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Saturday, June 30, 2012

बचाए गए

   दक्षिणी अफ्रीका के अखबार The Cape Times में छपी एक खबर के अनुसार एक दक्षिणी अफ्रीकी आदमी ने अचानक आकर उसका घर लूटने आए हुए ९ चोरों को चकित कर दिया और उन में से ७ भाग खड़े हुए, लेकिन शेष दो को घर के मालिक ने अपने घर के पिछवाड़े में बने स्विमिंग पूल में धकेल दिया। यह देख कर कि उन में से एक चोर को तैरना नहीं आता, घर मालिक का मालिक स्विमिंग पूल में कूदा और उसे डूबने से बचा लिया। स्विमिंग पूल से बाहर निकलने पर उस चोर ने अपने बाकी साथियों को आवाज़ लगाई और अपने बचाने वाले पर चाकू लगाकर उसे धमकाने लगा। घर के मालिक ने बताया, "क्योंकि हम उस समय पूल के किनारे ही खड़े थे, इसलिए मैं ने उसे फिर से पूल में धक्का दे दिया। लेकिन फिर से उसे डूबने से बचने के लिए फड़फड़ाता देख मुझ से रहा नहीं गया और मैं ने पानी में कूद कर फिर से उसे बचा लिया।"

   परमेश्वर के वचन में कुलुस्सियों के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस प्रेरित एक और बचाए जाने का वर्णन करता है: कैसे पिता परमेश्वर ने उन विश्वासियों को अंधकार के राज्य से छुड़ा लिया। इस बात के लिए पौलुस लिखता है कि: "पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में संभागी हों। उसी ने हमें अन्‍धकार के वश से छुड़ा कर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया" (कुलुस्सियों १:१२-१३); अर्थात मसीही विश्वासी शैतान के राज्य से छुड़ाए जाकर, अन्धकार की शक्तियों से स्वतंत्र होकर, मसीह यीशु के शांति के राज्य में स्वतंत्रता से रहने के लिए लाए गए हैं। प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरूत्थान के द्वारा मसीही विश्वासी ज्योति के राज्य के स्वतंत्र नागरिक बन गए।

   ऐसे अद्भुत अनुग्रह के लिए परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ रहने के संबंध में इब्रानियों का लेखक लिखता है: "इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है" (इब्रानियों १२:२८)।

   हम जो पाप और अनन्त अन्धकार के साम्राज्य से परमेश्वर के अनुग्रह द्वारा बचाए गए हैं, हमारा कर्तव्य है कि हम सदा भय और भक्ति सहित परमेश्वर को ग्रहण योग्य आराधना और सेवकाई अर्पित करते रहें। - मार्विन विलियम्स


क्रूस के द्वारा प्रभु यीशु ने उपद्रवी और बैरियों को बचाया और स्वतंत्र किया, पाप के दण्ड से उनका उद्धार किया।

उसी ने हमें अन्‍धकार के वश से छुड़ा कर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। - कुलुस्सियों १:१३

बाइबल पाठ: - कुलुस्सियों १:१२-२३
Col 1:12  और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में संभागी हों।
Col 1:13  उसी ने हमें अन्‍धकार के वश से छुड़ा कर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Col 1:14  जिस से हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्‍त होती है।
Col 1:15  वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Col 1:16  क्‍योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्‍वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्‍या सिंहासन, क्‍या प्रभुतांए, क्‍या प्रधानताएं, क्‍या अधिकार, सारी वस्‍तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Col 1:17  और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्‍तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Col 1:18  और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
Col 1:19  क्‍योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।
Col 1:20  और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप करके, सब वस्‍तुओं को उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्‍वर्ग में की।
Col 1:21  और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।
Col 1:22  ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।
Col 1:23  यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया? और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।


एक साल में बाइबल: 

  • अय्युब १७-१९ 
  • प्रेरितों १०:१-२३

Friday, June 29, 2012

उद्देश्य

   एक परंपरा के अनुसार, जब प्रेरित पौलुस को सन ६७ में सिर कलम कर के मृत्युदण्ड दिया गया तो उसके बाद उसके शरीर को रोम ही में दफना भी दिया गया। सन २००९ में वैज्ञानिकों ने उसके शरीर के कई संभावित अवशेषों पर परीक्षण किए, जिनसे यह तो पता चला कि वे अवशेष प्रथम या दुसरी शताब्दी के हैं, लेकिन यह प्रमाणित नहीं हुआ कि उन में से कोई भी अवशेष पौलुस ही का है। लेकिन इस से कोई फर्क नहीं पड़ता, पौलुस की अस्थियां चाहे जहां भी हों, उसका दिल तो हमारे साथ है - परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखी उसकी पत्रियों के रूप में।

   मारे जाने से पहले, जब वह रोम में कैद में था, तब पौलुस ने फिलिप्पियों के मसीही विश्वासियों को अपने जीवन के उद्देश्य के बारे में लिखा था। उसने लिखा, "मैं तो यही हार्दिक लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्जित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं वा मर जाऊं। क्‍योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है" (फिलिप्पियों १:२०-२१)।

   आज भी पुलुस के ये शब्द हमें अपने हृदयों को जांचने की चुनौती देते हैं; क्या मसीह यीशु के लिए हमारा प्रेम भी उस के प्रेम के समान है? क्या हमारे जीवन का उद्देश्य भी प्रतिदिन और हर परिस्थिति में अपने प्रभु को आदर देते रहना है, जैसा उसका था? हमारे संसार से कूच कर जाने के बाद संसार या हमारे सगे-संबंधी हमें किस बात के लिए स्मरण करेंगे?

   हमारा उद्देश्य और प्रयास होना चाहिए कि पौलुस के समान हम भी आशा और प्रोत्साहन देने वाली एक ऐसी विरासत छोड़ जाएं जो मसीह यीशु पर आधारित हो और हमारे पीछे भी बहुतों को प्रोत्साहित करती रहे, उन का मार्गदर्शन करती रहे। - डेविड मैक्कैसलएंड


जो हमारे जीवनों को पढ़ते हैं, हम उन के लिए मसीह की पत्रियां हैं।

मैं तो यही हार्दिक लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्जित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं वा मर जाऊं। - फिलिप्पियों १:२०

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों १:१२-२१
Php 1:12  हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है।
Php 1:13  यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं।
Php 1:14 और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं।
Php 1:15  कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से।
Php 1:16  कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
Php 1:17 और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्‍पन्न करें।
Php 1:18 सो क्‍या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्‍चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी।
Php 1:19 क्‍योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा।
Php 1:20  मैं तो यही हार्दिक लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्ज़ित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं वा मर जाऊं।
Php 1:21  क्‍योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।


एक साल में बाइबल: 

  • अय्युब १४-१६ 
  • प्रेरितों ९:२२-४३

Thursday, June 28, 2012

विषाक्त जीवन

   अमेरिका के ओक्लोहोमा प्रांत का पिचर नगर अब नहीं रहा। मध्य-२००९ में २०,००० की आबादी वाला यह व्यवसायिक नगर बरबाद हो गया। २०वीं श्ताबदी के आरंभ में पिचर बहुतायत का नगर था, क्योंकि वहां की धरती में सीसा और जस्ता पाया जाता था और दोनो विश्वयुद्धों में अमेरिका के हथियार बनाने के उद्योग को इन दोनो ही खनीज़ों की आवश्यक्ता थी। मज़दूर वहां की खानों में काम करते और अयस्क को निकालते थे, खानों के मालिक भरपूरी से पैसा कमाते थे।

   कुछ समय बाद जब धरती से सीसा और जस्ता समाप्त होने लगे तो नगर की अर्थव्यवस्था भी बैठने लगी और नगर शिथ