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Tuesday, September 14, 2010

धरोहर

हाल ही में, मेरे छोटे मोटे कम करने के लिये इधर उधर जाने के समय, मेरा पोता एलक्स मेरे साथ रहा। एक दिन अप्रतिक्षित रूप से उसने मुझ से प्रश्न किया, "तो दादा जी आपने यीशु को अपना उद्धारकर्ता कैसे ग्रहण किया?" उसके इस प्रश्न ने मेरा हृदय छू लिया और मैंने उसे बताया कि कैसे बचपन में ही मैंने यह कदम उठाया। इस विष्य पर एलक्स की दिलचस्पी बनी रही तो मैंने उसे बताया कि कैसे उसके परदादा विश्वास में आये। उनके इस वर्णन में यह भी सम्मिलित था कि वे कैसे द्वितीय विश्वयुद्ध में जीवित बच सके, पहले पहल कैसे उन्होंने उद्धार के सुसमाचार का विरोध किया, और फिर कैसे मसीही विश्वास में आने के बाद उनका जीवन बदल गया।

कुछ समय पश्चात जब मैं बाइबल पढ़ रहा था तो उसके एक खंड ने, जहां विश्वास का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को पहुंचाये जाने की ज़िम्मेदारी के विष्य में लिखा है, मुझे अपने पोते से हुई यह बातचीत स्मरण दिलाई। मूसा ने व्यवस्थाविवरण की पुस्तक में इस्त्रालियों को निर्देश दिये कि उनकी जीवन शैली में अनिवार्य हो कि वे परमेश्वर के शाश्वत सत्य को अपने हृदय में बनाए रखें और उसे अपनी अगली पीढ़ी को भी सिखाएं: "और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें। और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझा कर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।" - व्यवस्थाविवरण ६:६, ७

मसीही विश्वास में होना यह निश्चित तो नहीं करता कि हमारी सन्तान भी परमेश्वर से प्रेम करने वाली होगी, किंतु जब हम अपनी अगली पीढ़ी में आत्मिक बातों की रुचि देखते हैं तो हम उनसे परमेश्वर के वचन के बारे में बातें कर के उनके अन्दर परमेश्वर और उद्धार के लिये आकर्शण उत्पन्न कर सकते हैं। यह किसी भी माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी द्वारा अपनी अगली पीढ़ी को दी गई सर्वोतम धरोहर होगी। - डेनिस फिशर


एक ईश्वरीय जीवन शैली का उदाहरण, बच्चों के लिये छोड़ी गई सबसे बहुमूल्य धरोहर है।

तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझा कर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। - व्यवस्थाविवरण ६:७


बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण ६:४-९

हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है।
तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें।
और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझा कर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी करके बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें।
और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।

एक साल में बाइबल:
  • नीतिवचन १९-२१
  • २ कुरिन्थियों ७