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Monday, September 23, 2013

न्याय

 हाल ही में मुझे ’ज्यूरी ड्यूटी’ अर्थात न्यायालय में न्यायाधीश के साथ बैठने वाली निर्णायक समिति में सम्मिलित होने के लिए बुलाया गया। इस कार्य को करने का अर्थ था अत्याधिक असुविधाएं और समय का व्यय, लेकिन यह एक गंभीर ज़िम्मेदारी भी थी, क्योंकि समिति के सद्स्यों को मुकद्दमा सुनकर व्यक्ति के दोषी अथवा निर्दोष होने का निर्णय देना होता है, और उस निर्णय के अनुसार ही न्यायाधीश आगे की कार्यवाही करता है। हमारा पहला दिन हमारी ज़िम्मेदारी और कार्यविधि आदि के बारे में हमें बताने तथा न्यायाधीश द्वारा इन बातों की महत्वपूर्णता और बारीकियों को समझाने में लग गया। हमें लोगों का न्याय करने के लिए बैठना था; वे मामले विवाद के अर्थात दीवानी या फिर अपराधों से सम्बंधित अर्थात फौजदारी के हो सकते थे। मैं अपने आप को इस बड़ी ज़िम्मेदारी के लिए सर्वथा अयोग्य पा रहा था - किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में न्याय करना, यह जानते हुए कि इस न्याय के परिणाम दीर्घकालीन और जीवन को प्रभावित करने वाले होंगे, कोई साधारण बात नहीं है। क्योंकि हम मनुष्य ही हैं, सिद्ध नहीं हैं इसलिए अपने निर्णयों में गलती कर सकते हैं।

   हमारे संसार की न्याय प्रणालियाँ, उन्हें संचालित करने वाले मनुष्यों में निहित दोष और कमियों के कारण, असिद्ध और दुर्बल हो सकती हैं, लेकिन हम सदा ही परमेश्वर पर विश्वास रख सकते हैं कि वह निष्पक्षता और बुद्धिमानी से न्याय करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा: "जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा" (भजन 96:10)। परमेश्वर का न्याय सदा ही सिद्ध और दोषरहित होता है क्योंकि उसका चरित्र भी सिद्ध और दोषरहित है।

   यदि आज संसार की न्याय विधि या जीवन हमें पक्षपाती भी लगे, हम अपने परमेश्वर पिता पर भरोसा रख सकते हैं कि एक दिन अपनी अदालत में वह हम सब के लिए हर बात को न्यायसंगत कर देगा, और सब को सब बातों के लिए अन्ततः सिद्ध न्याय मिलेगा (2 कुरिन्थियों 5:10)। - बिल क्राउडर


एक दिन परमेश्वर हर गलत को सही कर देगा।

क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए। - 2 कुरिन्थियों 5:10

बाइबल पाठ: भजन 96:1-13
Psalms 96:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ!
Psalms 96:2 यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन दिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो।
Psalms 96:3 अन्य जातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो।
Psalms 96:4 क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है।
Psalms 96:5 क्योंकि देश देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।
Psalms 96:6 उसके चारों और वैभव और ऐश्वर्य है; उसके पवित्र स्थान में सामर्थ्य और शोभा है।
Psalms 96:7 हे देश देश के कुलों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो!
Psalms 96:8 यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ!
Psalms 96:9 पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके साम्हने कांपते रहो!
Psalms 96:10 जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा।
Psalms 96:11 आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
Psalms 96:12 मैदान और जो कुछ उस में है, वह प्रफुल्लित हो; उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे।
Psalms 96:13 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आने वाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 

  • श्रेष्ठगीत 1-3 
  • गलतियों 2