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Thursday, February 16, 2012

संवेदनशील

   अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को और न्यूयॉर्क शहरों में, शहर में जल आपूर्ति की शुद्धता की जाँच के लिए, एक विशेष प्रकार की मछली, ’ब्लूगिल’ का प्रयोग किया जा रहा है। ब्लूगिल मछली की विशेषता है कि पानी में अगर ज़रा सी मात्रा में भी विषाक्त पदार्थ होंगे तो वह प्रतिक्रीया करेगी। इसलिए शहर में भेजे जाने वाले जल का एक भाग पहले ब्लूगिल मछलीयों वाली टंकी में भेजा जाता है, और शुद्धता प्रमाणित होने पर ही उसे शहर में जल आपूर्ति के लिए प्रवाहित किया जाता है। आतंकवादियों द्वारा जल में मिला कर शहर के लोगों को किसी विषाक्त वस्तु द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने से बचने का यह एक महत्वपूर्ण तरीका है।

   इन ब्लूगिल मछलियों के विषाक्त वस्तुओं की ज़रा सी मात्रा के प्रति संवेदनशील होने के समान ही परमेश्वर चाहता है कि उसके विश्वासी भी प्रत्येक गलत शिक्षा और अनुचित धार्मिक धारणा के प्रति संवेदनशील बनें और उनके नुकसान से बचने के लिए प्रतिक्रिया करें। प्रेरित पौलुस ने गलतिया के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में समझाया कि वे सुसमाचार में करी जा रही प्रत्येक मिलावट और अशुद्धता को पहचानें और उससे बच कर रहें। प्रत्येक ऐसी शिक्षा जो सिखाती है कि परमेश्वर लोगों को उनके ’धर्म के कार्यो’ और उनकी ’धर्म के नियमों की आज्ञाकारिता’ के कारण ग्रहण करता है, ना कि उनके द्वारा प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास और पश्चाताप से मिलने वाली पापों की क्षमा के कारण, वह सुसमाचार में घातक विषाक्त वस्तु की मिलावट है और गलतिया के उन विश्वासियों को इसके प्रति संवेदनशील होना है और इसे सुधारने तथा इसके दुषप्रभावों से बचने के लिए प्रतिक्रीया करनी है। पौलुस ने ऐसी शिक्षाएं फैलाने वालों के लिए कहा, "परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परन्‍तु यदि हम या स्‍वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो। जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो..." (गलतियों १:७-९)।

   सुसमाचार और परमेश्वर के वचन में मिलावट के प्रयास नए नहीं हैं। इसलिए प्रत्येक मसीही विश्वासी को इसके प्रति संवेदनशील होना है, सचेत और सजग रहना है, कहीं किसी गलत शिक्षा द्वार हम बहकाए ना जाएं और नुकसान उठाएं। इसका एक ही रास्ता है - परमेश्वर के साथ बैठकर परमेश्वर के वचन बाइबल का नित अध्ययन करना, और उसकी शिक्षाओं को अपने जीवनों में लागू करना। तब ही हम गलत शिक्षा की विषाक्त मिलावट के प्रति संवेदनशील होकर उसे पहचान सकेंगे और उद्धार के अद्भुत सुसमाचार का सही प्रचार और प्रसार कर सकेंगे। - मार्विन विलियम्स


यदि आप सत्य को जानते हैं तब ही असत्य को पहचान सकते हैं।

परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। - गलतियों १:७
बाइबल पाठ: गलतियों १:३-१२
Gal 1:3  परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनु्ग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Gal 1:4  उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्‍छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए।
Gal 1:5  उस की स्‍तुति और बड़ाई। युगानुयुग होती रहे। आमीन।
Gal 1:6  मुझे आश्‍चर्य होता है, कि जिस ने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उस से तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे।
Gal 1:7  परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं।
Gal 1:8  परन्‍तु यदि हम या स्‍वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।
Gal 1:9  जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित