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Sunday, June 10, 2012

प्रार्थना

   एम्मा ग्रे ने, ९५ वर्ष की होकर, जून २००९ में अपनी जीवन यात्रा समाप्त करी। दो दशक से भी अधिक समय तक, वे एक बहुत विशाल मकान में, वहां की साफ-सफाई का कार्य करती रहीं। प्रति रात्रि, अपने कार्य को करने के उपरांत वे नियम से उस मकान में रहने वाले अपने अधिकारी के लिए आशीष, बुद्धिमानी और सुरक्षा की प्रार्थना करती थीं।

   एम्मा ने तो उस मकान में २४ वर्ष कार्य किया, किंतु उस मकान में रहने वाला अधिकारी लगभग प्रति ४ वर्ष बदल जाता था। अपनी सेवा के कार्यकाल में एम्मा ने प्रति रात्रि अमेरिका के छः राष्ट्रपतियों, आइज़िनहौवर, कैनिडी, जौनसन, निक्सन, फोर्ड और कार्टर, के लिए प्रार्थनाएं करीं।

   चाहे व्यक्तिगत रूप से एम्मा के लिए कोई भी उनका पसंदीदा राष्ट्रपति रहा हो, उनकी प्रार्थना प्रत्येक के लिए समान रहती थी। यह एम्मा को परमेश्वर के वचन बाइबल से मिले निर्देशों की आज्ञाकारिता में था, जहां १ तिमुथियुस २:१, २ में लिखा है: "अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थाना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं। राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं।" इस के आगे के पद बताते हैं कि लोगों के लिए प्रार्थना करना परमेश्वर को भाता है और वह चाहता है कि सब का उद्धार हो और वे सत्य को पहचानें।

   क्योंकि "यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धमिर्यों की प्रार्थना सुनता है" (नीतिवचन १५:२९), एम्मा की प्रार्थनाओं का उन राष्ट्रपतियों के जीवन और कार्यविधि पर क्या क्या प्रभाव हुआ, यह आने वाला अनन्त ही उजागर करेगा, क्योंकि परमेश्वर का वचन यह भी बताता है कि "राजा का मन नालियों के जल की नाईं यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उसको फेर देता है" (नीतिवचन २१:१)।

   एम्मा के समान, हम मसीही विश्वासियों को भी नियमित रूप से अपने अधिकारियों और अगुवों के लिए प्रार्थनाएं करते रहना चाहिएं जिससे उनके जीवन में परमेश्वर की शांति, बुद्धिमानी और आशीष रहे और उसके प्रतिफल स्वरूप हमारी सुख समृद्धि होती रहे। - सिंडी हैस कैस्पर


अगुवों और अधिकारियों को परमेश्वर के निमित प्रभावी बनाने के लिए, परमेश्वर के सम्मुख उनके लिए प्रार्थनाएं कीजिए।

राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त [प्रार्थना करो] इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं। - १ तिमुथियुस २:२

बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस २:१-८
1Ti 2:1  अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।
1Ti 2:2  राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं।
1Ti 2:3 यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्‍छा लगता, और भाता भी है।
1Ti 2:4  वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो, और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें।
1Ti 2:5 क्‍योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है।
1Ti 2:6  जिस ने अपने आप को सब के छुटकारे के दाम में दे दिया ताकि उस की गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
1Ti 2:7  मैं सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता, कि मैं इसी उद्देश्य से प्रचारक और प्रेरित और अन्यजातियों के लिये विश्वास और सत्य का उपदेशक ठहराया गया।
1Ti 2:8  सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्र हाथों को उठा कर प्रार्थना किया करें।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास ३४-३६ 
  • यूहन्ना १९:१-२२