ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गुरुवार, 6 सितंबर 2012

परमेश्वर के हाथ


   अपने १०१वें जन्मदिन पर जैक बोर्डन प्रातः ५ बजे उठे, अच्छा भरपेट नाश्ता किया और ६:३० बजे अपने दफतर काम करने के लिए पहुँच गए। जब उनसे उनकी लंबी उम्र का राज़ पूछ गया तो इस उम्र में भी कार्यरत इस पेशेवर वकील ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया - "ना मरना"।

   लेकिन बात इससे कुछ और भी आगे है - एक पत्रकार से साक्षात्कार में श्रीमान बोर्डन, जो परमेश्वर में विश्वास करने वाले मसीही विश्वासी हैं और जिन्होंने ११ वर्ष की आयु में अपने विश्वास के अंगीकार के लिए बपतिस्मा लिया था, ने कहा: "मैं यह दृढ़तापूर्वक मानता हूँ कि परमेश्वर का हाथ हर बात में होता है। कुछ कारण है कि वह मुझे जीवित रखे हुए है। जब तक मैं जीवित हूँ, मैं वही करने का प्रयास करता हूँ जो वह चाहता है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक पुरोहित एज़्रा ने भी परमेश्वर के भले हाथ को अपने ऊपर अनुभव किया, जब उसे एक दल का नेतृत्व करके उन्हें यरुशलेम लेकर जाना था ताकि वहां उस नगर और मन्दिर का पुनःनिर्माण कर रहे पूर्व बन्धुओं को आत्मिक नेतृत्व प्रदान कर सके (एज़्रा ७:९-१०)। एज़्रा ने, हर कदम पर परमेश्वर की उनके साथ बनी हुई उपस्थिति से सामर्थ पाई: "और मुझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मैं ने हियाव बान्धा, और इस्राएल में से मुख्य पुरुषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें" (एज़्रा ७:२८)।

   जब हम अपने जीवनों में कार्यरत परमेश्वर के हाथ को देखने लगते हैं तो हमारे हृदय की गहराईयों से उसके लिए धन्यवाद उमड़ने लगता है, और साथ ही उसके लिए कार्यकारी रहने की लालसा भी। डेविड मैक्कैसलैंड


यदि आप पहचानेंगे के परमेश्वर का हाथ सब बातों में है, तो आप सब बातें परमेश्वर के हाथों में डालने से नहीं हिचकिचाएंगे।

पहिले महीने के पहिले दिन को वह बाबेल से चल दिया, और उसके परमेश्वर की कृपादृष्टि उस पर रही, इस कारण पांचवें महीने के पहिले दिन वह यरूशलेम को पहुंचा। - एज़्रा ७:९

बाइबल पाठ: एज़्रा ७:६-१०;२७-२८
Ezr 7:6  यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विष्य जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। और उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुंह मांगा वर दे दिया। 
Ezr 7:7  और कितने इस्राएली, और याजक लेवीय, गवैये, और द्वारपाल और नतीन के कुछ लोग अर्तझत्र राजा के सातवें वर्ष में यरूशलेम को ले गए। 
Ezr 7:8  और वह राजा के सातवें वर्ष के पांचवें महीने में यरूशलेम को पहुंचा। 
Ezr 7:9  पहिले महीने के पहिले दिन को वह बाबेल से चल दिया, और उसके परमेश्वर की कृपादृष्टि उस पर रही, इस कारएा पांचवें महीने के पहिले दिन वह यरूशलेम को पहुंचा। 
Ezr 7:10  क्योंकि एज्रा ने यहोवा की व्यवस्था का अर्थ बूझ लेने, और उसके अनुसार चलने, और इस्राएल में विधि और नियम सिखाने के लिये अपना मन लगाया था। 
Ezr 7:27  धन्य है हमारे पितरों का परमेश्वर यहोवा, जिस ने ऐसी मनसा राजा के मन में उत्पन्न की है, कि यहोवा के यरूशलेम के भवन को संवारे, 
Ezr 7:28  और मुझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मैं ने हियाव बान्धा, और इस्राएल में से मुख्य पुरुषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १४८-१५० 
  • १ कुरिन्थियों १५:२९-५८

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें