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रविवार, 28 अगस्त 2011

हमारा सहायक

बाइबल एवं मसीही विश्वास की शिक्षा का एक विद्यार्थी पाप अंगीकार के विषय में लिख रहा था। उसे लिखना था कि "जब हम अपने पापों को मान लेते हैं तो वह हमारे पाप बोध (guilt) को हमसे दूर कर देता है", परन्तु गलती से उसने guilt शब्द के स्थान पर quilt (रज़ाई) लिख दिया। जब उसके अध्यापक ने उसका पर्चा पढ़ा तो इस वाक्य को पढ़ कर टिप्पणी करी, "डरना मत, परमेश्वर ने तुम्हें एक comforter अर्थात सहायक दे रखा है, वह तुम्हें सर्दी में ठिठुरने नहीं देगा (comforter शब्द गरम शॉल के लिए भी उपयोग होता है)।" उस अध्यापक ने विनोद में ही एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य विद्यार्थी को सिखा दिया।

प्रभु यीशु मसीह ने अपने चेलों को आश्वासन दिया कि परमेश्वर पिता उनके साथ सदा बने रहने के लिए एक सहायक अर्थात अपना पवित्र आत्मा देगा, और प्रभु का यह वायदा पिन्तेकुस्त के दिन पूरा हुआ (प्रेरितों २:१-४), और तब से ले कर आज तक प्रत्येक मसीही विश्वासी के साथ परमेश्वर का पवित्र आत्मा बना रहता है और उसमें अपना कार्य करता रहता है। परमेश्वर के पवित्र आत्मा का उद्देश्य सदैव प्रभु यीशु को महिमा देना है ना कि अपने आप को ऊँचा उठाना। हमारा लक्षय होना चाहिए कि हम प्रभु यीशु मसीह के बारे जो कुछ सीख सकते हैं वह सीखें और उसके आत्मा की सहायता से उन बातों को अपने जीवन में लागू करें।

मसीही विश्वासी के जीवन में किए जाने वाले पवित्र आत्मा के कुछ कार्य हैं:
  • हमें सत्य के मार्ग में ले चलना (यूहन्ना१६:१३)
  • हमें परमेश्वर की सन्तान होने के लिए आश्वस्त रखना (रोमियों ८:१६)
  • प्रार्थना करने में हमारी सहायता करना (रोमियों ८:२६)
  • हमें अंश अंश करके मसीह के स्वरूप में बदलते जाना (२ कुरिन्थियों ३:१८)
  • हमें सामर्थी बनाना (इफिसियों ३:१६)
अपने इसी सहायक की सहायता के कारण हम प्रतिदिन नई हिम्मत और सामर्थ के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। हमारी प्रार्थना सदा यही रहे: "परमेश्वर पिता आपके द्वारा दिये गए इस सहायक के लिए आपका बहुत धन्यवाद। हमारी सहायता करें कि आपके दिए सहायक को न हम बुझाएं और न शोकित करें।" - डेनिस डी हॉन


प्रत्येक मसीही विश्वासी का मन पवित्र आत्मा का घर-मन्दिर है।

मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। - युहन्ना १४:१६

बाइबल पाठ: युहन्ना १४:१२-३१

Joh 14:12 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मुझ पर विश्वास रखता है, ये काम जो मैं करता हूं वह भी करेगा, वरन इन से भी बड़े काम करेगा, क्‍योंकि मैं पिता के पास जाता हूं।
Joh 14:13 और जो कुछ तुम मेरे नाम से मांगोगे, वही मैं करूंगा कि पुत्र के द्वारा पिता की महिमा हो।
Joh 14:14 यदि तुम मुझ से मेरे नाम से कुछ मांगोगे, तो मैं उसे करूंगा।
Joh 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।
Joh 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।
Joh 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्‍योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्‍योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
Joh 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।
Joh 14:19 और थोड़ी देर रह गई है कि संसार मुझे न देखेगा, परन्‍तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे।
Joh 14:20 उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में।
Joh 14:21 जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्‍हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।
Joh 14:22 उस यहूदा ने जो इस्‍किरयोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्‍या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं।
Joh 14:23 यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
Joh 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिस ने मुझे भेजा।
Joh 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
Joh 14:26 परन्‍तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
Joh 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
Joh 14:28 तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्‍योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
Joh 14:29 और मैं ने अब इस के होने के पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
Joh 14:30 मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्‍योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
Joh 14:31 परन्‍तु यह इसलिए होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १२३-१२५
  • १ कुरिन्थियों १०:१-१८

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