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Thursday, February 6, 2014

स्त्रोत


   मुझे दालचीनी का स्वाद बहुत पसन्द है, इसलिए मैं दालचीनी डालकर बनाए गए सभी व्यनजनों को बहुत चाहता हूँ और बड़े आनन्द से खाता हूँ। दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो दूसरी वस्तुओं के स्वाद को बेहतर बना देता है। लेकिन इतने वर्षों से दालचीनी डालकर बनाए गए कितने ही व्यनजनों को खाते रहने के बाद भी कभी मैंने यह नहीं सोचा था कि दालचीनी का स्त्रोत कहाँ है। हाल ही में मुझे श्री लंका की अपनी यात्रा के दौरान पता चला कि सारे संसार में उपलब्ध दालचीनी में से 90% श्री लंका से आती है। इतने वर्षों से दालचीनी के स्वाद का आनन्द लेते रहने के बावजूद मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मेरे उस पसन्दीदा स्वाद का स्त्रोत क्या है!

   अफसोस की बात यह है कि मेरी मसीही जीवन की यात्रा में भी मैं कभी कभी यही रवैया लागू कर लेता हूँ। परमेश्वर ने मुझे बहुत अच्छी पत्नि, पाँच बच्चे और ढेरों नाती-पोते दिए हैं, जो सब मेरे लिए अत्याधिक आनन्द का कारण हैं। उनके बीच में आनन्दित रहते हुए मैं कभी कभी अपने इस आनन्द और अपनी आशीषों के स्त्रोत को भूल जाता हूँ जिसके लिए याकूब ने लिखा: "क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है" (याकूब 1:17)।

   यदि हम अपने उस स्वर्गीय परमेश्वर पिता के प्रति, जो समस्त सृष्टि और हमारे जीवन का स्त्रोत है, हर बात के लिए धन्यवादी ना बने रहें तो हम कैसे स्वार्थी और कृत्घन ठहरेंगे। परमेश्वर ने अपनी आशीषें हमारे जीवन में बहुतायत से उंडेली हैं, आईए हम भी अपने हृदय और अपना जीवन धन्यवाद के साथ उसे अर्पित कर दें। - बिल क्राउडर


परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना परमेश्वर को आदर देना है।

क्योंकि यहोवा परमेश्वर सूर्य और ढाल है; यहोवा अनुग्रह करेगा, और महिमा देगा; और जो लोग खरी चाल चलते हैं; उन से वह कोई अच्छा पदार्थ रख न छोड़ेगा। - भजन 84:11

बाइबल पाठ: याकूब 1:12-18
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है। 
James 1:13 जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है। 
James 1:14 परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है। 
James 1:15 फिर अभिलाषा गर्भवती हो कर पाप को जनती है और पाप जब बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है। 
James 1:16 हे मेरे प्रिय भाइयों, धोखा न खाओ। 
James 1:17 क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। 
James 1:18 उसने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्‍टि की हुई वस्‍तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6