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बुधवार, 16 मार्च 2011

हमारा निर्दोष एवज़ी

एक अनाथ युवती के गुर्दों ने काम करना बन्द कर दिया। बहुत इलाज के बाद भी जब कुछ सफलता नहीं मिली, उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसके जीवित रहने की आशा क्षीण होने लगी। अन्तिम उपाय के तौर पर चिकित्सकों ने गुर्दे बदलने का निर्णय किया, किंतु कोई रिश्तेदार नहीं था जो उसके लिये अपना गुर्दा दान करता। चिकित्सकों ने समाज के सामने युवती के लिये निशुल्क गुर्दा दान देने के लिये आग्रह जारी किया। एक युवक आगे आया और अपना गुर्दा दान करने के लिये राज़ी हो गया। युवक का गुर्दा निकालते समय ऑपरेशन में कुछ दिक्कतें आईं और युवक की मृत्यु हो गई, लेकिन उसके दान किये हुए गुर्दे के कारण युवती की जान बच सकी। उस युवक ने केवल गुर्दा ही नहीं वरन अपने प्राण देकर उस युवती को नया जीवन दिया।

हमारे प्रभु में ऐसा कोई कारण नहीं था जिससे उसे मृत्यु दण्ड सहना पड़ता, फिर भी उसने स्वेच्छा से हमारे स्थान पर मृत्यु दण्ड सहना स्वीकार किया। एक कवि ने उसके इस बलिदान के लिये कुछ यूँ लिखा: "उसने हमारे स्थान पर मृत्यु सही/ उसने अपने लोगों को बचा लिया/ जो श्राप और दण्ड उसपर गिरा/ वह हमारे पापों का था।

एलिज़ाबेथ बैरेट ब्राउनिंग ने मसीह के क्रूस पर दिये महान बलिदान के आत्मिक मर्म को इन श्ब्दों में व्यक्त किया: वह त्यागा गया! परमेश्वर ने भी उससे अपना मुँह मोड़ लिया/ आदम का पाप धर्मी पुत्र और पिता के बीच आ गया/ हाँ एक बार इम्मैनुएल की कराह ने इस सृष्टी को झकझोर दिया/ वह तन्हा कराह "हे मेरे परमेश्वर, मैं त्यागा गया"।

परमेश्वर के पुत्र के बलिदान द्वारा बचाए जाकर अब हमें अपने उस निर्दोष एवज़ी के लिये अपने हृदय खोल देने चाहियें। - पौल वैन गौर्डर

यीशु हमारे पापों के लिये मरा ताकि हम पापों से मुक्त किये जाएं।

जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं। - २ कुरिन्थियों ५:२१


बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ५:१७-२१

2Co 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं, देखो, वे सब नई हो गईं।
2Co 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिस ने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल मिलाप कर लिया, और मेल मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
2Co 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में होकर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उस ने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2Co 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
2Co 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।

एक साल में बाइबल:
  • व्यवस्थाविवरण २८-२९
  • मरकुस १४:५४-७२

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