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Wednesday, June 22, 2011

पूरा करने वाला

प्रत्येक मेहनतकश किसी कार्य को भली भांति पूरा करने में गर्व महसूस करता है; यह विचार मुझे तब आया जब मैं अपने एक मित्र के पास उसके निर्माणाधीन मकान को देखने गया। घर की नींव रखी गई थी, दीवारें बन गई थीं, छत डाल दी गई थी और बिजली के तार तथा पानी के पाइप यथास्थान बिछा कर लगा दिये गए थे। लेकिन यह ढांचा अभी घर कहलाने लायक नहीं था; वहाँ काम को पूरा करने वालों की आवश्यक्ता थी। बिना लकड़ी का कार्य करने वालों, अलमारियां बनाने वालों, दीवारों पर रंग की पुताई करने वालों, कालीन बिछाने वालों और मकान की भीतरी सजावट करने वालों के वह मकान अधूरा था। उस ढांचे को घर बनाने के लिए पूरा करने वाले चाहिए थे।

ऐसा लगता है कि भजन ७७ के भजनकार को भी अपने जीवन में अधूरेपन का एहसास हुआ, उसे लगा कि जैसे परमेश्वर ने उसके जीवन मे अपना कार्य रोक दिया है, क्योंकि भजनकार व्याकुलता के साथ कहता है, "क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उस ने क्रोध करके अपनी सब दया को रोक रखा है?" (भजन ७७:९)। कभी कभी अपने जीवनों में हमें भी ऐसा लग सकता है। हमें प्रतीत होगा कि शायद हमारे जीवन से संबंधित योजनाओं पर रोक लग गई है, उन्हें बन्द करके पीछे रख दिया गया है और हमारे जीवन में परमेश्वर का कार्य रुक गया है। लेकिन परमेश्वर कभी अपनी सन्तान के जीवन में अपने कार्य को नहीं रोकता, अपने समयानुसार वह हमें तराशता और संवारता रहता है।

परमेश्वर ने अपनी सन्तान के जीवन में अपने कार्य को जारी रखने के लिए हमें अपना पवित्र आत्मा दिया है, जो प्रत्येक मसीही विश्वासी के अन्दर निवास करता है और हमारा सहायक है। परमेश्वर के आत्मा का हमें पवित्र करने का कार्य मसीह में हमारे विश्वास लाने के क्षण से आरंभ होता है और जैसे जैसे हम अपने "विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर" देखते रहते हैं, उसकी आज्ञाकारिता में रहते हैं, पवित्र आत्मा का कार्य भी हमारे जीवनों में सिद्ध होता जाता है। हमारे जीवनों में पाप आकर इस कार्य को अवरोधित तो कर सकता है परन्तु रोक नहीं सकता, क्योंकि पवित्र आत्मा तब हमें पाप के लिए कायल करके उसके लिए क्षमा माँगने को प्रेरित करता है, और जैसे ही हम यह करते हैं, उसका कार्य फिर से आरंभ हो जाता है। परमेश्वर का कोई कार्य अधूरा कभी नहीं रहता। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वासन देता है कि "मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिस ने तुम में अच्‍छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा भी करेगा" (फिलिप्पियों १:६)।

परमेश्वर ने हमारे जीवन में "पूरा करने वाला" अपना पवित्र आत्मा हमें दिया है, अब हमारा कर्तव्य है उसके साथ संगति और आज्ञाकारिता में बने रहना, शेष वह करेगा। - पौल वैन गोर्डर


परमेश्वर के साथ कदम मिलाए रखिये; उसने आपके जीवन मार्ग के हर कदम की योजना निर्धारित कर रखी है।

और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें... - इब्रानियों १२:२


बाइबल पाठ: इब्रानियों १२:१-४

Heb 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्‍तु, और उलझाने वाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।
Heb 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्‍द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न करके, क्रूस का दुख सहा और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।
Heb 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिस ने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया, कि तुम निराश होकर हियाव न छोड़ दो।
Heb 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो।

एक साल में बाइबल:
  • एस्तर ६-८
  • प्रेरितों ६