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Saturday, March 1, 2014

भरोसा


   झूठ पकड़ने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी स्वाभाविक प्रवृति लोगों पर विश्वास करना है। लेकिन हर कोई हर समय भरोसे के योग्य नहीं होता। छल करने अथवा झूठ बोलने वालों के कुछ हाव-भाव होते हैं; वे बेचैन प्रतीत होते हैं, आँख से आँख मिलाकर बात नहीं करते, बातचीत करते समय हिचकिचाते हैं या अटकते हैं। इन सुरागों के बावजूद, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि धोखेबाज़ों को विश्वासयोग्य लोगों से अलग पहचान पाना सरल नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक घटना का उल्लेख है जहाँ ऐसे ही धोखे से कुछ लोगों ने इस्त्राएलियों को ठग लिया। यहोशु के पास, जिसे परमेश्वर ने इस्त्राएल को कनान देश में बसाने और उनके गोत्रों की सीमाएं निर्धारित करने की ज़िम्मेदारी दी थी, कनान देश के कुछ निवासी जो गिब्बोनी कहलाते थे और पास ही के इलाके से थे, इसलिए आए कि वे इस्त्राएलियों के साथ संधि कर लें जिससे इस्त्राएली उन्हें उनके इलाके से ना निकालने पाएं। उन्होंने यहोशु पर यह जताया कि वे बहुत दूर स्थान से आए हैं और प्रमाण के लिए अपने पुराने और फटे वस्त्र, पुरानी जूतियाँ आदि दिखाईं। इस्त्राएलियों को सन्देह तो हुआ, लेकिन उन्होंने परमेश्वर से इस सम्बंध में सलाह नहीं ली, गिब्बोनियों की बातों में आकर उन से ’शांति संधि’ कर ली। कुछ समय पश्चात इस्त्राएलियों को मालुम पड़ा कि वे गिब्बोनी किसी दूरस्त इलाके के नहीं वरन पास ही के इलाके के थे, लेकिन अब संधि हो चुकी थी।

   बहुत से लोग अपने लाभ के लिए हमारा भरोसा जीतना चाहते हैं, जैसे सामान विक्रेता, आर्थिक निवेश सलाहकार, विरक्त हो रखे परिजन आदि। स्वाभाविक है कि तब मन में प्रश्न उठता है, "क्या मैं इन पर भरोसा कर सकता हूँ?" ऐसे में हमें जल्दबाज़ी में, केवल प्रत्यक्ष दिखाई देने वाली बातों ही के आधार पर कोई निर्णय नहीं करना चाहिए। भला होता है परामर्श लेना, और उत्तम परामर्श हमें परमेश्वर के लोगों से (नीतिवचन 11:14); परमेश्वर के वचन बाइबल से - भजनकार ने परमेश्वर के वचन को पथ का दीपक और मार्ग का उजियाला कहा है (भजन 119:105); और स्वयं परमेश्वर से मिलता है, जिसने हमें माँगने पर बिना उलाहना दिए बुद्धि देने का वायदा किया है (याकूब 1:5)।

   यही वह परमर्श है जिसपर हम भरोसा कर सकते हैं, जिसके द्वारा हम सही चुनाव कर सकते हैं, क्योंकि मनुष्य तो झूठ बोल सकता है और धोखा दे सकता है परन्तु परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोलता, कभी धोखा नहीं देता। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भला विवेक पाने की लालसा परमेश्वर से प्रार्थना के लिए बुलाहट है।

...क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: यहोशु 9:1-16
Joshua 9:1 यह सुनकर हित्ती, एमोरी, कनानी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी, जितने राजा यरदन के इस पार पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, और लबानोन के साम्हने के महानगर के तट पर रहते थे, 
Joshua 9:2 वे एक मन हो कर यहोशू और इस्राएलियों से लड़ने को इकट्ठे हुए।
Joshua 9:3 जब गिबोन के निवासियों ने सुना कि यहोशू ने यरीहो और ऐ से क्या क्या किया है, 
Joshua 9:4 तब उन्होंने छल किया, और राजदूतों का भेष बनाकर अपने गदहों पर पुराने बोरे, और पुराने फटे, और जोड़े हुए मदिरा के कुप्पे लादकर 
Joshua 9:5 अपने पांवों में पुरानी गांठी हुई जूतियां, और तन पर पुराने वस्त्र पहिने, और अपने भोजन के लिये सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी ले ली। 
Joshua 9:6 तब वे गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास जा कर उस से और इस्राएली पुरूषों से कहने लगे, हम दूर देश सें आए हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:7 इस्राएली पुरूषों ने उन हिव्वियों से कहा, क्या जाने तुम हमारे मध्य में ही रहते हो; फिर हम तुम से वाचा कैसे बान्धे? 
Joshua 9:8 उन्होंने यहोशू से कहा, हम तेरे दास हैं। तब यहोशू ने उन से कहा, तुम कौन हो? और कहां से आए हो? 
Joshua 9:9 उन्होंने उस से कहा, तेरे दास बहुत दूर के देश से तेरे परमेश्वर यहोवा का नाम सुनकर आए हैं; क्योंकि हम ने यह सब सुना है, अर्थात उसकी कीर्ति और जो कुछ उसने मिस्र में किया, 
Joshua 9:10 और जो कुछ उसने एमोरियों के दोनों राजाओं से किया जो यरदन के उस पार रहते थे, अर्थात हेश्बोन के राजा सीहोन से, और बाशान के राजा ओग से जो अश्तारोत में था। 
Joshua 9:11 इसलिये हमारे यहां के वृद्धलोगों ने और हमारे देश के सब निवासियों ने हम से कहा, कि मार्ग के लिये अपने साथ भोजनवस्तु ले कर उन से मिलने को जाओ, और उन से कहना, कि हम तुम्हारे दास हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:12 जिस दिन हम तुम्हारे पास चलने को निकले उस दिन तो हम ने अपने अपने घर से यह रोटी गरम और ताजी ली थी; परन्तु अब देखो, यह सूख गई है और इस में फफूंदी लग गई है। 
Joshua 9:13 फिर ये जो मदिरा के कुप्पे हम ने भर लिये थे, तब तो नये थे, परन्तु देखो अब ये फट गए हैं; और हमारे ये वस्त्र और जूतियां बड़ी लम्बी यात्रा के कारण पुरानी हो गई हैं। 
Joshua 9:14 तब उन पुरूषों ने यहोवा से बिना सलाह लिये उनके भोजन में से कुछ ग्रहण किया। 
Joshua 9:15 तब यहोशू ने उन से मेल कर के उन से यह वाचा बान्धी, कि तुम को जीवित छोड़ेंगे; और मण्डली के प्रधानों ने उन से शपथ खाई। 
Joshua 9:16 और उनके साथ वाचा बान्धने के तीन दिन के बाद उन को यह समाचार मिला; कि वे हमारे पड़ोस के रहने वाले लोग हैं, और हमारे ही मध्य में बसे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 7-9