बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Tuesday, October 19, 2010

सेवा-निवृति या सेवाकाई का आरंभ?

४० वर्ष तक अध्यापिका का कार्य करके जेन हैन्सन सेवा-निवृत हुईं। उस समय वे और उनके पति अपने पहिले पोते या पोती के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सेवा-निवृति वह समय होता है जब लोग बस आराम करने या घूमने फिरने या अपनी किसी मन पसन्द बात के लिये समय बिताना चाहते हैं। किंतु जेन ने अपने घर के पास के एक नगर में कुछ जोखिम में पड़े हुए यवकों के मध्य सेवाकाई के विष्य में सुना, और उसने ठान लिया कि वह इसमें सम्मिलित होगी। उन्होंने कहा "मैंने जाना कि वहां ऐसे युवक हैं जिन्हें सहायता की प्रतीक्षा है और मैं यह सहायता कर सकती थी और उनके जीवनों में फर्क ला सकती थी।" जेने ने एक जवान लाईबीरियाई युवक को अंग्रेज़ी भाषा सिखानी आरंभ करी, जो अपने देश में चल रहे गृह युद्ध के कारण जान बचा कर भागने को मजबूर हुआ था, और अब वह सुरक्षित तो था लेकिन भाषा ना आने के कारण अपने शरणस्थान में परेशान था। अपनी इस नयी सेवाकाई के विषय में जेन ने कहा, "मैं अपना समय व्यतीत करने के लिये दुकानों में घूमना और खरीददारी करना भी कर सकती थी, पर उससे मुझे क्या खुशी मिलती?"

आज जेन किसी की ज़िन्दगी में एक फर्क ला रही है। शायद उसने कुछ हद तक प्रभु यीशु की इस बात को समझा "क्‍योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा" (मत्ती १६:२५)। दूसरों की सहायता करने और अपने आप को प्रभु को समर्पित करने में अपने आप का और अपनी लालसाओं का इन्कार करना पड़ता है, किंतु एक दिन प्रभु इस खुद-इन्कारी का प्रतिफल देगा (मती १६:२७)।

आज हम जीवन के किसी भी पड़ाव पर हों, जेन का उदाहरण हमें प्रेरित करता है कि उसकी तरह हम भी परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम के कारण अपने आप को किसी के जीवन में भला करने के लिये उपयोगी बनाएं। - ऐनी सेटास


परमेश्वर के लिये काम करें, उसकी सेवा-निवृति योजना इस संसार से परे की है।

जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा। - मत्ती १६:२५


बाइबल पाठ: मत्ती १६:२४-२८

तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इन्‍कार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले।
क्‍योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा, और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा।
यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्‍त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्‍या लाभ होगा या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्‍या देगा?
मनुष्य का पुत्र अपने स्‍वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा में आएगा, और उस समय वह हर एक को उसके कामों के अनुसार प्रतिफल देगा।
मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कितने ऐसे हैं कि जब तक मनुष्य के पुत्र को उसके राज्य में आते हुए न देख लेंगे, तब तक मृत्यु का स्‍वाद कभी न चखेंगे।

एक साल में बाइबल:
  • यशायाह ५६-५८
  • २ थिसुलिनीकियों २