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शनिवार, 12 अक्तूबर 2013

शक्तिहीन?

   मेरी किशोरावस्था में मैं और मेरे पिता अनेक बार जंगलों में शिकार खेलने तथा मछली पकड़ने साथ-साथ गए। उन अभियानों में से अधिकांशतः तो सुखद यादों से भरे हैं परन्तु एक है जो अनर्थकारी होते होते रह गया। उस अभियान में हम एक पर्वत श्रंखला पर काफी ऊँचाई पर अन्दर जंगलों में गए और वहाँ अपना डेरा लगाया। फिर मछली पकड़ने के लिए हम पैदल नीचे नदी पर आए और सारा दिन धूप तथा गर्मी में मछली पकड़ने में बिताया। फिर समय हुआ कि हम वापस ऊपर अपने डेरे पर लौटें। लेकिन जैसे हम ऊपर कि ओर चढ़ने लगे, मेरे पिता का चेहरा पीला पड़ने लगा, उन्हें चक्कर आने लगा और जी घबराने लगा। उनमें आगे बढ़ने की कोई शक्ति नहीं रही।

   ना घबराने का प्रयास करते हुए, मैंने उन्हें बैठा दिया और पीने के लिए कुछ तरल पदार्थ देने लगा, फिर ऊँचे शब्दों के साथ मैंने परमेश्वर से सहायता के लिए प्रार्थना करनी आरंभ कर दी। उस प्रार्थना के उत्तर में मैंने देखा कि पिताजी की स्थिति सुधरने लगी और फिर वे धीरे धीरे ऊपर डेरे की ओर चढ़ने लगे। मैं उनके आगे आगे था, और वे मेरी कमर पर बन्धी पेटी को पकड़े हुए चढ़ते जा रहे थे, और हम अपने डेरे तक सुरक्षित पहुँच गए।

   जीवन यात्रा में भी हम कभी कभी अपने आप को निराशा की किसी वादी में अशक्त पड़ा हुआ पाते हैं, जहाँ हमें समझ नहीं आता कि क्या करें, कहाँ जाएं, कैसे पार पाएं। हम मसीही विश्वासियों के पास ऐसी परिस्थितियों के लिए परमेश्वर का वायदा है: "वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है" (यशायाह 40:29)।

   क्या आप अपने आप को थका हुआ और शक्तिहीन अनुभव कर रहे हैं? प्रार्थना में उसे पुकारें, उस निराशा की वादी से बाहर निकलने की शक्ति उससे माँगें; उसकी सामर्थ पर निर्भर हो जाएं और उसके मार्गदर्शन का पालन करें। जो उस पर भरोसा करते हैं वे कभी निराश नहीं होते। - डेनिस फिशर


जब परमेश्वर के अतिरिक्त कोई उपाय नहीं होता तब हम पाते हैं कि परमेश्वर के अतिरिक्त किसी उपाय की हमें आवश्यकता भी नहीं है, वह हर परिस्थिति के लिए काफी है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यशायाह 40:25-31
Isaiah 40:25 सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है। 
Isaiah 40:26 अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 39-40 
  • कुलुस्सियों 4


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