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Monday, January 21, 2013

रिक्त स्थान


   प्राचीन दार्शनिक अरस्तु(Aristotle) का प्रसिद्ध कथन है: "Nature abhors a vacuum" अर्थात प्रकृति शून्य या रिक्ति को नापसन्द करती है। अरस्तु का यह कथन उनके इस अवलोकन पर आधारित था कि प्रकृति हर रिक्त स्थान को भर देती है, चाहे वह ना दिखाई देने वाली वायु के द्वारा ही क्यों ना हो।

   यही सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवनों में भी लागू होता है। जब परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे मनों में हमारे पाप-बोध को जगाना आरंभ करता है तो साथ ही हम अपने मनों में अपने आप को सुधारने की योजनाएं भी बनाने लग जाते हैं; अपनी बुरी आदतों और बातों को निकाल देने के लिए भरसक प्रयत्न करने लगते हैं। किंतु अशुद्ध विचारों, दुष्टता के रवैये और स्वार्थ-सिद्धी की दुष्कामनाएं अपने प्रयासों से हटा पाने के हमारे सभी प्रयास अन्ततः निश्चित रुप से असफल रहते हैं क्योंकि हम अपनी एक बुराई निकाल कर उसके स्थान पर एक रिक्ति या शून्यता उत्पन्न कर देते हैं और कोई दूसरी बुराई या अन्य उपस्थित बुराईयों में से कोई बढ़कर उसका स्थान भर देती है, और हम एक के बाद एक बुराई को निकालने के असफल प्रयासों से जूझते हुए, निराश होकर पुनः अपनी पुरानी हालत में आ जाते हैं।

   यह बात हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा इफिसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में दी गई शिक्षा की सार्थकता को प्रगट करती है। पौलुस ने लिखा: "और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ" (इफिसीयों ३:१७-१९)। पौलुस ने उन्हें समझाया कि वे प्रभु यीशु मसीह को अपने हृदयों में गहराई से बसा लें, क्योंकि जब मसीह उनके हृदयों में बसा रहेगा तो पाप और बुराई को बसने का स्थान ही नहीं रहेगा।

   जीवन में पाप से निवारण पाने का यही एकमात्र तरीका है - अपने मनों को बुराई तथा संसार के प्रेम की बजाए मसीह के प्रेम से भर लें। मसीह यीशु का प्रेम जितना अधिक हमारे अन्दर भरा होगा, बुराई तथा संसार कि बातों को भरने का उतना ही कम स्थान उपलब्ध होगा और पाप को हमारे जीवनों में स्थान मिलने ही नहीं पाएगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


मसीह यीशु को हृदय में स्थान देने से पहले स्वयं ही उसे शुद्ध और पवित्र करने के प्रयास में समय व्यर्थ ना करें; जब आप मसीह को अपने हृदय में बसा लेंगे तो वह ही उसे शुद्ध और पवित्र कर देगा।

और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे... - इफिसीयों ३:१७

बाइबल पाठ: इफिसीयों ३:१४-२१
Eph 3:14  मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
Eph 3:15  जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
Eph 3:16  कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्‍व में सामर्थ पाकर बलवन्‍त होते जाओ।
Eph 3:17  और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर।
Eph 3:18  सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है।
Eph 3:19  और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।
Eph 3:20  अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है,
Eph 3:21  कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन १-३ 
  • मत्ती १४:१-२१