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Tuesday, May 13, 2014

चिंता


   आँकड़े पेचीदा होते हैं, वे हमें जानकारी तो देते हैं, लेकिन कभी कभी वे हमें उन लोगों के प्रति संवेदनविहीन भी बना देते हैं जिनकी जानकारी वे हमें दे रहे हैं। मुझे इस बात का एहसास अभी हाल ही में हुआ जब मैंने एक जानकारी देने वाला आँकड़ा पढ़ा: संसार भर में प्रति वर्ष डेढ़ करोड़ लोग भूख से मर जाते हैं। यह कंपकंपा देने वाली बात है, और उनके लिए जो बहुतायत के समाज में रहते हैं इसे समझना कठिन है। संसार भर में लाखों बच्चे अपने पाँचवे जन्म दिन से पहले ही मर जाते हैं, और इन मौतों में से एक तिहाई भूख के कारण होती हैं। ये संख्याएं स्तब्ध कर देने वाली हैं, लेकिन ये आंकड़ों से बढ़कर भी कुछ हैं - ये मनुष्य हैं, वे मनुष्य जिन्हें परमेश्वर ने बनाया, जिनके उद्धार के लिए अपने एकलौते पुत्र को बलिदान किया और जिनसे परमेश्वर उतना ही प्रेम करता है जितना वह मुझ से और आप से करता है।

   परमेश्वर पिता के इस प्रेम को हम उन लोगों तक पहुँचा सकते हैं, उन लोगों की सहायता करने तथा उनकी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक होने के द्वारा। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, "जो कंगाल पर अंधेर करता, वह उसके कर्ता की निन्दा करता है, परन्तु जो दरिद्र पर अनुग्रह करता, वह उसकी महिमा करता है" (नीतिवचन 14:31)। स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा इन ज़रूरतमंद लोगों की सहायता के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में स्वयंसेवक बनकर, उन लोगों के लिए नौकरी की तलाश करने में उनकी सहायता कर के, उन्हें कोई रोज़गार कमाने की कला सिखा कर, स्कूल जाने वाले गरीब बच्चों के लिए भोजन का प्रबन्ध कर के, भूख से पीड़ित लोगों के लिए भोजन सामग्री दान कर के, जहाँ स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है उनके लिए स्वच्छ जल के कुएँ खोदने के लिए आर्थिक सहायाता देकर, इत्यादि ऐसे अनेक तरीके हैं जिनके द्वारा हम उन के सहायक हो सकते हैं और वह प्रेम जो परमेश्वर ने हम से किया है, उसकी अनुभूति उन्हें भी करवा सकते हैं।

   इस ज़िम्मेदारी को पूरा करने का बीड़ा उठा कर हम परमेश्वर के उनके प्रति प्रेम का आदर करते हैं, उनके लिए उसकी चिंता और देख-रेख में संभागी होते हैं। यह सहायता करना का एक और कारण से भी हम मसीही विश्वासियों के लिए आवश्यक है - जब भूख से कुलबुला रहे पेट और अंतड़ियों का शोर उन लोगों पर हावी नहीं होगा तो शायद प्रभु यीशु में मिलने वाली पाप क्षमा और सेंत-मेंत उद्धार का सुसमाचार वे लोग बेहतर सुन और समझ भी सकेंगे। - बिल क्राउडर


हम अपने प्रति परमेश्वर के प्रेम को जितना अधिक समझने पाएंगे, उतना ही उसे दूसरों को पहुँचाने का प्रयास भी करेंगे।

जो कंगाल पर अनुग्रह करता है, वह यहोवा को उधार देता है, और वह अपने इस काम का प्रतिफल पाएगा। - नीतिवचन 19:17

बाइबल पाठ: मत्ती 25:31-46
Matthew 25:31 जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्वर्ग दूत उसके साथ आएंगे तो वह अपनी महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा। 
Matthew 25:32 और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकिरयों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्हें एक दूसरे से अलग करेगा। 
Matthew 25:33 और वह भेड़ों को अपनी दाहिनी ओर और बकिरयों को बाई और खड़ी करेगा। 
Matthew 25:34 तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है। 
Matthew 25:35 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया। 
Matthew 25:36 मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्‍दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए। 
Matthew 25:37 तब धर्मी उसको उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया? 
Matthew 25:38 हम ने कब तुझे परदेशी देखा और अपने घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए? 
Matthew 25:39 हम ने कब तुझे बीमार या बन्‍दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए? 
Matthew 25:40 तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। 
Matthew 25:41 तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे श्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है। 
Matthew 25:42 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को नहीं दिया, मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी नहीं पिलाया। 
Matthew 25:43 मैं परदेशी था, और तुम ने मुझे अपने घर में नहीं ठहराया; मैं नंगा था, और तुम ने मुझे कपड़े नहीं पहिनाए; बीमार और बन्‍दीगृह में था, और तुम ने मेरी सुधि न ली। 
Matthew 25:44 तब वे उत्तर देंगे, कि हे प्रभु, हम ने तुझे कब भूखा, या प्यासा, या परदेशी, या नंगा, या बीमार, या बन्‍दीगृह में देखा, और तेरी सेवा टहल न की? 
Matthew 25:45 तब वह उन्हें उत्तर देगा, मैं तुम से सच कहता हूं कि तुम ने जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया। 
Matthew 25:46 और यह अनन्त दण्‍ड भोगेंगे परन्तु धर्मी अनन्त जीवन में प्रवेश करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 8-10