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Friday, April 4, 2014

आत्मिक शत्रु


  एक प्रातः की बात है, मैं अपने घर के पिछवाड़े के घास के मैदान में एक खरगोश को घास कुतरते हुए देख रहा था। अचानक ही आकाश से तीर के समान एक बाज़ नीचे आया कि झपट कर उसे उठा ले; बाज़ के पंजे खुले हुए थे और नज़रें अपने शिकार पर गड़ी हुई थीं। लेकिन खरगोश ने उस बाज़ को झपटा मारते हुए देख लिया और तेज़ी से सुरक्षित स्थान की ओर भागा। खरगोश और बाज़ में केवल कुछ इंच का फासला था, लेकिन अपनी सावधानी के कारण खरगोश उसके पंजों से बच निकलने में सफल हो गया।

   जैसे वह खरगोश अपने ऊपर होने वाले हमले को समय रहते पहचान कर बचने को भाग निकला, वैसे ही हम मसीही विश्वासियों को भी अपने आत्मिक शत्रु शैतान से सावधान तथा सुरक्षित बने रहना है। प्रेरित पतरस लिखता है, "सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए" (1 पतरस 5:8)। शैतान हमें घात करने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाता है, हमारे दिलों में परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रति शक डालता है (यूहन्ना 8:44), हमें धोखे से फंसाने के प्रयत्न करता है (उत्पत्ति 3:1)।

   शैतान की सभी योजनाएं उसके कपटी स्वभाव के अनुरूप होती हैं, और वह हम पर अनेपक्षित रीति से हमला करने के प्रयास में रहता है। इसलिए उसके हथकंडों की जानकारी रखने (2 कुरिन्थियों 2:11) तथा उसके हमलों के प्रति सदा सचेत रहने के द्वारा हम झूठी शिक्षाओं को पहचान सकते हैं (1 यूहन्ना 4:1-3; 2 यूहन्ना 1:7-11) एवं परीक्षाओं पर जयवन्त हो सकते हैं (मत्ती 26:41)।

   हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर का वचन सचेत करता है कि हम अपने आत्मिक शत्रु के प्रति सचेत रहें, जो झूठ वह हमारे कानों में फुसफुसाता है उन्हें पहचान सकें, जो परीक्षाएं वह हमारे सामने लाता है उनमें गिर ना जाएं। यदि हम परमेश्वर के आधीन होकर उसका सामना करेंगे तो वह हमारे पास से भाग निकलेगा (याकूब 4:7)।


विजय की दिशा में पहला कदम होता है अपने शत्रु की युक्तियों को भली भांति पहचान पाना।

परन्तु मैं डरता हूं कि जैसे सांप ने अपनी चतुराई से हव्‍वा को बहकाया, वैसे ही तुम्हारे मन उस सीधाई और पवित्रता से जो मसीह के साथ होनी चाहिए कहीं भ्रष्‍ट न किए जाएं। - 2 कुरिन्थियों 11:3

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:5-11
1 Peter 5:5 हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्‍धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
1 Peter 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 
1 Peter 5:7 और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 
1 Peter 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। 
1 Peter 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं। 
1 Peter 5:10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा। 
1 Peter 5:11 उसी का साम्राज्य युगानुयुग रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 17-19