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Thursday, May 10, 2012

स्वर्ग का एहसास

   कुछ समय पहले मेरी पत्नी की मुलाकात एक महिला से हुई जिसे यात्रा में सहायता की आवश्यक्ता थी। मेरी पत्नी को लगा कि यह बात परमेश्वर की ओर से है, और उसने उस महिला को अपनी कार में बैठा लिया। यात्रा के दौरान हुई बातचीत में उस महिला ने बताया कि वह भी एक मसीही विश्वासी है लेकिन मादक पदार्थों की लत से निकलने के लिए जूझ रही है। मेरी पत्नी ने प्रेम और आदर के साथ इस दुखी महिला की बातें सुनीं और उस के साथ बातचीत भी करी, उस के विश्वास को बढ़ाया। उस दुखी जन को उसकी हर परिस्थिति में उसके साथ बनी हुई परमेश्वर कि उपस्थिति का तथा स्वर्ग का एहसास कराने के साथ, मेरी पत्नी ने उसे एक अच्छे भविष्य की आशा भी दी।

   जब परमेश्वर ने मूसा को अपने निर्देशों के अनुसार एक पवित्र स्थान बनाने के लिए कहा, तो उसका एक उद्देश्य यह भी था कि उसके लोग उन के मध्य उस की उपस्थिति के एहसास के साथ रहें। बाद में जब राजा सुलेमान ने परमेश्वर के मन्दिर को बनवाया, तो उस के द्वारा भी लोगों को अपने बीच परमेश्वर के निवास के एहसास होता था (१ राजा ५-८)। फिर परमेश्वर का वह सिद्ध पवित्र स्थान, प्रभु यीशु मनुष्यों बीच डेरा करने आया (यूहन्ना १:१४)। इन सभी पवित्र स्थानों के द्वारा परमेश्वर की इच्छा रही है कि उसके जन सदा उनके साथ उसकी उपस्थिति के एहसास में जीवन बिताएं। जब प्रभु यीशु का स्वर्गारोहण हुआ तो उन्होंने अपने पवित्र आत्मा को अपने अनुयायियों के साथ रहने को भेजा ( यूहन्ना १४:१६-१७), जिस से उनके अनुयायी परमेश्वर के निवास स्थान और मन्दिर बन कर रहें (१ कुरिन्थियों ३:१६; ६:१९)।

   आज परमेश्वर के मन्दिर और निवास स्थान होने के कारण हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की ओर से यह ज़िम्मेवारी सौंपी गई है कि हम इस पाप और अशांति से भरे संसार को परमेश्वर की उपस्थिति का एहसास कराएं। हमारे जीवनों में और हमारे जीवनों के द्वारा वे स्वर्ग का एहसास कर सकें, स्वर्ग के खोजी हो सकें और प्रभु यीशु को समर्पण द्वारा वे भी परमेश्वर के मन्दिर बनें। - मार्विन विलियम्स


वह मसीही विश्वासी जो दूसरों के लिए छोटे छोटे कार्य करने को तैयार है, परमेश्वर के लिए बड़े बड़े कार्य कर सकता है।
क्‍या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्‍दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? - १ कुरिन्थियों ३:१६
बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ३:११-१७; ६:१५-२०
1Co 3:11  क्‍योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।
1Co 3:12  और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्‍दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है।
1Co 3:13  तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा, क्‍योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है?
1Co 3:14   जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा।
1Co 3:15  और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्‍तु जलते जलते।
1Co 3:16  क्‍या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्‍दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है?
1Co 3:17  यदि कोई परमेश्वर के मन्‍दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा, क्‍योंकि परमेश्वर का मन्‍दिर पवित्र है, और वह तुम हो।
1Co 6:15  क्‍या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं सो क्‍या मैं मसीह के अंग लेकर उन्‍हें वेश्या के अंग बनाऊं कदापि नहीं।

1Co 6:16  क्‍या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है क्‍योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे।
1Co 6:17   और जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है।
1Co 6:18  व्यभिचार से बचे रहो: जितने और पाप मनुष्य करता है, वे देह के बाहर हैं, परन्‍तु व्यभिचार करने वाला अपनी ही देह के विरूद्ध पाप करता है।
1Co 6:19  क्‍या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्‍दिर है जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?
1Co 6:20   कयोंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।
एक साल में बाइबल: 
  • २ राजा १०-१२ 
  • यूहन्ना १:२९-५१