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Monday, March 26, 2012

आदर के योग्य

   एक राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता के आरंभ में, खेल आरंभ होने से ठीक पहले कुर्ट वार्नर को उस वर्ष के सबसे अच्छे फुटबाल खिलाड़ी होने के लिए सम्मानित किया गया और पुरुस्कार दिया गया। यह वह सम्मान और पुरुस्कार था जो ना केवल खेल मैदान में उत्तम खेल के लिए वरन खेल मैदाने से बाहर अच्छे व्यवहार और समाज सेवा में किए गए प्रयासों के आधार पर दिया जाता है। पुरुस्कार ग्रहण करते समय कुर्ट ने, जो एक समर्पित मसीही विश्वासी भी है, कहा: "मैं नतमस्तक हूँ, परमेश्वर ने मुझे ऐसा अद्भुत जीवन दिया है जो दुसरों को प्रभावित करता है। मिल सकने वाले सभी सम्मानों और पुरुस्कारों में यह सम्मान और पुरुस्कार अलग ही स्थान रखता है, क्योंकि जिस बात का यह प्रतीक है, वह अनू्ठी है।" वह पुरुस्कार और सम्मान दूसरों के प्रति समर्पित होने और दूसरों के लिए उपयोगी होने के लिए था।

   जो दूसरों की सेवा करते हैं उनको सम्मानित करना कोई नई बात नहीं है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी इस का कई स्थानों पर वर्णन है। प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें स्मरण कराया कि जिन्होंने मसीह यीशु की सेवा के लिए अपने आप को समर्पित किया है उनका आदर करें। उसने उन्हें एक मसीही सेवक इपफ्रुदीतुस का स्मरण कराया, जिसने अपनी जान पर खेल कर मसीही विश्वासियों और फिलिप्पी के निवासियों की सेवा करी थी; और कहा के ऐसे सेवकों को सदा सम्मान और आदर की दृष्टि से देखें (फिलिप्पियों २:२९, ३०)। स्पष्ट है कि जब भी हम उन लोगों के बारे में ध्यान करें जो हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की सेवाकाई में लगे हैं तो उन्हें अपने आदर और प्रशंसा तथा प्रोत्साहन का पात्र भी जाने।

   क्यों ना आज उन सेवकों को स्मरण करें जिन्होंने आपके लिए सेवकाई की है और उन्हें आदर दें, उन्हें अपना आभार प्रकट करें और धन्यवाद दें। - बिल क्राउडर


जब हम उनका आदर करते हैं जो परमेश्वर की सेवा करते हैं, तो हम परमेश्वर का भी आदर करते हैं।

इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्‍द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना। क्‍योंकि वही मसीह के काम के लिये अपने प्राणों पर जोखिम उठा कर मरने के निकट हो गया था... - फिलिप्पियों २:२९, ३०

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों २:१९-३०
Php 2:19  मुझे प्रभु यीशु में आशा है, कि मैं तीमुथियुस को तुम्हारे पास तुरन्‍त भेजूंगा, ताकि तुम्हारी दशा सुनकर मुझे शान्‍ति मिले।
Php 2:20  क्‍योंकि मेरे पास ऐसे स्‍वाभाव का कोई नहीं, जो शुद्ध मन से तुम्हारी चिन्‍ता करे।
Php 2:21  क्‍योंकि सब अपने स्‍वार्थ की खोज में रहते हैं, न कि यीशु मसीह की।
Php 2:22   पर उसको तो तुम ने परखा और जान भी लिया है, कि जैसा पुत्र पिता के साथ करता है, वैसा ही उस ने सुसमाचार के फैलाने में मेरे साथ परिश्रम किया।
Php 2:23  सो मुझे आशा है, कि ज्योंही मुझे जान पड़ेगा कि मेरी क्‍या दशा होगी, त्योंही मैं उसे तुरन्‍त भेज दूंगा।
Php 2:24   और मुझे प्रभु में भरोसा है, कि मैं आप भी शीघ्र आऊंगा।
Php 2:25   पर मैं ने इपफ्रुदीतुस को जो मेरा भाई, और सहकर्मी और संगी योद्धा और तुम्हारा दूत, और आवश्यक बातों में मेरी सेवा टहल करने वाला है, तुम्हारे पास भेजना अवश्य समझा।
Php 2:26  क्‍योंकि उसका मन तुम सब में लगा हुआ था, इस कारण वह व्याकुल रहता था क्‍योंकि तुम ने उस की बीमारी का हाल सुना था।
Php 2:27  और निश्‍चय वह बीमार तो हो गया था, यहां तक कि मरने पर था, परन्‍तु परमेश्वर ने उस पर दया की; और केवल उस ही पर नहीं, पर मुझ पर भी, कि मुझे शोक पर शोक न हो।
Php 2:28  इसलिये मैं ने उसे भेजने का और भी यत्‍न किया कि तुम उस से फिर भेंट करके आनन्‍दित हो जाओ और मेरा शोक घट जाए।
Php 2:29  इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्‍द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना।
Php 2:30  क्‍योंकि वही मसीह के काम के लिये अपने प्राणों पर जोखिम उठाकर मरने के निकट हो गया था, ताकि जो घटी तुम्हारी ओर से मेरी सेवा में हुई, उसे पूरा करे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू २२-२४ 
  • लूका ३