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शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014

स्वच्छ


   आजकल आप जहाँ भी जाएं, आपको अपने हाथों को स्वच्छ रखने तथा अपने आस-पास सफाई बनाए रखने के निर्देश दिखाई देंगे। स्वास्थ्य अधिकारी हमें निरन्तर स्मरण दिलाते रहते हैं कि रोग फैलाने वाले जीवाणुओं से बचे रहने का सबसे उत्तम उपाय है स्वच्छता - अपनी तथा अपने आस-पास की। इसीलिए सार्वजनिक स्थानों पर, जहाँ गन्दगी में जीवाणुओं के पनपने का और लोगों में एक से दूसरे तक जीवाणुओं के फैलने का अवसर सबसे अधिक होता है इस स्वच्छता को बनाए रखने के निर्देश सबसे अधिक मिलते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हमें ना केवल शारीरिक वरन आत्मिक स्वच्छता के विषय में शिक्षाएं मिलती हैं। दाऊद ने अपने लिखे एक भजन में परमेश्वर की उपस्थिति में आने के लिए आत्मिक स्वच्छता के बारे कहा: "यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है" (भजन 24:3-4)। दाऊद यहाँ मन की अर्थात आत्मिक स्वच्छता की बात कर रहा है; एक ऐसे जीवन की जो परमेश्वर के भय और भक्ति में वह करने के लिए समर्पित है जो परमेश्वर को पसन्द है। ऐसा जीवन ही सच्ची आराधना के लिए परमेश्वर के सम्मुख खड़े रहने पाएगा।

   क्योंकि हम मसीही विश्वासियों में प्रभु का पवित्र आत्मा निवास करता है, इसलिए वह हमें कायल भी करता है कि हम एक स्वच्छ मन-मस्तिष्क रखने वाला जीवन व्यतीत करें, जहाँ से निकलने वाली सच्ची आराधना परमेश्वर को भावती तथा ग्रहणयोग्य हो। - बिल क्राउडर


सच्ची आराधना का उदगम प्रभु यीशु द्वारा स्वच्छ किए गए मन से होता है।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:1-2

बाइबल पाठ: भजन 24
Psalms 24:1 पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी। 
Psalms 24:2 क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ कर के रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।
Psalms 24:3 यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? 
Psalms 24:4 जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है। 
Psalms 24:5 वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा। 
Psalms 24:6 ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, वे तेरे दर्शन के खोजी याकूब वंशी हैं।
Psalms 24:7 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो। हे सनातन के द्वारों, ऊंचे हो जाओ। क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा। 
Psalms 24:8 वह प्रतापी राजा कौन है? परमेश्वर जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है! 
Psalms 24:9 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो हे सनातन के द्वारों तुम भी खुल जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा! 
Psalms 24:10 वह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • प्रकाशितवाक्य 1-3


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