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बुधवार, 29 जून 2011

पारदर्शी जीवन

अपनी पुस्तक "Helping Those Who Don't Want Help" में लेखक मार्शल शैली ने एक चर्च के पाद्री के जीवन से संबंधित घटना बताई: पाद्री अपने घर के गैराज से अपनी कार बाहर निकाल रहा था कि उसे कुछ टूटने की आवाज़ सुनाई दी। कार रोक कर वह आवाज़ के कारण का पता करने नीचे उतरा और पाया कि उसके प्रीय शौक मछली पकड़ने की बंसी कार के नीचे आकर टूट गई है। उसने ऊँची आवाज़ में पूछा, "मेरी मछली मारने की बंसी से कौन खेल रहा था?" उसके ५ साल के बेटे ने सकपका कर कहा, "पिताजी मैं खेल रहा था, और उसे वापस जगह पर रखना भूल गया था।" पाद्री को बात रास तो नहीं आई, पर अपने आप पर काबू रखकर उसने बस बेटे से इतना ही कहा, "मुझे सच बताने के लिए धन्यवाद" और अपने कार्य पर निकल पड़ा। बेटे ने जाकर माँ से घटना बताई और अपने जेब खर्च से बचाए हुए दो डॉलर, जो उसकी कुल संपत्ति थी, माँ को देते हुए कहा कि मुझे पिताजी के लिए अब एक नई बंसी खरीदनी है। माँ ने कहा, "ठीक है, लेकिन तुम्हें इसके लिए पैसे देने की आवश्यक्ता नहीं है"; बेटा बोला, "लेकिन मैं ऐसा करना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे आज यह पता चल गया है कि पिताजी अपनी मछली मारने की बंसी से अधिक मुझ से प्यार करते हैं।" माँ ने यह बात पाद्री को बता दी।

बाद में एक इतवार की चर्च सभा में पाद्री ने अपनी मंडली को यह घटना सुनाई और कहा, "यह सब जानकर मुझे बहुत बढ़िया लगा। मुझे लगा कि चलो मैंने एक बार तो वह किया जो ठीक था।" चर्च सभा के अन्त में कई लोग पाद्री के पास आए और उससे कहने लगे कि उन्हें उसका यह पारदर्शिता दिखाना और यह कहना कि मैंने एक बार तो वह किया जो ठीक था बहुत भाया। वे लोग यह मान कर चलते थे कि पाद्री कभी कुछ गलत नहीं कर सकता; लेकिन पाद्री की ईमानदारी ने लोगों के दिल को छू लिया।

यह प्रत्येक अगुवे के लिए एक बहुमूल्य शिक्षा है। अगुवे को अपने जीवन की खा़मियों और कमज़ोरियों के प्रगट होने से डरना नहीं चाहिए। जब वे अपने जीवनों के प्रति पार्दर्शी होंगे तो उनकी इस ईमानदारी के कारण लोग उन पर अधिक विश्वास रखेंगे और उनके जीवन से सीखने में हिचकिचाएंगे नहीं। यदि वे अपनी बातें छुपाएंगे और लोगों को वही बातें कही बाहर से पता चलेंगी तो फिर वे आलोचना और अविश्वास का कारण बनेंगी। अगुवों की पारदर्शिता उनके अनुसरणकर्ताओं के लिए विश्वास, प्रोत्साहन और सहायता का कारण बन सकती है। - डेव एग्नर


हमें अपने पड़ौसी की नहीं, अपनी गलतियों का ध्यान करना चाहिए।

यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। - १ युहन्ना १:८


बाइबल पाठ: याकूब ५:१३-२०

Jas 5:13 यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे: यदि आनन्‍दित हो, तो वह स्‍तुति के भजन गाए।
Jas 5:14 यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मल कर उसके लिये प्रार्थना करें।
Jas 5:15 और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उस को उठा कर खड़ा करेगा और यदि उस ने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी।
Jas 5:16 इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
Jas 5:17 एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थाना की कि मेंह न बरसे, और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
Jas 5:18 फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्‍त हुई।
Jas 5:19 हे मेरे भाइयों, यदि तुम में कोई सत्य के मार्ग से भटक जाए, और कोई उस को फेर लाए।
Jas 5:20 तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब १४-१६
  • प्रेरितों ९:२२-४३

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