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Saturday, October 8, 2011

शान्ति से परिपूर्ण जीवन

   चीन में मिशनरी कार्य करने वाले हड्सन टेलर से मिलने एक पास्टर पहुँचे। टेलर के कार्य के बोझ और फिर भी सदा उन के शान्त बने रहने को देख कर वह पास्टर आश्चर्यचकित थे। एक दिन हिम्मत बांध कर उन्होंने टेलर से कहा, "आप पर लाखों की देख-रेख का बोझ है, मुझ पर कुछ गिने-चुने हुओं का ही; आपको कितने ही अति आवश्यक पत्र लिखने पड़ते हैं, मुझे थोड़े से ही और कम महत्व के। फिर भी मैं चिंतित और परेशान रहता हूँ लेकिन आप सदा शान्त रहते हैं। आपकी इस शान्ति का रहस्य क्या है?" टेलर ने उत्तर दिया, "यदि परमेश्वर की वह शान्ति जो समझ से परे है मेरे हृदय में बसी न हो तो मैं अपना कार्य कभी पूरा नहीं कर सकता।" बाद में उस पास्टर ने टेलर के विष्य में लिखा, "वे सदा परमेश्वर में बने रहते थे, और परमेश्वर उन में। युहन्ना १५ में प्रभु यीशु द्वारा कही गई परमेश्वर में बने रहने की बात के वे सजीव और सच्चे उदाहरण थे।"

   यदि हम चिंतित, अशान्त और भयभीत होते हैं और उस शान्ति की लालसा रखते हैं जिसके बारे में प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा, तो हड्सन टेलर के समान हमें मसीह में बने रहने का पालन करना चहिए। इसका तात्पर्य है कि हम लगातार मसीह के सम्पर्क में रहें, जिससे उसका शान्त स्वभाव हमारे जीवनों को प्रभावित करता रहे। मसीह में बने रहने के मार्ग का आरंभ होता है हर ऐसे पाप का अंगीकार कर लेने से, जिस के बारे में हम जानते हों, और उसकी क्षमा मांग कर उसका तिरिस्कार कर लेने द्वारा; इसके बाद अपने आप को पूर्णतः उसे समर्पित करके हर बात में विश्वासयोग्यता से उसकी ओर देखना और उसी की सामर्थ द्वारा सब कुछ करना। अर्थात सदा सर्वदा हर बात के लिए पूर्णतः उस पर निर्भर रहना।

   यदि हम मसीह में बने रहना सीख लेंगे तो शान्ति के आनन्द से भरा जीवन बिताने वाले हो जाएंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जब मसीह मन में राज्य करेगा, तो मन शान्ति से भर जाएगा।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - युहन्ना १४:२७
 
बाइबल पाठ: १४:२७-१५-७
    Joh 14:27  मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
    Joh 14:28  तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्‍योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
    Joh 14:29  और मैं ने अब इस के होने के पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
    Joh 14:30  मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्‍योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
    Joh 14:31  परन्‍तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।
    Joh 15:1  सच्‍ची दाखलता मैं हूं और मेरा पिता किसान है।
    Joh 15:2  जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
    Joh 15:3  तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
    Joh 15:4  तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
    Joh 15:5  में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्‍योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
    Joh 15:6  यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है, और लोग उन्‍हें बटोर कर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
    Joh 15:7  यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३०-३१ 
  • फिलिप्पियों ४