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Thursday, October 14, 2010

शांत हो जाओ

मैं अपने दांतों के इलाज के लिये दन्त चिकित्सक के पास गया। मुझे इलाज के लिये उसकी विशेष कुर्सी पर बैठना था, और मैं घबरा रहा था। मेरे चेहरे और मेरे हाव-भाव से मेरी घबराहट साफ झलक रही थी। मुझे देख कर द्न्त चिकित्सक ने मुस्कुराते हुए कहा, "बिल, सब ठीक है; ज़रा शान्त रहने की कोशिश करो।"

ऐसा करना आसान नहीं है, वास्तव में यह बहुत कठिन है - कोशिश करना, जिसमें प्रयास और मेहनत लगती है; शांत रहना, जहां प्रयास और मेहनत अनुपस्थित होते हैं। शांत रहना और कोशिश करना आपस में ताल मेल नहीं खाते - केवल दन्त चिकित्सक की कुर्सी पर ही नहीं, आत्मिक जीवन में भी।

अकसर होता है कि मेरा प्रतिरोध केवल दन्त चिकित्सक के यहां जाने तक ही सीमित नहीं होता, मसीह के साथ अपने संबंध में भी कई दफा अपने उदेश्यों को पूरा करने के लिये मैं परमेश्वर पर नहीं वरन अपने प्रयासों पर अधिक निर्भर रहता हूँ। ऐसे में मेरे लिये यह सबसे कठिन होता है कि मैं "शांत रहने की कोशिश करूँ" और पूर्ण रूप से परमेश्वर पर भरोसा रखूं कि वह मुझे जीवन की कठिन परीक्षाओं में से सही सलामती से निकाल लेगा।

भजन ४६:१० में हम पढ़ते हैं कि "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!" जब मैं चिंतित और बेचैन होता हूँ तब यह पद मुझे स्मरण दिलाता है कि मैं शांत हो जाऊं और विश्वास रखूं।

यह जान लेने के बाद बस अब मुझे केवल इसका पालन करने की आवश्यक्ता है, और फिर मैं परमेश्वर की देखभाल में शान्ति से रहने पाऊँगा। - बिल क्राउडर


परमेश्वर हमारा भविष्य जानता है और हम उसके हाथों मे सुरक्षित हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान् हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन ४६:१०


बाइबल पाठ: भजन ४६

परमेश्वर हमारा शरण स्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं,
चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठे।।
एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं, पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे, वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
सेनाओं का यहोवा हमारे संगे है, याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उस ने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है, वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों,को आग में झोंक देता है!
चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों,में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
सेनाओं का यहोवा हमारे संग है, याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल:
  • यशायाह ४३, ४४
  • १ थिसुलिनीकियों २