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Thursday, March 8, 2012

आनन्द के कारण

   मुझे एक कहानी याद आती है - एक लड़का समुद्र तट पर घूम रहा था। उसने देखा कि लहरों के वेग से पानी में से बहकर अनेक स्टार फिश तट की रेत पर आ गई हैं और दिन की गर्मी में मरती जा रही हैं। उसने चलते चलते उन्हें उठा कर वापस पानी में फेंकना आरंभ कर दिया। एक और तट पर घूमने वाले ने उससे पूछा कि वह यह क्या कर रहा है, तो लड़का बोला, इनका जीवन बचा रहा हूँ। तब वह व्यक्ति बोला, "क्या फायदा है? यहाँ इतनी पड़ी हैं कि उन्हें तुम वापस नहीं डाल पाओगे।" लड़के ने उत्तर दिया, "आप ठीक कहते हैं, मैं सब को नहीं बचा सकता, किंतु जिस एक को बचा सकता हूँ, उसके लिए तो यह जीवन और मरण की बात है; उसके लिए तो इससे महत्वपूर्ण और कुछ नहीं है।"

   मुझे उस लड़के का जीवन के प्रति दृष्टीकोण बहुत पसंद आया। मैं और मेरा मित्र मार्टी हाल ही में विश्व भ्रमण पर निकले और संसार के प्रमुख शहरों में से कुछ में से होकर निकले। हम यह देख कर स्तब्ध थे  कि संसार के हर स्थान में लोगों के जीवन में पाप की कितनी गहरी पैठ है; कैसे करोड़ों लोग प्रभु यीशु मसीह और उसमें मिलने वाले सेंतमेंत उद्धार के बारे में अनजान हैं और अपने पापों में नाश हुए जा रहे हैं। इस संसार को उद्धार के सुसमाचार को बताने के विचार ने मुझे अभिभूत कर दिया।

   मानव जब पाप के प्रवाह में बहकर परमेश्वर के करुणासागर से दूर हो गया तो उसे पाप में छटपटाने और मरने से बचाने के लिए परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में उद्धारकर्ता करके भेजा, कि जो कोई उसपर विश्वास लाए और पापों से पश्चाताप करे वह नाश ना हो वरन अनन्त जीवन पाए। जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका १५ में प्रभु यीशु ने बताया, जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करता है, स्वर्ग में बड़ा आनन्द मनाया जाता है: "मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं" (लूका १५:७)।

   क्या स्वर्ग ने आप के मन फिराने का आनन्द मनाया है? यदि नहीं, तो अभी भी आपके पास अवसर है कि ना केवल स्वयं आनन्द का कारण बनें वरन उन लोगों में भी सम्मिलित हो जाएं जो दूसरों को परमेश्वर के अनुग्रह के करुणासागर में लाकर पाप और अनन्त मृत्यु से बचाने वाले लोग हैं। - जो स्टोवैल

यदि आप बचाए गए हैं तो आप दूसरों को बचाने की भी चाह रखेंगे।

"मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं। - लूका १५:७
 
बाइबल पाठ: लूका १५:१-७
Luk 15:1  सब चुंगी लेनेवाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
Luk 15:2  और फरीसी और शास्त्री कुडकुडाकर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luk 15:3 तब उस ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा।
Luk 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
Luk 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्‍द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
Luk 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
Luk 15:7 मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ५-७ 
  • मरकुस ११:१-१८