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Monday, February 3, 2014

परमेश्वर का कार्य


   चार्ल्स फिन्नी एक 29 वर्षीय वकील था जब वह अपने उद्धार पाने के विषय में चिंतित हुआ। 10 अक्तूबर, 1821 को वह प्रार्थना करने के लिए अपने घर के निकट के जंगल के एक इलाके में गया। वहाँ पर उसे उद्धार का अद्भुत अनुभव हुआ, जिसके बारे में उसने लिखा, "मुझे प्रतीत हुआ मानो पवित्र आत्मा मेरे शरीर और प्राण के अन्दर समा गया, वह प्रेम की तरल लहरों के समान मुझ पर आ रहा था।" अपने इस अनुभव के अगले दिन उसकी भेंट उसके एक मुव्वकिल से हुई जो उसके पास वकालत के लिए आया था। चार्ल्स फिन्नी ने उस से कहा, "अब मुझे प्रभु यीशु ने अपने लिए वकालत करने के लिए नियुक्त कर लिया है, इसलिए अब मैं तुम्हारे लिए वकालत नहीं कर सकता।" फिन्नी ने अपनी वकालत को छोड़ दिया और मसीही सेवकाई में आ गया, और आगे चलकर परमेश्वर ने उसे बड़े सामर्थी रूप में बहुतेरों को प्रभु यीशु में मिलने वाले उद्धार तथा पापों की क्षमा तक लाने के लिए उपयोग किया।

   इसी प्रकार प्रेरित पौलुस को भी प्रभु यीशु की वकालत के लिए नियुक्त किया गया था; पौलुस ने लिखा, "...मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं...।" (फिलिप्पियों 1:16); यहाँ जिस शब्द का अनुवाद ’उत्तर देने के लिए’ किया गया है वह उन दिनों की मूल भाषा में एक वकील द्वारा अपने मुव्वकिल के बचाव के लिए अदालत में जिरह करने के लिए प्रयोग होता था। प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार का यह कार्य केवल पौलुस या फिन्नी ही के लिए नहीं था, वरन यह प्रत्येक मसीही विश्वासी की ज़िम्मेदारी है, जैसा पौलुस एक अन्य स्थान पर लिखा, "सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो" (2 कुरिन्थियों 5:20)।

   कितना बड़ा सौभाग्य है कि परमेश्वर हमें अपने कार्य सौंपता है, दूसरों को पापों की क्षमा और उद्धार के लिए प्रभु यीशु के निकट लाने के लिए उपयोग करता है। क्या आप परमेश्वर के इस कार्य में लगे हैं? - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु में उद्धार और पापों की क्षमा का सुसमाचार इतना अच्छा है कि उसे अपने तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्‍ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। - 1 कुरिन्थियों 9:16

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:12-18
Philippians 1:12 हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है। 
Philippians 1:13 यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं। 
Philippians 1:14 और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं। 
Philippians 1:15 कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से। 
Philippians 1:16 कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं। 
Philippians 1:17 और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्पन्न करें। 
Philippians 1:18 सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 20-23