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शनिवार, 16 जुलाई 2011

झूठे अगुवे, झूठे दावे

शोधकर्ताओं तथा वैज्ञानिकों के विष्य में माना जाता है कि वे तथ्यों को एकत्रित करते हैं और तथ्यों के आधार पर ही कोई निष्कर्ष देते हैं। लेकिन कई दफा यह धारणा गलत साबित हुई है। एक समाचार पत्र ने, एक ऐसे ही प्रकाशित निष्कर्ष के बारे में, भारी गलतियों का खुलासा किया। कुछ शोधकर्ताओं ने यह जांचना चाहा कि जो लोग नशे की आदत से छुटकारा पा लेते हैं, क्या वे दोबारा नशे का सेवन बिना उसकी आदत में फिर से पड़े कर सकते हैं कि नहीं। शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष में दावा किया कि वे बिना दोबारा लत में पड़े नशा कर सकते हैं। लेकिन समाचार पत्र द्वारा इस दावे की गहन जाँच करने से पता चला कि शोधकर्ताओं ने अपने शोध की गलत रिपोर्ट प्रकाशित करवाई थी। जिन नशे की लत से छूटे लोगों ने दोबारा नशे का सेवन आरंभ किया था वे बहुत बुरे हाल में थे और कई समस्याओं से घिरे हुए थे। कुछ ने तो आत्महत्या तक कर ली थी। अब निष्कर्ष यह था कि वे शोधकर्ता विश्वासयोग्य नहीं थे।

शोधकर्ताओं और वैज्ञनिकों से भी अधिक, धर्म के अगुवों को कभी भी कोई झूठा दावा करने से बच कर रहना चाहिए। लेकिन ऐसा होता नहीं है। अपने स्वार्थसिद्धि के लिए झुठे दावे कर के लोगों को बहकाने वाले धर्म के अगुवों की कमी नहीं है, और आए दिन उनके झूठे दावों और कारनामों के विवरण समाचार पत्रों में छपते रहते हैं। ये अगुवे, लोगों को वही सुनाते और बताते हैं, जो और जैसा वे लोग सुनना चाहते हैं। इन अगुवों के शाँति तथा उम्मीद के दावे केवल चतुराई से रचा गया झूठ का पुलिंदा भर होते हैं।

हम भी बहकाए जाकर ऐसे अगुवों के जाल में फंस सकते हैं यदि हम भी केवल अपनी इच्छानुसार बातें सुनने की लालसा रखते हैं। हम भी यह मानने की गलती कर सकते हैं कि हर अगुवा सत्य ही बोलता है। बहकावे में आने से बचने के लिए और नुकसान में फंसने के लिए अनिवार्य है कि हम परमेश्वर के वचन को अपने हृदयों में अधिकाई से बसने दें (कुलुस्सियों ३:१६) और हर संदेश और शिक्षा को परमेश्वर वचन के समक्ष रखकर जाँचें और तब ही उसे ग्रहण करें (१ थिस्सलुनिकियों ५:२१)।

जब हम परमेश्वर के वचन में स्थिर बने रहेंगे तो परमेश्वर का आत्मा और वचन हमें झूठे दावों में फंसने और नुकसान उठाने से भी बचाए रखेंगे। - मार्ट डी हॉन


समझदारी की पहली पहचान है सत्य को जानना और दूसरी है अस्त्य को पहचान पाना।

मसीह के वचन को अपने ह्रृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। - कुलुस्सियों ३:१६


सब बातों को परखो: जो अच्‍छी है उसे पकड़े रहो। - १ थिस्सलुनिकियों ५:२१

बाइबल पाठ: यहूदा १:१-२५

Jud 1:1 यहूदा की ओर से जो यीशु मसीह का दास और याकूब का भाई है, उन बुलाए हुओं के नाम जो परमेश्वर पिता में प्रिय और यीशु मसीह के लिये सुरक्षित हैं।
Jud 1:2 दया और शान्‍ति और प्रेम तुम्हें बहुतायत से प्राप्‍त होता रहे।
Jud 1:3 हे प्रियो, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्‍त परिश्रम से प्रयत्‍न कर रहा था, जिस में हम सब सहभागी हैं तो मैं ने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्‍न करो जो पवित्र लोगों को एक ही बार सौंपा गया था।
Jud 1:4 क्‍योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिन के इस दण्‍ड का वर्णन पुराने समय में पहिले ही से लिखा गया था: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे अद्वैत स्‍वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्‍कार करते हैं।
Jud 1:5 पर यद्यपि तुम सब बात एक बार जान चुके हो, तौभी मैं तुम्हें इस बात की सुधि दिलाना चाहता हूं, कि प्रभु ने एक कुल को मिस्र देश से छुड़ाने के बाद विश्वास न लाने वालों को नाश कर दिया।
Jud 1:6 फिर जो र्स्‍वगदूतों ने अपने पद को स्थिर न रखा वरन अपने निज निवास को छोड़ दिया, उस ने उन को भी उस भीषण दिन के न्याय के लिये अन्‍धकार में जो सदा काल के लिये है बन्‍धनों में रखा है।
Jud 1:7 जिस रीति से सदोम और अमोरा और उन के आस पास के नगर, जो इन की नाई व्यभिचारी हो गए थे और पराये शरीर के पीछे लग गए थे आग के अनन्‍त दण्‍ड में पड़ कर दृष्‍टान्‍त ठहरे हैं।
Jud 1:8 उसी रीति से ये स्‍वप्‍नदर्शी भी अपने अपने शरीर को अशुद्ध करते, और प्रभुता को तुच्‍छ जानते हैं और ऊंचे पद वालों को बुरा भला कहते हैं।
Jud 1:9 परन्‍तु प्रधान स्‍वर्गदूत मीकाईल ने, जब शैतान से मूसा की लोथ के विषय में वाद-विवाद करता था, तो उस को बुरा भला कह के दोष लगाने का साहस न किया पर यह कहा, कि प्रभु तुझे डांटे।
Jud 1:10 पर ये लोग जिन बातों को नहीं जानते, उन को बुरा भला कहते हैं; पर जिन बातों को अचेतन पशुओं की नाई स्‍वभाव ही से जानते हैं, उन में अपने आप को नाश करते हैं।
Jud 1:11 उन पर हाय! कि वे कैन की सी चाल चले, और मजदूरी के लिये बिलाम की नाई भ्रष्‍ट हो गए हैं: और कोरह की नाई विरोध कर के नाश हुए हैं।
Jud 1:12 यह तुम्हारी प्रेम सभाओं में तुम्हारे साथ खाते-पीते, समुद्र में छिपी हुई चट्टान सरीखे हैं, और बेधड़क अपना ही पेट भरने वाले रख वाले हैं; वे निर्जल बादल हैं जिन्‍हें हवा उड़ा ले जाती है; पतझड़ के निष्‍फल पेड़ हैं, जो दो बार मर चुके हैं और जड़ से उखड़ गए हैं।
Jud 1:13 ये समुद्र के प्रचण्‍ड हिलकोरे हैं, जो अपनी लज्ज़ा का फेन उछालते हैं: ये डांवाडोल तारे हैं, जिन के लिये सदा काल तक घोर अन्‍धकार रखा गया है।
Jud 1:14 और हनोक ने भी जो आदम से सातवीं पीढ़ी में था, इन के विषय में यह भविष्यद्ववाणी की, कि देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया।
Jud 1:15 कि सब का न्याय करे, और सब भक्तिहीनों को उन के अभक्ति के सब कामों के विषय में, जो भक्तिहीन पापियों ने उसके विरोध में कही हैं, दोषी ठहराए।
Jud 1:16 ये तो असंतुष्‍ट, कुड़कुड़ाने वाले, और अपनी अभिलाषाओं के अनुसार चलने वाले हैं; और अपने मुंह से घमण्‍ड की बातें बोलते हैं और वे लाभ के लिये मुंह देखी बड़ाई किया करते हैं।
Jud 1:17 पर हे प्रियों, तुम उन बातों को स्मरण रखो जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रेरित पहिले कह चुके हैं।
Jud 1:18 वे तुम से कहा करते थे, कि पिछले दिनों में ऐसे ठट्ठा करने वाले होंगे, जो अपनी अभक्ति की अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे।
Jud 1:19 ये तो वे हैं, जो फूट डालते हैं, ये शारीरिक लोग हैं, जिन में आत्मा नहीं।
Jud 1:20 पर हे प्रियों तुम अपने अति पवित्र विश्वास में अपनी उन्नति करते हुए और पवित्र आत्मा में प्रार्थना करते हुए।
Jud 1:21 अपने आप को परमेश्वर के प्रेम में बनाए रखो और अनन्‍त जीवन के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह की दया की आशा देखते रहो।
Jud 1:22 और उन पर जो शंका में हैं दया करो।
Jud 1:23 और बहुतों को आग में से झपट कर निकालो, और बहुतों पर भय के साथ दया करो; वरन उस वस्‍त्र से भी घृणा करो जो शरीर के द्वारा कलंकित हो गया है।
Jud 1:24 अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के साम्हने मगन और निर्दोष कर के खड़ा कर सकता है।
Jud 1:25 उस अद्वैत परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता की महिमा, और गौरव, और पराक्रम, और अधिकार, हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जैसा सनातन काल से है, अब भी हो और युगानुयुग रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १६-१७
  • प्रेरितों २०:१-१६

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