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Monday, April 22, 2013

संयम


   प्रसिद्ध अमेरीकी अभिनेता जॉन वेन ने एक बार कहा था, "धीमा बोलें, धीरे बोलें और कम बोलें।" मेरे लिए उनका यह परामर्श मानना कठिन है क्योंकि मैं तेज़ गति से बोलने वाली हूँ, ऊँची आवाज़ में बोलती हूँ और जब बोलती हूँ तो बहुत कुछ कह जाती हूँ। लेकिन अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना क्रोध तथा आवेश की स्थिति को काबू में रखने के लिए एक बहुत उपयोगी माध्यम हो सकता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि "...हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो" (याकूब 1:19), तथा "कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है" (नीतिवचन 15:1)।

   बाइबल में न्यायियों के समय की घटना इन शिक्षाओं का जीवता उदाहरण है। न्यायियों की पुस्तक के 8 अध्याय में कुछ इस्त्राएलियों की गिदोन के साथ झड़प हुई। इस्त्राएली क्रोधित थे क्योंकि गिदोन उन्हें अपने साथ लिए बिना ही युद्ध के लिए निकल गया था और मिदियानी सेना को उखाड़ फेंका था - वास्तव में गिदोन परमेश्वर की आज्ञा पर परमेश्वर द्वारा उसे प्रदान किए गए केवल 300 लोगों के साथ ही मिदियानी सेना से युद्ध के लिए गया था। जब उसने मिदियानी सेना को उखाड़ फेंका और मिदियानी तितर-बितर होकर इधर-उधर भागने लगे तब गिदोन ने शेष इस्त्राएल के लोगों को उनका पीछा करके घात करने का सन्देश भेजा। इस जय का मुख्य श्रेय गिदोन को मिलने से बाकी इस्त्राएली चिढ़े हुए थे। गिदोन ने प्रत्युत्तर में उन्हें कोई कटु उत्तर नहीं दिया और ना ही उन पर कोई कटाक्ष किया। इसके विपरीत उसने बड़ी नम्रता से व्यवहार किया और उन इस्त्राएलियों को स्मरण कराया कि मिदियानी राजाओं को पकड़ने वाले और घात करने वाले तो वे ही थे, जबकि गिदोन सैनिकों के साथ ही युद्ध में उलझा था; उसने कहा: "तुम्हारे ही हाथों में परमेश्वर ने ओरब और जेब नाम मिद्यान के हाकिमों को कर दिया; तब तुम्हारे बराबर मैं कर ही क्या सका? जब उसने यह बात कही, तब उनका जी उसकी ओर से ठंड़ा हो गया" (न्यायियों 8:3)। गिदोन ने क्रोधित इस्त्राएलियों को आदर भी दिया और उनके क्रोध को शांत भी किया, और फिर इस्त्राएलियों ने उसे अपना न्यायी भी ठहरा लिया।

   परमेश्वर की सहायता से, अपने शब्दों को नियंत्रण में रखने के द्वारा हम क्रोधित लोगों और विस्फोटक स्थितियों को नियंत्रण में ला सकते हैं और उत्तेजित वातावरण को शांत कर सकते हैं। संयम और नम्रता का व्यवहार लोगों के क्रोध को शांत करने और आपसी मेलजोल को बढ़ाने तथा परमेश्वर की महिमा के लिए एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करने में बहुत उपयोगी होता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


इससे पहले कि आपकी जीभ दूसरों को कष्ट दे, आप अपनी जीभ को दबा लें।

कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है। - नीतिवचन 15:1

बाइबल पाठ: न्यायियों 7:24-8:3
Judges 7:24 और गिदोन ने एप्रैम के सब पहाड़ी देश में यह कहने को दूत भेज दिए, कि मिद्यानियों से मुठभेड़ करने को चले आओ, और यरदन नदी के घाटों को बेतबारा तक उन से पहिले अपने वश में कर लो। तब सब एप्रैमी पुरूषों ने इकट्ठे हो कर यरदन नदी को बेतबारा तक अपने वश में कर लिया।
Judges 7:25 और उन्होंने ओरेब और जेब नाम मिद्यान के दो हाकिमों को पकड़ा; और ओरेब को ओरेब नाम चट्टान पर, और जेब को जेब नाम दाखरस के कुण्ड पर घात किया; और वे मिद्यानियों के पीछे पड़े; और ओरेब और जेब के सिर यरदन के पार गिदोन के पास ले गए।
Judges 8:1 तब एप्रैमी पुरूषों ने गिदोन से कहा, तू ने हमारे साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया है, कि जब तू मिद्यान से लड़ने को चला तब हम को नहीं बुलवाया? सो उन्होंने उस से बड़ा झगड़ा किया।
Judges 8:2 उसने उन से कहा, मैं ने तुम्हारे समान भला अब किया ही क्या है? क्या एप्रैम की छोड़ी हुई दाख भी अबीएजेर की सब फसल से अच्छी नहीं है?
Judges 8:3 तुम्हारे ही हाथों में परमेश्वर ने ओरब और जेब नाम मिद्यान के हाकिमों को कर दिया; तब तुम्हारे बराबर मैं कर ही क्या सका? जब उसने यह बात कही, तब उनका जी उसकी ओर से ठंड़ा हो गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 14-15 
  • लूका 17:1-19