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Sunday, February 13, 2011

बुद्धिमान योजनाकार

जब प्रसिद्ध चित्रकार और शिल्पकार माईकिलऐंजलो भव्य भवन "St. Peter's Cathedral" पर कार्य कर रहे थे, तो उसके साथ काम करने वाले अन्य लोग उसकी आलोचना करने लगे। उस महान कलाकर ने उन्हें कहा "यदि मैं जो कर रहा हूँ वह तुम्हें समझा भी सकूँ - जो मैं नहीं कर सकता - तौ भी मैं ऐसा करने के लिये बाध्य नहीं हूँ। मैं तुम से केवल इतना ही कहना चाहता हूँ कि मेरी भरसक सहायता करो, और जब काम पूरा हो जाएगा तो तुम्हारी समझ भी आ जाएगा।" इतिहास इस बात का गवाह है कि वह सही था। जो उसके काम की आलोचना कर रहे थे वे अपने अज्ञान के कारण ऐसा कर रहे थे; क्योंकि महान कलाकार के मन की बात वे समझ नहीं पा रहे थे, वे पूरी तस्वीर और उसकी सुन्दरता की कलपना भी नहीं कर पा रहे थे।

कुछ ऐसा ही परमेश्वर की योजनओं के साथ भी है। हमारे सीमित दृष्टिकोण के कारण हमें बहुत सी बातें अनियंत्रित और अनायास प्रतीत होती हैं। जो लोग क्लेष, विरोध और परीक्षाओं से होकर निकलते हैं उनके लिये कई बार परमेश्वर के कार्य और योजनाएं समझ से बाहर होती हैं, लेकिन हमारा स्वर्गीय पिता चाहता है कि चाहे हम उसे और उसके कार्यों को न भी समझ सकें, लेकिन उस पर भरोसा बनाए रखें। क्योंकि परमेश्वर सब कुछ जानता है और आखिरकर उसकी योजना और कार्य का परिणाम भला ही होगा और हम एक दिन परमेश्वर के बुद्धिमान योजनाओं में आनन्दित होंगे।

स्तुति गीतों के लेखक विलियम काउपर ने सर्वज्ञानी और सर्वसामर्थी परमेश्वर की अद्भुत और समझ से परे योजनाओं के लिये अपने एक गीत में लिखा "परमेश्वर रहस्यमय तरीकों से अपने अद्भुत कार्य करता है; वह अपने कदम परिस्थितियों के समुद्र पर स्थिर रखता है और जीवन के तूफानों पर सवारी करता है।"

हमारा परमेश्वर एक बुद्धिमान योजनाकार है, उस पर और उसकी योजनओं पर विश्वास बनाए रखें। - रिचर्ड डी हॉन


जब परमेश्वर कुछ अद्भुत करना चाहता है तो अकसर मुश्किलों से आरंभ करता है।

परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ, और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। - अय्युब २३:१०



बाइबल पाठ:
अय्युब १:१३-२२, ४२:१२-१७

१:१३-२२

एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे।
तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थीं,
कि शबा के लोग धावा करके उनको ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला, और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए, और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्धकर ऊंटों पर धावा करके उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला, और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचणड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दणडवत करके कहा,
मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।


४२:१२-१७

और यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी, और उसके चौदह हजार भेंड़ बकरियां, छ:हजार ऊंट, हजार जोड़ी बैल, और हजार गदहियां हो गईं।
और उसके सात बेटे ओर तीन बेटियां भी उत्पन्न हुई।
इन में से उस ने जेठी बेटी का नाम तो यमीमा, दूसरी का कसीआ और तीसरी का केरेन्हप्पूक रखा।
और उस सारे देश में एंसी स्त्रियां कहीं न थीं, जो अय्यूब की बेटियों के समान सुन्दर हों, और उनके पिता ने उनको उनके भाइयों के संग ही सम्पत्ति दी।
इसके बाद अय्यूब एक सौ चालीस वर्ष जीवित रहा, और चार पीढ़ी तक अपना वंश देखने पाया।
निदान अय्यूब वृद्धावस्था में दीर्घायु होकर मर गया।


एक साल में बाइबल:
  • लैव्यवस्था १४
  • मत्ती २६:५१-७५