ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

मार्गनिर्देशक


   क्या कभी आपने इस बात पर विचार किया कि वायुयान चालक एक स्थान से दूसरे स्थान तक वायुयान को कैसे ले जा पाते हैं? यह सम्भव होता है एक विमान दिशानिर्देशन और संचालन पद्वति के द्वारा जिसका अविषकार १९५० में हुआ था, और जो आज भी वायुयानों को उनके गन्तव्य स्थानों तक पहुँचाने में कारगर है। इस पद्वति के अन्तर्गत वायुयान चालक अपने सूचक यंत्र पर एक दिशा निर्धारित करता है, और यदि वायुयान उस निर्धारित दिशा से इधर-उधर होता है तो वह यन्त्र चालक को दिखा देता है कि वायुयान मार्ग से हट रहा है, जिससे चालक यान को पुनः सही दिशा में ला सके।

   यशायाह भविष्यद्वक्ता के दिनों में इस्त्राएल को एक सही दिशा सूचक की आवश्यक्ता थी, और परमेश्वर ने उनके लिए वह मार्गदर्शक बनना चाहा। परन्तु परमेश्वर की चेतावनियों के बावजुद इस्त्राएल ने परमेश्वर की बजाए मिस्त्र के साथ संधि कर ली (यशायाह ३०:१-२)। लेकिन परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में इस्त्राएल से वायदा किया कि एक दिन वह ही उनका मार्गनिर्देशक होगा: "और जब कभी तुम दाहिनी वा बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो" (यशायाह ३०:२१)।

   आज प्रत्येक मसीही विश्वासी को परमेश्वर ने एक आंतरिक मार्गनिर्देशक प्रदान किया है जो उसके अन्दर रहकर उसका मार्गदर्शन करता रहता है। प्रभु यीशु ने अपनी पवित्र आत्मा अपने प्रत्येक विश्वासी को उसके मार्गदर्शन के लिए दीया है: "परन्‍तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा..." (यूहन्ना १६:१३)। यदि आपको अपने जीवन की दिशा निर्धारित करने के लिए मार्गदर्शन चाहिए तो इधर-उधर ताकने की आवश्यक्ता नहीं है, परमेश्वर द्वारा प्रदित मार्गनिर्देशक पर विश्वास रखें और उससे दिशा निर्देशन लें; वह आपको सदा सही दिशा ही दिखाएगा। - सी. पी. हिया


परमेश्वर का पवित्र आत्मा प्रत्येक मसीही विश्वासी का सच्चा मार्गदर्शक है।

परन्‍तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्‍योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्‍तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आने वाली बातें तुम्हें बताएगा। - यूहन्ना १६:१३

बाइबल पाठ: यशायाह ३०:१५-२२
Isa 30:15  प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहने और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया, 
Isa 30:16  तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करने वाले उस से भी तेज होंगे। 
Isa 30:17  एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे वा टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं। 
Isa 30:18  तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।
Isa 30:19  हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा। 
Isa 30:20  और चाहे प्रभु तुम्हें विपत्ति की रोटी और दु:ख का जल भी दे, तौभी तुम्हारे उपदेशक फिर न छिपें, और तुम अपनी आंखों से अपने उपदेशकों को देखते रहोगे। 
Isa 30:21  और जब कभी तुम दाहिनी वा बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। 
Isa 30:22  तब तुम वह चान्दी जिस से तुम्हारी खुदी हुई मूर्त्तियां गढ़ी हैं, और वह सोना जिस से तुम्हारी ढली हुई मूर्त्तियां आभूषित हैं, अशुद्ध करोगे। तुम उनको मैले कुचैले वस्त्र की नाईं फेंक दोगे और कहोगे, दूर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक ७-९ 
  • २ कुरिन्थियों १३

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें