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Sunday, February 5, 2012

निहारना

   अपने जीवन की संध्या में मैं केवल पेड़ों को बढ़ते हुए देखना चाहता हूँ। तीस से भी अधिक साल पहले मैंने अपने आंगन में एक पौधा लगाया था। आज हमारी खिड़की के बाहर वह अपनी परिपक्वता की भव्यता में खड़ा है, हर ऋतु में सुन्दर। मैं उसे निहारते रहना चाहता हूँ।

   हमारे आत्मिक प्रयासों के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है। हम ने कई छोटे "पौधे" लगाए होंगे - वे लोग, हमने जिन को आत्मिक जीवन की शिक्षाएं दीं, उन्हें सींचा, ध्यान से उनकी देख भाल करी, उनका पोषण किया। हम "पौधे" तो लगा सकते हैं परन्तु उन पौधों को "पेड़" बनाना परमेश्वर ही कर सकता है।

   कभी कभी मुझे उन लोगों से कोई सन्देश आता है जिन्हें मैंने कई वर्ष पहले सिखाया था, और मैं यह जानकर आनन्दित होता हूँ कि अब वे बढ़ कर परिपक्व हो गए हैं और परमेश्वर के द्वारा बहुत उपयोग करे जा रहे हैं - मेरी किसी सहायता के बिना। यह मुझे हलके से समझाता है कि मेरा कार्य पौधा लगाना और कुछ समय के लिए उसे सींचने का हो सकता है, और उन्हें सिखाने का कि वे "प्रेम में सच्‍चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जा सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं" (इफिसीयों ४:१५); किंतु केवल परमेश्वर ही है जो उन्हें बढ़ा कर परिपक्व फलदायी पेड़ बना सकता है (१ कुरिन्थियों ३:६-७)।

   जर्मन धर्मशास्त्री हेलमुट थेइलिके ने लिखा, "वह मनुष्य जो समयानुसार अपनी पकड़ ढीली करना नहीं जानता, जो परमेश्वर में शांति और विश्वास के आनन्द को नहीं जानता - उसमें जो अपने उद्देश्य हमारी सहायता के बिना (या हमारे बावजूद) करना जानता है, उसके हाथों में छोड़ना नहीं जानता जो पौधों को पेड़ बना देता है...ऐसा मनुष्य अपने बुढ़ापे में केवल एक निराश और दुखी मनुष्य ही हो सकता है।"

   इसलिए, अब मेरी उम्र में शायद मैं एक-दो "पौधे" लगा लूँ और उनकी देखभाल करूं, लेकिन मुख्यतः मेरा समय तो "पेड़ों" को निहारने में ही गुज़रेगा। - डेविड रोपर

जो मसीह में आगे बढ़ते हैं वे औरों को भी आगे बढ़ाते हैं।

वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है। - भजन १:३

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ३:४-११

1Co 3:4  इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्‍या तुम मनुष्य नहीं?
1Co 3:5  अपुल्लोस क्‍या है और पौलुस क्‍या केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया।
1Co 3:6  मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्‍तु परमेश्वर ने बढ़ाया।
1Co 3:7  इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।
1Co 3:8  लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्‍तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा।
1Co 3:9  क्‍योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।
1Co 3:10  परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्‍तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है।
1Co 3:11  क्‍योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।
 
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन ३६-३८ 
  • मत्ती २३:१-२२