बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Tuesday, July 16, 2013

खाली रखें

   "कितनी खराब बनावट है इसकी" मैं खिसियाकर बोली; मैं कूड़ेदान को खाली कर रही थी और सदा ही खाली करते समय कुछ कूड़ा बाहर कालीन पर गिर जाता था जो मेरी मेहनत और खिसियाहट को और बढ़ा देता था। एक दिन जब मैं फिर से कूड़ेदान को खाली करने लगी तो खाली करने के विषय में कुछ शंका उठी, क्योंकि कूड़ेदान अभी आधा ही भरा था। फिर मैंने सोचा चलो कर ही देती हूँ, और कूड़ेदान के मूँह पर पहले के समान ही प्लास्टिक की थैली लगाकर जैसे ही उसे उल्टा किया, तो आशा के विपरीत इस बार कूड़े का एक अंश भी बाहर कालीन पर नहीं गिरा। मुझे थोड़ा विस्मय हुआ, फिर थोड़ा विचार करने पर बात समझ में आ गई।

   जिस बात को लेकर मैं खिसियाती रहती थी, वह कूड़ेदान की बनावट का दोष नहीं था वरन मेरी ही गलती थी। मैं ही कूड़ेदान को खाली करने से पहले उसे ऊपर तक भर जाने देती थी, जिससे जैसे ही कूड़ेदान ज़रा सा टेढ़ा होता तो कूड़ा प्लास्टिक की थैली में जाने से पहले ही बाहर गिरने लग जाता। अब क्योंकि कूड़ा ऊपर तक नहीं भरा था इसलिए खाली करने को पलटने के समय वह बाहर नहीं गिर पाया, लगी हुई थैली में ही गिरा और कालीन गन्दा होने से बच गया तथा मैं खिसियाने से।

   यही हमारे जीवन में गलतियों और पापों के साथ भी होता है। यदि हम अपने मनों को गलतीयों और पापों से भर जाने देंगे, तो वे हमारे और हमारे आस-पास के लोगों के जीवन में कुछ ना कुछ दुष्प्रभाव अवश्य ही दिखाएंगे, क्योंकि "... बुरा मनुष्य अपने मन के बुरे भण्‍डार से बुरी बातें निकालता है; क्योंकि जो मन में भरा है वही उसके मुंह पर आता है" (लूका 6:45)। लेकिन कितना भला हो यदि हम जैसे ही हमारे अन्दर कुछ अनुचित या बुरा आए उसे परमेश्वर के सामने मान लें और उसे सौंप दें - अपने मन को ’खाली’ कर लें; क्योंकि परमेश्वर का वायदा है कि "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9)। ऐसा करने से हमारे मन की गन्दगी कहीं और प्रभाव डालने से पहले ही साफ हो जाएगी और हमारे जीवन भी स्वच्छ बने रहेंगे।

   कूड़ेदान तो गन्दगी जमा रखने के लिए ही बनाए गए हैं, लेकिन एक सीमा से अधिक गन्दगी उनमें एकत्रित होगी तो इधर उधर फैलेगी भी और दुष्प्रभाव भी लाएगी। लेकिन हमारे शरीर और मन तो गन्दगी के लिए नहीं बने हैं। इसलिए भला रहेगा यदि हम अपने जीवनों को हर प्रकार की मलिनता से खाली रखें क्योंकि "क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो" (1 कुरिन्थियों 6:19-20)।


भलाई इसी में है कि हम अपने पापों को मान लें - वैसे भी परमेश्वर से तो उन्हें छिपा नहीं सकते!

क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? - 1 कुरिन्थियों 3:16

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:17-32
Ephesians 4:17 इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
Ephesians 4:18 क्योंकि उनकी बुद्धि अन्‍धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।
Ephesians 4:19 और वे सुन्न हो कर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्‍दे काम लालसा से किया करें।
Ephesians 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई।
Ephesians 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए।
Ephesians 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो।
Ephesians 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ।
Ephesians 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे क