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Thursday, September 2, 2010

धैर्य और विश्वास

क्या आपने ध्यान दिया कि कभी कभी दूसरों द्वारा कोई बात भूलने के कारण आपके धैर्य की कैसी परीक्षा होती है? मैं एक कॉलेज का प्राध्यापक हूँ और कई बार जब कोई छात्र अपने वे कार्य करना भूल जाते हैं जो उनके पाठ्यक्रम में स्पष्ट लिखे हैं, तो मुझे उअनके प्रति अपने धैर्य को बनाए रखने के लिये काफी प्रयास करना पड़ता है।

पुराने नियम में यूसुफ की कहानी में हम इससे भी बुरा उदाहरण पाते हैं, और हम बस कल्पना ही कर सकते हैं कि निरपराध यूसुफ ने अपने उपर हुए अन्याय में भी धैर्य बनाए रखने के लिये कितना कष्ट उठाया होगा।

हुआ यूं कि बन्दीगृह में यूसुफ ने फिरौन (राजा) के समक्ष प्याला रखने वाले के स्वप्न का अर्थ बताया, और यूसुफ के कहे के अनुसार वह बन्दीगृह से स्वतंत्र हो गया। युसुफ ने साथ ही उससे यह निवेदन भी किया था कि, "सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके, फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना।" ( उत्पत्ति ४०:१४)। यह मानना स्वाभाविक है कि अपने स्वतंत्र होने के बाद, वह व्यक्ति यूसुफ को आभार सहित याद रखेगा और अवश्य उसके लिये कुछ करेगा। परन्तु ऐसा नहीं हुअ, वह भूल गया और दो वर्ष के बाद ही उसे यूसुफ की याद आई और तब उसने फिरौन से यूसुफ के बारे में बात करी (उत्पत्ति ४१:९) और फिर युसुफ बन्दीगृह से छुड़ाया गया।

बेकुसूर यूसुफ की बन्दीगृह से छुड़ाए जाने के लिये अधीरता की कल्पना कीजिये, किंतु युसुफ के साथ परमेश्वर था (उतपत्ति ३९:२१),और उसने अपना धैर्य नहीं खोया और अपनी खराई को बनाए रखा; और परमेश्वर ने यूसुफ को सही समय पर छुड़ाया जिससे वह बन्दीगृह से निकल कर सीधा फिरौन का प्रधानमंत्री बना और राजा के बाद सारे मिस्त्र देश पर उसी का नाम और अधिकार हुआ।

आज भी परमेश्वर अपने विश्वासियों और उससे प्रेम करने वालों के साथ ऐसे ही बना रहता है (इब्रानियों १३:५)। जब कभी आप परिस्थितियों के कारण विचलित होकर अधीर होने लगें तो अपने अनुग्रहकारी परमेश्वर पिता का सहारा लीजिए और वह आपकी अधीरता के स्थान पर आपको धैर्य और विश्वास से भर देगा। - डेव ब्रैनन


धैर्य का अर्थ है, बिना परमेश्वर के प्रेम पर शक किये, परमेश्वर के समय का इंतिज़ार करना।

क्‍योंकि उस[परमेश्वर] ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों १३:५


बाइबल पाठ: उतपत्ति ४०:१-१४, २३

इन बातों के पश्चात्‌ ऐसा हुआ, कि मिस्र के राजा के पिलानेहारे और पकानेहारे ने अपने स्वामी का कुछ अपराध किया।
तब फिरौन ने अपने उन दोनों हाकिमों पर, अर्थात पिलानेहारे के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान पर क्रोधित होकर
उन्हें कैद करा के, जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां यूसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया।
तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे।
और मिस्र के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा, जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने अपने होनहार के अनुसार, स्वप्न देखा।
बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर उस ने जो दृष्टि की, तो क्या देखता है, कि वे उदास हैं।
सो उस ने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुंह क्यों उदास हैं ?
उन्होंने उस से कहा, हम दोनो ने स्वप्न देखा है, और उनके फल का बताने वाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उन से कहा, क्या स्वप्नों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं है? मुझे अपना अपना स्वप्न बताओ।
तब पिलानेहारों का प्रधान अपना स्वप्न यूसुफ को यों बताने लगा: कि मैं ने स्वप्न में देखा, कि मेरे साम्हने एक दाखलता है;
और उस दाखलता में तीन डालियां हैं: और उस में मानो कलियां लगीं हैं, और वे फूलीं और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गई।
और फिरौन का कटोरा मेरे हाथ में था: सो मै ने उन दाखों को लेकर फिरौन के कटोरे में निचोड़ा और कटोरे को फिरौन के हाथ में दिया।
यूसुफ ने उस से कहा, इसका फल यह है कि तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है:
सो अब से तीन दिन के भीतर फिरौन तेरा सिर ऊंचा करेगा, और फिर से तेरे पद पर तुझे नियुक्त करेगा, और तू पहले की समान फिरौन का पिलानेहारा होकर उसका कटोरा उसके हाथ में फिर दिया करेगा।
सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके, फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना।
फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने यूसुफ को स्मरण न रखा, परन्तु उसे भूल गया।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३७-१३९
  • १ कुरिन्थियों १३