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Friday, September 3, 2010

जीवन यात्रा

मेरी बाइबल के अन्त के पृष्ठों में कुछ नक्शे हैं, जिनमें से एक है पौलुस द्वारा करी गई सुसमाचार प्रचार यात्राओं का। पौलुस की यात्राओं के इस नक्शे में, उसकी यात्राओं को रंगीन लकीरों द्वारा दिखाया गया है और उसकी यात्रा की दिशा को तीर के निशान द्वारा दिखाया गया है। उसकी पहली तीन यात्राओं में तीर के निशान यात्रा आरंभ करने के स्थान से दूर होते हुए फिर लौटकर उसी स्थान पर आ जाते हैं। चौथी यात्रा के लिये तीर के निशान केवल रोम की ओर ही हैं, वापस नहीं आते, क्योंकि पौलुस बन्दी बनाया जाकर रोम भेजा जा रहा था, जहां से वह फिर नहीं लौटा।

हमें लग सकता है कि पौलुस के लिये यह जीवन का दुर्भाग्य पूर्ण समय था, परन्तु पौलुस के नज़रिये से वह परमेश्वर की इच्छा और मार्गदर्शन में रोम गया और परमेश्वर ने उसे वैसे ही सुसमाचार प्रचार के लिये उपयोगी किया जैसे पहली तीन यात्राओं में किया।

पौलुस ने लिखा, " हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है। यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं। और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं।" (फिलिप्पियों १:१२-१४)

चाहे हमारी जीवन यात्रा बाधाओं और बन्धनों से अवरुध भी हो, तब भी जब हम विश्वास में बने रहकर परमेश्वर के वचन का प्रचार करते हैं, तो विश्वास रखिये कि परमेश्वर हमारे इस प्रयास का उपयोग दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिये करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीही विश्वासी के लिये, जीवन यात्रा का घुमावदार और टेढ़ा-मेढ़ा मार्ग, वास्तव में आशीश का एक नया मार्ग हो सकता है।

हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है। - फिलिप्पियों १:१२


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों १:८-१८

इस में परमेश्वर मेरा गवाह है, कि मैं मसीह यीशु की सी प्रीति करके तुम सब की लालसा करता हूं।
और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए।
यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्‍चे बने रहो, और ठोकर न खाओ।
और उस धामिर्कता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति होती रहे।।
हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है।
यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं।
और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं।
कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से।
कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्‍पन्न करें।
सो क्‍या हुआ केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्‍चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १४०-१४२
  • १ कुरिन्थियों १४:१-२०