बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Friday, November 30, 2012

किया; करेंगे


   कुछ अधिक पुरानी बात नहीं है, जब संसार भर में इसाई समाज में "WWJD - What Would Jesus Do"  अर्थात "यीशु ऐसे में क्या करते" का नारा बहुत प्रचलित हुआ। लोग यह नारा लिखे हुए कड़े पहने रहते थे, इस आशय से कि वह कड़ा और उस पर लिखा नारा उनके लिए एक स्मरण कराने का माध्यम होगा - जब वे कठिन परिस्थितियों में या किसी दुविधा में हों तो कोई भी निर्णय लेने से पहले विचार कर लें कि यदि प्रभु यीशु उस परिस्थित में होते तो क्या करते, और फिर उसी के अनुसार अपना निर्णय लें। जब हम अपने उद्धाकर्ता प्रभु को आदर और महिमा देने वाला जीवन जीने के प्रयत्नशील रहते हैं तो हमारे लिए यह भी आवश्यक है कि हम अपने निर्णयों और प्रवृतियों को अपने प्रभु द्वारा दिए गए उदाहरणों के अनुकूल रखें।

   हाल ही में मैं एक चर्च में था जहां मुझे इस नारे से मिलता-जुलता किंतु कुछ भिन्न संदेश लिखा मिला। वहां लिखा था "WDJD - What Did Jesus Do?" अर्थात, "यीशु ने क्या करके दिया है?" यह वास्तव में अधिक महत्वपुर्ण प्रश्न है, क्योंकि इस प्रश्न के उत्तर के प्रति गंभीरता और समझदारी में ही हमारा भविष्य निहित है। अपने संसार के जीवन काल में जो कुछ प्रभु यीशु ने किया, उसमें से सबसे महत्वपुर्ण और उसके संसारमें आने का एकमात्र उद्देश्य वह है जिसके बारे में हम १ कुरिन्थियों १५:३-४ में लिखा पाते हैं: "...पवित्र शास्‍त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया, और पवित्र शास्‍त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा।"

   प्रभु यीशु ने क्या करके दिया है? उसने हमारे पापों और अपराधों का दोष अपने ऊपर लेकर हमारे स्थान पर उनका दण्ड सहा; वह हमारे स्थान पर मारा गया और फिर मुर्दों में से जी उठा; वह हमारे लिए पाप और मृत्यु पर जयवन्त हुआ जिससे अब हम जो उस पर विश्वास करते और स्वेच्छा से उसे अपना जीवन समर्पित करते हैं उसकी धार्मिकता और उसके जीवन के भागी हो जाएं। सच्चाई यही है कि जब तक प्रभु यीशु ने हमारे लिए जो करके दे दिया है हम उसे स्वीकार ना कर लें,  तब तक हम कभी वह समझ नहीं पाएंगे जो वह हमारे जीवनों में कर सकता है और करेगा।

   हम सब के जीवनों में "WWJD" तथा "WDJD" दोनो ही महत्वपूर्ण हैं, किंतु सबसे महत्वपूर्ण है प्रभु यीशु के प्रति हमारा रवैया और उसके साथ हमारा संबंध। प्रभु के प्रति सही रवैये और उससे सही संबंध के बाद ही हम जो प्रभु ने किया और जो वह करेगा उसके यथार्त एवं महत्व को वास्तव में जान सकते हैं। - बिल क्राउडर


हमारा उद्धार हमारे द्वारा करे गए कार्यों से नहीं वरन प्रभु यीशु द्वारा करे गए कार्य से है।

इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्‍त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया, और पवित्र शास्‍त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। - १ कुरिन्थियों १५:३-४

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १५:१-११
1Co 15:1  हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1Co 15:2  उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1Co 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्‍त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1Co 15:4 और गाड़ा गया, और पवित्र शास्‍त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 
1Co 15:5  और कैफा को तब बारहों को दिखलाई दिया। 
1Co 15:6  फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए। 
1Co 15:7  फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया। 
1Co 15:8  और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं। 
1Co 15:9  क्‍योंकि मैं प्ररितों में सब से छोटा हूं, वरन प्ररित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्‍योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था। 
1Co 15:10 परन्‍तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्‍तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। 
1Co 15:11  सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३७-३९ 
  • २ पतरस २