बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Tuesday, June 7, 2011

अनुग्रह की भुजाएं

एक स्त्री जो बहुत कठिन परिस्थितियों से होकर निकल रही थी प्रचारक हिनसन के पास आयी और अपनी परेशानी बताकर कहने लगी कि, "मुझे बड़ा डर है कि मैं कहीं गिर न पड़ूँ।" प्रचारक हिनसन ने उससे कहा, "अच्छा, तो फिर आप गिर क्यों नहीं जातीं?" स्त्री ने पूछा, "यदि मैं गिरी तो कहाँ जाऊंगी?" प्रचारक ने सरल भाव से उत्तर दिया, "आप परमेश्वर की अनन्त बाहों में गिरेंगी। वह सदा अपनी बाहें अपने बच्चों के नीचे फैलाए रहता है, और मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि यदि आप उसकी बाहों में गिरेंगे तो यह तय है कि फिर उन बाहों के घेरे के बाहर कहीं नहीं गिर सकते।"

जब मैं व्यवस्थाविवरण ३३ पढ़ रहा था तो मुझे एडा हैबरशौअन द्वारा लिखा एक पुराना भजन स्मरण आया, "जब मुझे भय हो कि मैं गिर जाऊँगी, तब मसीह मुझे थाम लेगा; जब शैतान मुझ पर प्रबल होना चाहे, तब मसीह मुझे थाम लेगा।"

एक मसीही विश्वासी अपने परमेश्वर पिता की कभी न क्षय होने वाली सामर्थ में निशचिंत होकर आश्रय ले सकता है। परमेश्वर हमें अपने इस संरक्षण का निश्च्य याशायाह ४१:१० में देता है, जहाँ वह कहता है कि, "मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।" हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए प्रार्थना करी, "हे पवित्र पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारी नाई एक हों" (युहन्ना १७:११) - और उसकी प्रार्थना का कभी इन्कार नहीं होगा।

हमारे प्रभु ने हमें परमेश्वर पिता के हाथों में सुरक्षित रखे जाने के लिए सौंप दिया है। अब यदि हम लड़खड़ा कर गिरें भी, तौ भी परमेश्वर के अनन्त अनुग्रह की भुजाओं में ही गिरेंगे। - डेव एग्नर


जब हम ऐसी परिस्थिति में पहुँचें जहाँ परमेश्वर के अलावा और कोई रास्ता न हो, तो हम पाएंगे कि परमेश्वर के अलावा हमें किसी और रास्ते की आवश्यक्ता भी नहीं है।

अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं। वह शत्रुओं को तेरे साम्हने से निकाल देता, और कहता है, उनको सत्यानाश कर दे। - व्यवस्थाविवरण ३३:२७

बाइबल पाठ: भजन २७:१-६

Psa 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है, मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?
Psa 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psa 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरूद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरूद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशिचित रहूंगा।
Psa 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा, कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psa 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा, अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
Psa 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा और उसका भजन गाऊंगा।

एक साल में बाइबल: २ इतिहास २८-२९ यूहन्ना १७