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मंगलवार, 6 मार्च 2012

क्या भलाई में हैं?

   हाई स्कूल के बच्चे एक प्रोग्राम में गीत प्रस्तुत कर रहे थे, गीत था होरेशियो स्पैफ़ोर्ड का प्रसिद्ध स्तुति गीत "It is Well With My Soul" (मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है); गीत आरंभ करने से पहले गीत मंडली से एक बच्चा सामने आया और इस गीत का इतिहास और पृष्ठभूमि उपस्थित दर्शकों को बताई। स्पैफोर्ड ने जब यह गीत लिखा तब वह पानी के जहाज़ पर उस स्थान पर था जहाँ उसकी चार बेटियाँ एक हादसे का शिकार हो कर चल बसी थीं।

   गीत के उस परिचय और फिर उस गीत के शब्द सुनने के बाद मेरे मन में भावनाओं की बाढ़ सी आ गई। यह जानने के बाद कि स्पैफोर्ड कि चार बेटियाँ चल बसी थीं और फिर स्पैफोर्ड के विश्वास के शब्द सुनकर तो मेरे लिए अपने आप को संभाल पाना कठिन हो गया; अपनी एक बेटी को खोने का ग़म ही मेरे लिए बहुत था, चार बेटियों का ग़म उसने कैसे सहन किया और फिर इतने विश्वास का यह गीत लिखा? ऐसे बड़े दुख में स्पैफोर्ड कैसे कहने पाया कि उसकी आत्मा शांति से और भलाई में ही है?

   गीत में मैंने वह पंक्ति सुनी, "When Peace Like a River Attendeth My Way" (जब शांति मेरी ओर एक नदी के समान प्रवाहित होती है), तो मुझे ध्यान आया कि मेरी शांति का स्त्रोत कहाँ है। साथ ही मुझे प्रेरित पौलुस के शब्द भी स्मरण हो आए "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६, ७)।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए उसकी शांति का स्त्रोत है उसका प्रभु यीशु; जब हम सच्चे दिल से निकली प्रार्थना में अपनी हर बात विश्वास के साथ अपने प्रभु परमेश्वर के सामने रख देते हैं और अपने दिल के बोझ, चिंताएं और दुख उसे सौंप देते हैं, तो एक वर्णन और समझ से बाहर शांति हमारी आत्मा में आ जाती है। यह वह शांति है जो परिस्थित्यों को समझने की हमारी क्षमता से परे है, यह शांति हमारे मनों की सुरक्षा करती है; तथा हर बात में प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें सक्षम करती है कि हम भी कह सकें "मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है।" - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु कभी कोई गलती नहीं करते।

तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। फिलिप्पियों ४:७

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ४:४-९
Php 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Php 4:5  तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Php 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Php 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।
Php 4:8  निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगया करो।
Php 4:9  जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण १-२ 
  • मरकुस १०:१-३१

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