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Tuesday, December 3, 2013

रेत के किले


   जब हमारे बच्चे छोटे थे तब मैं अपने परिवार के साथ फ्लोरिडा के समुद्र तट पर छुट्टियाँ बिताने जाया करता था। यह हमारे लिए एक बहुत अच्छा समय होता जब हम अपने प्रांत मिशिगन की ठंड से निकल कर कुछ समय के लिए एक गर्म इलाके में समुद्र के किनारे आनन्द कर सकते थे। वहाँ जाकर समुद्र तट पर धूप में लेटकर कोई पुस्तक पढ़ना मुझे सबसे प्रीय लगता था, लेकिन मेरे बच्चों को कुछ और ही पसन्द था, वे समुद्र तट की बालु के साथ रेत के किले और घरौंदे बनाना चाहते थे और इसमें मुझ से सहायता चाहते थे। मुझे अपनी पुस्तक को छोड़कर बड़े अनमने भाव से उनकी सहायता के लिए उठना पड़ता तो था, लेकिन कुछ ही समय में मैं उनके साथ रेत के किले बनाने में तल्लीन हो जाता था और मुझे पता ही नहीं चलता था कि कैसे यह करते हुए घंटों बीत जाते थे, और मैं बड़ी मेहनत से बड़े अच्छे दिखने वाले रेत के किले बनाता रहता था, बिना इस बात का विचार करे कि मेरी यह मेहनत व्यर्थ है, क्योंकि किसी भी समय कोई बड़ी लहर आएगी और उन रेत के किलों को धव्स्त कर के बहा कर ले जाएगी, मेरी सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

   जीवन में हम यही गलती कई बार करते हैं - बहुत सा समय और बहुत मेहनत व्यर्थ कार्यों में गंवा देते हैं, अपने ही इरादों के सांसारिक ’रेत के किले’ बनाते रहते हैं, अपनी करनी पर और उपलब्धियों पर घमण्ड करते हैं, बिना यह विचारे कि यह सब कितना व्यर्थ है, हमारे ये किले कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं, हमारी सारी मेहनत बेकार हो सकती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने चेलों को चुनौती दी कि वे सांसारिक संपत्ति के प्रति उदासीन हों और अपनी सारी संपत्ति बेचकर गरीबों में दान कर दें; प्रभु ने उनसे कहा: "क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा" (लूका 12:34)। प्रभु यीशु के कहने का तात्पर्य था कि हम जिस रीति से अपने समय और संसाधनों का प्रयोग करते हैं वह हमारे अनन्त काल के दृष्टिकोण के प्रति बहुत कुछ बयान कर देता है। यदि हम प्रभु यीशु के अनुयायी होने के बाद भी नाशमान सांसारिक बातों को अपने जीवनों में प्राथमिकता देते हैं, सांसारिक संपत्ति और उपलब्धियों को पाने के लिए ही अपने समय को बिताते हैं, तो यह दिखाता है कि संभवतः हम प्रभु यीशु के प्रति सच्चे मन से समर्पित नहीं हैं।

   एक पुराने मसीही भजन की एक पंक्ति है, "केवल एक ही जीवन, वह भी शीघ्र समाप्त हो जाएगा; केवल जो मसीह के लिए किया वही शेष रह जाएगा!" थोड़ा रुक कर विचार कीजिए, आज आपने मसीह यीशु और उस के स्वर्गीय राज्य की बढोतरी के लिए क्या किया है? आप के जीवन की प्राथमिकताएं क्या हैं? अपना जीवन किस के लिए व्यतीत कर रहे हैं; कहीं रेत के किले बनाने के लिए तो नहीं? - जो स्टोवैल


परमेश्वर चाहता है कि आप उसके द्वारा आपको दी गई योग्यताओं और संसाधनों का प्रयोग उसके स्वर्गीय 
राज्य की बढ़ोतरी के लिए करें ना कि अपनी सांसारिक स्वार्थ-सिद्धी के लिए।

परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं। - मत्ती 6:20

बाइबल पाठ: लूका 12:22-34
Luke 12:22 फिर उसने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्‍ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की कि क्या पहिनेंगे। 
Luke 12:23 क्योंकि भोजन से प्राण, और वस्‍त्र से शरीर बढ़कर है। 
Luke 12:24 कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्‍डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है। 
Luke 12:25 तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्‍ता करने से अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है? 
Luke 12:26 इसलिये यदि तुम सब से छोटा काम भी नहीं कर सकते, तो और बातों के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? 
Luke 12:27 सोसनों के पेड़ों पर ध्यान करो कि वे कैसे बढ़ते हैं; वे न परिश्रम करते, न कातते हैं: तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में, उन में से किसी एक के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था। 
Luke 12:28 इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा? 
Luke 12:29 और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्‍देह करो। 
Luke 12:30 क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्‍तुओं की आवश्यकता है। 
Luke 12:31 परन्तु उसके राज्य की खोज में रहो, तो ये वस्‍तुऐं भी तुम्हें मिल जाएंगी। 
Luke 12:32 हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे। 
Luke 12:33 अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता। 
Luke 12:34 क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46 
  • 1 यूहन्ना 2