश्वर के वचन की सच्चाई को दृढ़ता से थामे रहना (इफिसियों ६:१०-१८)।

हमारा प्रेमी स्वर्गीय पिता नहीं चाहता कि हममें से कोई नाश हो (२ पतरस ३:९) परन्तु वह हमें आज्ञाकारिता के लिये मजबूर भी नहीं करता। उसने निर्णय हम पर छोड़ रखा है। - डेनिस फिशर


जब शैतान हमला करे तो परमेश्वर के वचन से पलटवार कर उसे पराजित करो।


बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य १२:७-१२


फिर स्वर्ग में लड़ाई हुई....और शैतान पृथ्वी पर गिरा दिय गया। (प्रकाशितवाक्य १२:७-९)


एक साल में बाइबल:
  • १ इतिहास ७-९
  • यूहन्ना ६:२२-४४