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Sunday, May 1, 2011

खुलते द्वार

हमारे शहर के एक अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार में स्वचलित द्वार खोलने वाला यंत्र लगा है। जब मैं अपनी कार द्वार की ओर लेकर बढ़ता हूँ तब द्वार बन्द रहता है, लेकिन जैसे ही कार द्वार के निकट आती है तो द्वार के निकट लगा संवेदक यंत्र द्वार खोल देता है। यदि मैं द्वार के निकट आकर कार को खड़ी कर दूँ तो भी द्वार बन्द रहता है, संवेदक यंत्र केवल चलती हुई कार को पहचान कर ही द्वार खोलता है।

परमेश्वर के साथ विश्वास में चलना भी कुछ ऐसा ही है। जब हम परमेश्वर की आज्ञाकारिता में चलते हों और हमारे सामने कोई बन्द द्वार दिखाई पड़े तो भी हम अपने कदम आगे बढ़ा सकते हैं पूरे विश्वास के साथ कि परमेश्वर सही समय पर द्वार खोल देगा, लेकिन अविश्वास में कदम रोक देना द्वार को खुलने नहीं देगा।

प्रत्येक मसीही विश्वासी अपने जीवन काल में बाधाओं का सामना करता है। परमेश्वर की इच्छा में चलना इस बात की गारण्टी नहीं है कि हमारा मार्ग आसान होगा; लेकिन चाहे कैसा भी कठिन मार्ग हो, हम विश्वास रख सकते हैं कि हमारा प्रभु हमारे साथ हर एक परिस्थिति में बना रहता है और हम विश्वास में आगे बढ़ सकते हैं।

स्तुति के गीतों के एक लेखक ऑस्कर एलिसन ने अपने एक गीत में लिखा, "क्या आप के सामने कोई ऐसी नदी है जिसे पार करना असंभव लगता है? क्या आप के सामने कोई ऐसा पहाड़ है जिसे लांघना असंभव लगता है? परमेश्वर को सौंप दीजिए, वह असंभव को संभव बनाने का विशेष्ज्ञ है!"

किसी ने कहा है कि, "यदि परमेश्वर आपके कदम रखने के एक गज़ आगे तक का भी मार्ग आपको दिखा दे, तो वह मार्ग विश्वास का मार्ग नहीं रहेगा।" अन्जाने मार्ग पर आज्ञाकारिता और विश्वास में उठाया गया कदम ही प्रमाणित करता है कि हम परमेश्वर पर विश्वास में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। उदाहरण स्वरूप इब्राहिम को ही लीजिए, "विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया" (इब्रानियों ११:८)

जैसे जैसे हम उसकी आज्ञाकारिता और उस पर विश्वास में कदम आगे बढ़ाते रहेंगे, वह हमारे हर कदम के लिए मार्ग बनाता रहेगा और बाधाओं के हर द्वार खोलता रहेगा। - पौल वैन गोर्डर


जोखिम और परमेश्वर की सामर्थ के बीच का द्वार ही विश्वास है।

अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है। - इब्रानियों ११:१


बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:१-१२

Heb 11:1 अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
Heb 11:2 क्‍योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्‍छी गवाही दी गई।
Heb 11:3 विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
Heb 11:4 विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया, और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्‍योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
Heb 11:5 विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Heb 11:6 और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्‍योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है।
Heb 11:7 विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
Heb 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Heb 11:9 विश्वास ही से उस ने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Heb 11:10 क्‍योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Heb 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई क्‍योंकि उस ने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्‍चा जाना था।
Heb 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्‍पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १०-११
  • लूका २१:२०-३८