बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Wednesday, April 30, 2014

एकमात्र मार्ग


   बौद्धिक क्षमता के सबसे अधिक खराब मेल के बारे में विचार कीजिए। उदाहरण के लिए सुप्रसिद्ध भौतिक शास्त्री एल्बर्ट आईंस्टाईन को पहली कक्षा के छात्र के साथ सापेक्षता के सिद्धांत (Theory of Relativity) पर वाद-विवाद के लिए कहा जाए; या जौर्ज वाशिंगटन कार्वर के साथ छोटी कक्षा के एक छात्र को बायो-कैमिकल इंजीनियरिंग के बारे में चर्चा करने के लिए बैठा दिया जाए - यह सब कितना मूर्खतापूर्ण तथा बेनतीजा होगा। दोनों ही उदाहरणों में एक तो अपने क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ है तो दूसरा उस विषय के बारे में यदि कुछ जानता भी है तो उसकी जानकारी ना के बराबर ही है।

   इसी सिलसिले में एक और उदाहरण के बारे में सोचिए - मनुष्य और परमेश्वर के बीच मनुष्य जाति के लिए परमेश्वर की योजना पर बहस। क्या इससे बढ़कर अनुप्युक्त मेल कोई हो सकता है? लेकिन फिर भी हम प्रतिदिन अनेकों लोगों को परमेश्वर और उसकी योजनाओं पर तीखी आलोचना तथा टीका-टिपण्णी करते सुनते हैं, वे इस प्रयास में रहते हैं कि परमेश्वर की अनुपम योजना को व्यर्थ तथा अपनी विचारधारा को परमेश्वर की योजना से बेहतर और उपयुक्त दिखा सकें।

   मुझे एक कैदी द्वारा जेल से लिखा गया एक पत्र मिला, जिसमें उसने लिखा: "मैं अपने जीवन में एक ऐसे स्थान पर पहुँच गया जहाँ मुझे अन्ततः यह स्वीकार करना पड़ा कि परमेश्वर सत्य है और वही प्रत्येक वस्तु का सृष्टिकर्ता है। मैं अपना मार्ग चलते चलते, अपनी रीति से हर कार्य करते करते थक गया। फिर जब मैंने अपने आप को नम्र और दीन करके परमेश्वर के वचन को मानना आरंभ कर दिया, तो मुझे सच्चा मार्ग भी मिल गया।"

   कितना मूर्खता पूर्ण है पाप से मुक्ति तथा उद्धार के लिए परमेश्वर की योजना को तिरिस्कार कर के अपने ही तौर-तरीकों पर केवल इसलिए ही चलते रहना क्योंकि हम समझते हैं कि हम परमेश्वर से बेहतर जानते हैं। केवल प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाने, उससे अपने पापों की क्षमा माँगने और उसको किए गए जीवन के संपूर्ण समर्पण द्वारा ही हमारा मेल-मिलाप परमेश्वर से हो सकता है (यूहन्ना 14:6; रोमियों 3:23; 6:23)। क्या आप अभी भी अपने ही मार्ग पर चलते हुए अपनी ही रीति से अपना अनन्त संवारने का प्रयास कर रहे हैं, इस विचार से कि आप सर्वोत्तम जानते हैं? यदि हाँ तो बाइबल से नीतिवचन 16:25 पढ़िए और उस पर विचार कीजिए।

   आज और अभी अपना मार्ग छोड़कर परमेश्वर का मार्ग अपना लीजिए, सुरक्षा और सहायता उसी में है। - डेव ब्रैनन


यीशु परमेश्वर के पास जाने के लिए अनेक मार्गों में से एक नहीं है, और ना ही यीशु अनेक मार्गों में से सर्वोत्त्म मार्ग है; केवल वही परमेश्वर तक जाने वाला एकमात्र मार्ग है। - टोज़र

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: नीतिवचन 16:20-25
Proverbs 16:20 जो वचन पर मन लगाता, वह कल्याण पाता है, और जो यहोवा पर भरोसा रखता, वह धन्य होता है। 
Proverbs 16:21 जिसके हृदय में बुद्धि है, वह समझ वाला कहलाता है, और मधुर वाणी के द्वारा ज्ञान बढ़ता है। 
Proverbs 16:22 जिसके बुद्धि है, उसके लिये वह जीवन का सोता है, परन्तु मूढ़ों को शिक्षा देना मूढ़ता ही होती है। 
Proverbs 16:23 बुद्धिमान का मन उसके मुंह पर भी बुद्धिमानी प्रगट करता है, और उसके वचन में विद्या रहती है। 
Proverbs 16:24 मन भावने वचन मधु भरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं। 
Proverbs 16:25 ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 23-25


Tuesday, April 29, 2014

सही मार्ग


   कभी कभी जीवन का मार्ग बहुत लंबा और कठिन प्रतीत होता है; मुझे लगता है कि इस मार्ग पर अब और चल पाने की क्षमता और इच्छा मुझ में नहीं है। तब मुझे स्मरण आता है कि इससे पहले कि मुझे इस मार्ग पर चलने के लिए बुलाया जाता, परमेश्वर उसके बारे में सब कुछ जानता था। उसे पता था कि उस मार्ग पर चलते हुए मुझे कब कौन सी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा, मुझे किस कष्ट से होकर निकलना पड़ेगा, मुझे ऐसा क्या क्या सहना पड़ेगा जिसके बारे में किसी और से बातचीत भी नहीं कर सकता। उसे सब पता था और वह उस मार्ग पर मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ता वरन हर कदम पर मेरे साथ साथ ही चलता है।

   हो सकता है कि आप आज किसी दुखः या उदासी से अभिभूत हैं। हो सकता है कि किसी कठिन सेवकाई के स्थान के बोझ ने आप को दबा रखा है; या फिर विवाहित जीवन की कठिनाईयाँ आप को परेशान कर रही हैं; या फिर किसी संघर्षरत सन्तान का दुखः आपको झेलना पड़ रहा है; या वृद्ध माता-पिता की देख-रेख आपको चिन्तित कर रही है; या जीवन की कोई और समस्या अथवा दुखः आपको घेरे हुए है। आप सोच सकते हैं, "अवश्य ही परमेश्वर ने मेरे लिए ऐसा कठिन और दुखदाई मार्ग तो नहीं ठहराया होगा; ज़रूर कोई अन्य सरल मार्ग मेरे लिए होगा।"

   लेकिन हम में से कौन जानता है कि जिस अन्य मार्ग की हम कल्पना कर रहे हैं वह वास्तव में हमारे लिए सरल होगा भी या नहीं; या फिर उस पर चलते हुए क्या हम परमेश्वर की बेहतर और भली सन्तान बनने पाएंगे कि नहीं? हमारा स्वर्गीय पिता हमारे लिए सर्वोत्तम को जानता है, सब मार्गों में से जो सबसे अच्छा है वह उसी को हमारे लिए निर्धारित करता है और हमें उस पर सुरक्षित ले कर साथ साथ चलता है (भजन 142:3)।

   परमेश्वर की गति और मेरी गति एक समान नहीं है; मेरे और परमेश्वर के विचारों में ज़मीन-आसमान का अन्तर है (यशायाह 55:9)। आज हम नम्रता पूर्वक उसके बताए मार्ग पर चल सकते हैं, संपूर्ण विश्वास के साथ कि अपनी असीम बुद्धिमता और प्रेम में होकर जो उसने मेरे लिए निर्धारित किया है वही सर्वोत्तम है। परमेश्वर हमारी ज्ञान और समझ की सीमाओं से कहीं अधिक बुद्धिमान है, हमारे भविष्य को वह पहले ही से जानता है, और उसका हमारे प्रति प्रेम अवर्णनीय है। जो हमारे बारे में सब कुछ हम से कहीं अधिक बेहतर रीति से जानता है, वह हमें सदा सही मार्ग पर ही लेकर चलेगा और हमारे साथ साथ उसी मार्ग पर चलेगा। पूरे विश्वास के साथ अपने आप को उसके हाथों में छोड़ दीजिए। - डेविड रोपर


परमेश्वर आपको कभी किसी गलत मार्ग पर नहीं चलाएगा।

क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है। - यशायाह 55:9

बाइबल पाठ: भजन 142:1-7
Psalms 142:1 मैं यहोवा की दोहाई देता, मैं यहोवा से गिड़गिड़ाता हूं, 
Psalms 142:2 मैं अपने शोक की बातें उस से खोल कर कहता, मैं अपना संकट उस के आगे प्रगट करता हूं। 
Psalms 142:3 जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी, तब तू मेरी दशा को जानता था! जिस रास्ते से मैं जाने वाला था, उसी में उन्होंने मेरे लिये फन्दा लगाया। 
Psalms 142:4 मैं ने दाहिनी ओर देखा, परन्तु कोई मुझे नहीं देखता है। मेरे लिये शरण कहीं नहीं रही, न मुझ को कोई पूछता है।
Psalms 142:5 हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; मैं ने कहा, तू मेरा शरणस्थान है, मेरे जीते जी तू मेरा भाग है। 
Psalms 142:6 मेरी चिल्लाहट को ध्यान देकर सुन, क्योंकि मेरी बड़ी दुर्दशा हो गई है! जो मेरे पीछे पड़े हैं, उन से मुझे बचा ले; क्योंकि वे मुझ से अधिक सामर्थी हैं। 
Psalms 142:7 मुझ को बन्दीगृह से निकाल कि मैं तेरे नाम का धन्यवाद करूं! धर्मी लोग मेरे चारों ओर आएंगे; क्योंकि तू मेरा उपकार करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 20-22


Monday, April 28, 2014

नफरत


   जौर्ज वॉशिंगटन कार्वर (1864-1943) को अपने जीवन में बहुत भारी जातीय तथा रंगभेद का सामना करना पड़ा, लेकिन हर विरोध के बावजूद उन्होंने अमेरिका के सुप्रसिद्ध शिक्षाविशारदों में अपना स्थान बना लिया। अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए बदला लेने की कटु भावना का विरोध करते हुए उन्होंने बड़ी बुद्धिमानी से लिखा, "भीतरी नफरत, अन्ततः नफरत करने वाले को ही नाश कर देती है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल की ऐस्तेर नामक पुस्तक में हम देखते हैं कि नफरत कितनी आत्म-घाती हो सकती है। मोर्दकै नामक एक यहूदी फारस के राजा के एक उच्च स्तरीय और अभिमानी दरबारी हामान के आगे झुक कर प्रणाम नहीं करता था, जिससे हामान के अहम को बहुत ठेस पहुँची। हामान ने क्रोधावेश में होकर सभी यहूदियों के नाश का षड़यंत्र बनाया और राजा के कान यहूदियों के विरुद्ध भरने लगा, जिससे राजा को यह विश्वास हो जाए कि यहूदी लोग उसके साम्राज्य की स्थिरता के लिए खतरा हैं। जब राजा हामान की बातों में पूरी रीति से आ गया तब हामान ने राजा से यह राजाज्ञा निकलवाई कि एक निर्धारित दिन पूरे राज्य में सभी लोगों को यहूदियों को जान से मारने की स्वतंत्रता होगी। राजाज्ञा तो निकल गई और सारे देश में इसका ऐलान भी हो गया, लेकिन उसके पूरा होने से पहले रानी ऐस्तेर ने राजा के सामने हामान के सारे दुष्ट षड़यंत्र का पर्दाफश कर दिया, और राजा ने क्रोधित होकर हामान को ही उस फांसी के फंदे पर लटकवा दिया जो उसने मोर्दकै के लिए तैयार करवाया था।

   कार्वर का कथन और हामान का कृत्य हमें स्मरण दिलाता है कि नफरत आत्म-घाती होती है। परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में कहा है कि बुराई के बदले में भलाई करें और बुराई को भलाई से जीत लें। अपना पलटा आप ना लें, वरन सब के साथ शांति से रहते हुए जो सही और भला है वही करते रहें। प्रभु यीशु मसीह ने भी अपने जीवन से यही कर के दिखाया और हमारे लिए अनुसरण करने का उदाहरण छोड़ा। हम मसीही विश्वासियों को इस उदाहरण को अपने जीवन में लागू कर के दिखाना है। - डेनिस फिशर


नफरत आत्म-घाती होने और प्रेम मसीह के निर्देशों की पूर्ति है।

सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्‍पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्‍टा करो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:15

बाइबल पाठ: ऐस्तेर 7:1-10; रोमियों 12:17-21
Esther 7:1 सो राजा और हामान एस्तेर रानी की जेवनार में आगए। 
Esther 7:2 और राजा ने दूसरे दिन दाखमधु पीते-पीते एस्तेर से फिर पूछा, हे एस्तेर रानी! तेरा क्या निवेदन है? वह पूरा किया जाएगा। और तू क्या मांगती है? मांग, और आधा राज्य तक तुझे दिया जाएगा। 
Esther 7:3 एस्तेर रानी ने उत्तर दिया, हे राजा! यदि तू मुझ पर प्रसन्न है, और राजा को यह स्वीकार हो, तो मेरे निवेदन से मुझे, और मेरे मांगने से मेरे लोगों को प्राणदान मिले। 
Esther 7:4 क्योंकि मैं और मेरी जाति के लोग बेच डाले गए हैं, और हम सब विध्वंसघात और नाश किए जाने वाले हैं। यदि हम केवल दास-दासी हो जाने के लिये बेच डाले जाते, तो मैं चुप रहती; चाहे उस दशा में भी वह विरोधी राजा की हानि भर न सकता। 
Esther 7:5 तब राजा क्षयर्ष ने एस्तेर रानी से पूछा, वह कौन है? और कहां है जिसने ऐसा करने की मनसा की है? 
Esther 7:6 एस्तेर ने उत्तर दिया है कि वह विरोधी और शत्रु यही दुष्ट हामान है। तब हामान राजा-रानी के साम्हने भयभीत हो गया। 
Esther 7:7 राजा तो जलजलाहट में आ, मधु पीने से उठ कर, राजभवन की बारी में निकल गया; और हामान यह देखकर कि राजा ने मेरी हानि ठानी होगी, एस्तेर रानी से प्राणदान मांगने को खड़ा हुआ। 
Esther 7:8 जब राजा राजभवन की बारी से दाखमधु पीने के स्थान में लौट आया तब क्या देखा, कि हामान उसी चौकी पर जिस पर एस्तेर बैठी है पड़ा है; और राजा ने कहा, क्या यह घर ही में मेरे साम्हने ही रानी से बरबस करना चाहता है? राजा के मुंह से यह वचन निकला ही था, कि सेवकों ने हामान का मुंह ढांप दिया। 
Esther 7:9 तब राजा के साम्हने उपस्थित रहने वाले खोजों में से हर्वोना नाम एक ने राजा से कहा, हामान को यहां पचास हाथ ऊंचा फांसी का एक खम्भा खड़ा है, जो उसने मोर्दकै के लिये बनवाया है, जिसने राजा के हित की बात कही थी। राजा ने कहा, उसको उसी पर लटका दो। 
Esther 7:10 तब हामान उसी खम्भे पर जो उसने मोर्दकै के लिये तैयार कराया था, लटका दिया गया। इस पर राजा की जलजलाहट ठंडी हो गई। 

Romans 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। 
Romans 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Romans 12:19 हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Romans 12:20 परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Romans 12:21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 17-19


Sunday, April 27, 2014

निर्णय


   अनेक स्वास्थ्य और फिटनैस केन्द्र आशा रखते हैं कि जनवरी के आरंभ होते ही अनेक लोग आकर उनके यहाँ सदस्यता लेंगे, शुल्क भरेंगे, फिर कुछ दिन तक आने के बाद आना बन्द कर देंगे। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि उन लोगों ने शुल्क तो भरा किन्तु उसका लाभ नहीं लिया। लेकिन फिटनैस प्रशिक्षक जैस्सी जोन्स कुछ भिन्न सोच रखते हैं। यदि आप ने सदस्यता ली और फिर नियम से नहीं आए तो वे आपकी सदस्यता रद्द कर देते हैं। जोन्स कहते हैं, "अपने पैसे बचा कर रखिए। कुछ महीनों बाद, जब आप इस बारे में गंभीर हो जाएं तब आकर मुझ से दोबारा मिलिए। मेरी चाहत आपसे तीन और माह का शुल्क लेना नहीं है। मैं चाहता हूँ कि आप अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति गंभीर बनें।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 9:57-62 में हम तीन ऐसे व्यक्तियों को पाते हैं जिन्होंने प्रभु यीशु के पीछे चलने की चाह रखी। उन तीनों से ही प्रभु ने कुछ कठोर बातें कहीं; एक से कहा, "...मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं" (पद 58); दूसरे से कहा, "...मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे..." (पद 60); और तीसरे से कहा, "...जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं" (पद 62)। प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु यीशु ने दिखाया कि प्रभु का चेला बन कर उसके पीछे चलना कैसा बलिदान और कटिबद्धत्ता का जीवन है।

   एक व्यक्ति का, जिसे मैं प्रभु यीशु के प्रति समर्पित और संवेदनशील शिष्य के रूप में जानता और उसकी सराहना करता हूँ, कहना है कि "प्रत्येक मसीही विश्वासी को एक मूलभूत परिवर्तन और कटिबद्धत्ता के लिए तैयार रहना चाहिए"। प्रभु यीशु हमें केवल वर्तमान स्थिति से निकलने मात्र के लिए ही नहीं बुलाता, वरन इसलिए भी कि उस स्थिति से निकल कर उसके पीछे चल निकलने के अपने निर्णय को हम गंभीरता पूर्वक लें और निभाएं भी। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु का अनुयायी होना संपूर्ण समर्पण माँगता है।

हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। - फिलिप्पियों 3:13

बाइबल पाठ: लूका 9:57-62
Luke 9:57 जब वे मार्ग में चले जाते थे, तो किसी न उस से कहा, जहां जहां तू जाएगा, मैं तेरे पीछे हो लूंगा। 
Luke 9:58 यीशु ने उस से कहा, लोमडिय़ों के भट और आकाश के पक्षियों के बसेरे होते हैं, पर मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं। 
Luke 9:59 उसने दूसरे से कहा, मेरे पीछे हो ले; उसने कहा; हे प्रभु, मुझे पहिले जाने दे कि अपने पिता को गाड़ दूं। 
Luke 9:60 उसने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे, पर तू जा कर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना। 
Luke 9:61 एक और ने भी कहा; हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं। 
Luke 9:62 यीशु ने उस से कहा; जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 14-16


Saturday, April 26, 2014

सच्ची भक्ति


   हाल ही में मैंने युवाओं की ओर लक्षित पहरावे का एक विज्ञापन देखा; उसमें नीले रंग की जीन्स और उनके साथ जाने वाली सभी सहायक सामग्री दिखाई गई थी। इसमें कुछ भी नया नहीं है, लेकिन जिस बात ने मेरा ध्यान खींचा वह था उस पहरावे को दिया गया नाम - "ट्रू रिलिजन" अर्थात "सच्चा धर्म"। इस नाम के कारण मैं थम कर सोचने लगा - यह नाम क्यों चुना गया? कहीं ऐसा तो नहीं कि मैं इसमें छुपा कुछ गहरा अर्थ समझ नहीं पा रहा हूँ? एक जीन्स का धर्म से क्या संबंध हो सकता है? ये लोग कहना क्या चाहते हैं? मेरे इस चिन्तन ने मुझे निरुत्तर ही छोड़ दिया।

   मैं धन्यवादी हूँ कि परमेश्वर का वचन बाइबल इस संबंध में बिलकुल स्पष्ट है। बाइबल के नए नियम खण्ड की याकूब की पत्री में सच्चे धर्म के लिए लिखा है: "हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें" (याकूब 1:27) - यह एक अनूठी और प्रेर्णादायक बात है। बाइबल के अनुसार, सच्ची भक्ति  या सच्चा धर्म परमेश्वर के साथ हमारे संबंध का प्रगटिकरण है। मसीह यीशु में होकर बनी हमारी नई पहचान और परमेश्वर के साथ के हमारे संबंध का एक प्रमाण है कि हम एक दूसरे की देखभाल कैसी करते हैं - हम में जो कमज़ोर, ज़रूरतमंद तथा विपरीत परिस्थितियों के शिकार हो सकने की संभावना में हैं उनके प्रति हमारा रवैया क्या है?

   सच्चा धर्म या सच्ची भक्ति कोई वस्त्र नहीं है जिसे चाहे जब पहन लो और चाहे जब उतार दो। वह तो एक उच्च स्तर की चुनौती है, यह जानने और पहचानने की कि हम पवित्र परमेश्वर और संसार के समक्ष कैसा जीवन व्यतीत करते हैं। - बिल क्राउडर


अपने ऊपर कोई लेबल लगाने लेने से हम सच्ची भक्ति नहीं दिखा सकते; यह होता है परमेश्वर के भय और इच्छानुसार एक सच्चा जीवन जीने से।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: याकूब 1:19-27
James 1:19 हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। 
James 1:20 क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है। 
James 1:21 इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर कर के, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है। 
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। 
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है। 
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था। 
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है। 
James 1:26 यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है। 
James 1:27 हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 10-13


Friday, April 25, 2014

सुन्दर


   हल्के बैंगनी और नारंगी रंग की पृष्ठभूमि पर बारीक काले जालिनुमा नमूने में से होकर चमकते हुए प्रकाश ने मेरा ध्यान खेंचा। बारीकी से किए गए इस कार्य को देखकर मैंने सोचा कि यह अवश्य किसी कुशल चित्रकार की कला होगी। मैं बारीकी से उस चित्र के बनाने के लिए उपयोग किए गए चित्र-पटल - उस पत्ते को देखने लगा, और शीघ्र ही वहीं मुझे वह "चित्रकार" भी दिखाई दे गया - एक कीड़ा जिसने पत्ते को खाते खाते, पत्ते के अन्दर यहाँ-वहाँ रेखाओं का जाल सा खींच दिया था, और उस अध-खाए रंगीन पत्ते की उन रेखाओं में से कहीं कहीं से होकर सूरज की रौशनी दिखाई पड़ रही थी। उसी चमकती हुई रौशनी के कारण, पत्ते के नाश का वह दृष्य एक सुन्दर चित्रकला सा प्रतीत हो रहा था।

   उस "चित्र" को निहारते हुए मैं उन जीवनों के बारे में सोचने लगी जिन्हें पाप के कीड़े ने खा कर बरबाद कर दिया है। हमारे द्वारा या फिर अन्य किसी के द्वारा लिए गए गलत निर्णयों के दुषप्रभाव हमें अन्दर से खोखला कर देते हैं और हमारे लिए कष्टदायक बन जाते हैं। हम चाहे ऊपर या बाहर से ठीक दिखाई दें लेकिन पाप हमें अन्दर ही अन्दर गलाता तथा काटता रहता है। हम सब पाप के इन कटु दुष-परिणामों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जानते हैं।

   लेकिन उस "चित्र" ने मुझे केवल पाप द्वारा अन्दर से खाए जाने और नाश किए जाने की ही याद नहीं दिलाई, वरन उस स्थिति में भी मसीह यीशु में होकर मिलने वाली आशा और उसके सुखद परिणामों को भी याद दिलाया। परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में अपने नबी योएल के द्वारा अपनी प्रजा इस्त्राएल से कहा, "और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा" (योएल 2:25); और यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कहा, "और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो" (यशायाह 61:3 )।

   शैतान का यह निरंतर प्रयास रहता है कि वह हमें पाप में बनाए रखे, हमें बिगाड़े रखे तथा नाश की ओर ले जाए। लेकिन जगत की ज्योति प्रभु यीशु मसीह हमारी पाप से बिगड़ी दशा में भी हमें स्वीकार कर के, हम में होकर अपनी ज्योति को संसार के समक्ष चमकने के द्वारा हमें सबके लिए सुन्दर तथा आकर्षक बना सकता है। बस हमें अपने आप को उसके हाथों में समर्पित करना है और उसे हमारे जीवनों में कार्य करने देने की स्वतंत्रता प्रदान करनी है; फिर वह हमारे बिगड़े हुए स्वरूप को भी संवार देगा, हम में होकर अपने तेज को संसार पर प्रगट करेगा और हमें सुन्दर कर देगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु हमारी सभी अपूर्णताएं हटाता नहीं है, वरन उन अपूर्णताओं में होकर अपनी ज्योति को चमकाता है और हमें सुन्दर बनाता है।

मैं तुम्हारे लिये नाश करने वाले को ऐसा घुड़कूंगा कि वह तुम्हारी भूमि की उपज नाश न करेगा, और तुम्हारी दाखलताओं के फल कच्चे न गिरेंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - मलाकी 3:11 

बाइबल पाठ: योएल 2:18-27
Joel 2:18 तब यहोवा को अपने देश के विषय में जलन हुई, और उसने अपनी प्रजा पर तरस खाया। 
Joel 2:19 यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने