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Thursday, May 31, 2012

कब और कैसे?

   आज के समय की तकनीकी ने कुछ लोगों के लिए दिन रात काम करते रहना संभव बना दिया है। तकनीकी के कारण हमें काम करने के लिए कार्यस्थल पर ही रुकना आवश्यक नहीं है, हम अपना काम घर पर भी ला सकते हैं या अपने साथ अपनी छुट्टियों पर ले जा सकते हैं और उसे ज़ारी रख सकते हैं। जब तक बिजली उपलब्ध है, हमारा काम भी बिना रुके चलता रह सकता है।

   पिछली सर्दियों में बर्फबारी ने कई स्थानों और वहां के लोगों को ठहरा दिया। बर्फीले तूफनों से कई जगहों पर पेड़ और शाखाएं टूटकर गिर गए जिससे सड़कें रुक गईं और लोगों को घरों में रहना पड़ा। बिजली के तार भी गिर गए जिससे लोगों को ठंड और अन्धकार में समय बिताना पड़ा, और बिजली के अभाव में वे कुछ भी कर सकने की स्थिति में नहीं रहे।

   जब कभी कुछ ऐसा मेरे जीवन को बाधित करता है, तो मुझे एहसास होता है कि कार्य मेरे जीवन के लिए कितना आवश्यक है। यदि करने को कुछ ना हो तो मैं अपने आपको व्यर्थ और अयोग्य समझने लग जाता हूं। किंतु परमेश्वर नहीं चाहता कि हमारा कार्य हमारे लिये इतना आवश्यक हो जाए कि कोई बर्फीला तूफान या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा ही हमें काम से रोकने पाए। परमेश्वर चाहता है कि हम सप्ताह में एक दिन समय निकालें और अपनी सांसारिक व्यस्तताओं से निकल कर उसकी ओर ध्यान दें, और अपने लिये फिर से सप्ताह भर के कार्य के लिए शक्ति पाएं। इसीलिये परमेश्वर ने इस्त्राएल को दी गई अपनी दस आज्ञाओं में एक आज्ञा अपने विश्राम दिन या सबत के दिन के विषय में दी जिस दिन परमेश्वर के लोगों, उनके सेवकों और उनके जानवरों को भी किसी प्रकार का कोई कार्य करना वर्जित था (निर्गमन २०:८-११; २३:१२)।

   चाहे नए नियम के इस काल में हम मसीही विश्वासी व्यवस्था के आधीन नहीं हैं, किंतु विश्राम का दिन और परमेश्वर का स्मरण हमारे लिये भी उतना ही आवश्यक है। सप्ताह में एक दिन अपने कार्य से विश्राम लेकर परमेश्वर की उपासना के लिए समर्पित कर देना ना केवल हमें स्वस्थ रखता है, हमारे पारिवारिक जीवन को भी बनाता है, और हमें परमेश्वर की आशीषों से भी भरता है; साथ ही हमें यह एहसास दिलाता रहता है कि कार्य हमारे जीवनों में परमेश्वर और उसकी आज्ञाकारिता से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है।

   परमेश्वर की ओर मुड़ने और विश्राम के लिये उसके विधान को मानने के लिये आप किस बात की प्रतीक्षा में हैं? क्या कोई प्रकृतिक आपदा या थके हुए मन और शरीर की व्याधि ही आपको विश्राम के लिए मजबूर कर सकगी? अपनी ही भलाई के लिए आप परमेश्वर के विधान को अपने जीवन में कब और कैसे लागू करेंगे? - डेव ब्रैनन


यदि कार्य की व्यस्तता से निकल कर विश्राम नहीं लेंगे तो किसी ’विश्राम’ द्वारा कार्य से ही निकाल दिए जाएंगे।

छ: दिन तक तो अपना काम काज करना, और सातवें दिन विश्राम करना, कि तेरे बैल और गदहे सुस्ताएं, और तेरी दासियों के बेटे और परदेशी भी अपना जी ठंडा कर सकें। - निर्गमन २३:१२

बाइबल पाठ: निर्गमन २०:१-१७
Exo 20:1  तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे,
Exo 20:2 कि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।
Exo 20:3  तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर कर के न मानना।
Exo 20:4  तू अपने लिये कोई मूर्ति खोद कर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है।
Exo 20:5 तू उनको दण्डवत्‌ न करना, और न उनकी उपासना करना, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं,
Exo 20:6  और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।
Exo 20:7  तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना, क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।
Exo 20:8  तू विश्राम दिन को पवित्र मानने के लिये स्मरण रखना।
Exo 20:9  छ: दिन तो तू परिश्रम कर के अपना सब काम काज करना;
Exo 20:10  परन्तु सातवां दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्राम दिन है। उस में न तो तू किसी भांति का काम काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशु, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकों के भीतर हो।
Exo 20:11  क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्राम दिन को आशीष दी और उसको पवित्र ठहराया।
Exo 20:12  तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।
Exo 20:13  तू खून न करना।
Exo 20:14  तू व्यभिचार न करना।
Exo 20:15  तू चोरी न करना।
Exo 20:16  तू किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी न देना।
Exo 20:17  तू किसी के घर का लालच न करना, न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास-दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १३-१४ 
  • यूहन्ना १२:१-२६