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Tuesday, January 22, 2013

बहिष्कृत


   उसका चेहरा मैला था, बाल लम्बे और गन्दे थे; उसके कपड़ों पर बीयर के दाग़ थे और उसके चारों ओर बीयर की गन्ध व्याप्त थी। जब उसने चर्च भवन में प्रवेश किया तो चर्च में उपस्थित आराधना करने आए लोगों ने उसकी उपेक्षा करी। थोड़ी देर में वे लोग भौंचक्के रह गए जब वह व्यक्ति आगे की ओर बढ़ा, और चर्च के सन्देश देने के मंच पर आ कर खड़ा हो गया, वहां आकर उसने अपनी वह नकली वेश-भूषा उतार डाली और लोगों ने तब पहचाना कि वह और कोई नहीं वरन उनके चर्च का पादरी ही था!

   मैं आपके बारे में तो नहीं जानता, परन्तु मेरी प्रवृति उन्हीं से मिलने और हाथ मिलाने की रहती है जिन्हें या तो मैं पहले से जानता हूँ, या जो वेश-भूषा और दिखने में संभ्रांत प्रतीत होते हैं।

   लेकिन मेरी जैसी प्रवृति वाले लोगों के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में एक गंभीर चेतावनी दी। उसने लिखा: "पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है" (याकूब २:९)। परमेश्वर के परिवार में बाहरी स्वरूप पर आधारित पक्षपातपूर्ण रवैये का कोई स्थान नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से हम "...कुविचार से न्याय करने वाले..." (पद ४) ठहरते हैं।

   इस प्रवृति से बचने का मार्ग है प्रभु यीशु द्वारा दिया गया निर्देष कि अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम रखें - चाहे हमारा पड़ौसी कोई भी क्यों ना हो। किसी दरिद्र, या बेघर, या भूखे-उघाड़े, या दुखी, या निराश व्यक्ति की ओर अपने प्रेम और सहायता का हाथ बढ़ाने से हम परमेश्वर की "राज-व्यवस्था" को पूरा करते हैं (पद ८)।

   यह संसार जो बहिष्कृत लोगों को दूर ही रखता है, इसमें ही प्रभु यीशु के प्रेम को दिखाएं और जिन्हें सहायता की आवश्यकता है, उनकी सहायता करने से पीछे ना हटें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


सच्चा मसीही प्रेम उनकी सहायता करता है जो इस उपकार को लौटा पाने में अक्षम हैं।

पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है। - याकूब २:९

बाइबल पाठ: याकूब २:१-९
Jas 2:1  हे मेरे भाइयों, हमारे महिमायुक्त प्रभु यीशु मसीह का विश्वास तुम में पक्षपात के साथ न हो।
Jas 2:2  क्योंकि यदि एक पुरूष सोने के छल्ले और सुन्‍दर वस्‍त्र पहिने हुए तुम्हारी सभा में आए और एक कंगाल भी मैले कुचैले कपड़े पहिने हुए आए।
Jas 2:3  और तुम उस सुन्‍दर वस्‍त्र वाले का मुंह देख कर कहो कि तू वहां अच्छी जगह बैठ; और उस कंगाल से कहो, कि तू यहां खड़ा रह, या मेरे पांव की पीढ़ी के पास बैठ।
Jas 2:4  तो क्या तुम ने आपस में भेद भाव न किया और कुविचार से न्याय करने वाले न ठहरे?
Jas 2:5  हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धनी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उसने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं?
Jas 2:6  पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते? और क्या वे ही तुम्हें कचहिरयों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते?
Jas 2:7 क्या वे उस उत्तम नाम की निन्‍दा नहीं करते जिस के तुम कहलाए जाते हो?
Jas 2:8  तौभी यदि तुम पवित्र शास्त्र के इस वचन के अनुसार, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख, सचमुच उस राज व्यवस्था को पूरी करते हो, तो अच्छा ही करते हो।
Jas 2:9  पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन ४-६ 
  • मत्ती १४:२२-३६