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Sunday, May 18, 2014

सर्वोत्तम


   यह वह नहीं है जो मैंने अपने जीवन के बारे में सोचा था। मैंने सोचा था कि मैं 19 वर्ष की आयु में ही शादी कर लूँगी, मेरे आधा-दर्जन बच्चे होंगे और मैं एक पत्नी एवं माँ के रूप में अपना जीवन व्यतीत करूँगी। लेकिन मैं काम करने लगी, चालीस वर्ष से ऊपर की आयु में मेरी शादी हुई, और मैं माँ नहीं बनी। बहुत वर्षों तक मैं यही आशा रखती थी कि परमेश्वर मेरे लिए भजन 37:4 - "यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा" के अनुसार करेगा; लेकिन यह भी नहीं हुआ।

   कभी कभी इन अधूरी इच्छाओं की यादें मन को थोड़ा उदास कर देती हैं। जैसे मेरे साथ हुआ, हो सकता है कि आपके साथ भी हुआ हो और जीवन आपकी आशा के अनुसार नहीं वरन उससे भिन्न मार्ग पर चला हो। इस संदर्भ में भजन 37 में लिखी गई कुछ बातें विचार के लिए आपके सामने रखती हूँ (यद्यपि यह भजन मुख्यतः दुष्टों के साथ धर्मी जन के जीवन की तुलना है)।

   इस भजन का चौथा पद हमें सिखाता है कि अपूर्ण इच्छाएं हमारे जीवन के आनन्द को हम से नहीं छीन सकतीं; जैसे जैसे हम परमेश्वर के मन को जानते चले जाते हैं, परमेश्वर स्वयं ही हमारा आनन्द होता चला जाता है।

   पद पाँच हमें सिखाता है कि हम अपने मार्ग की चिंता पूर्णतः परमेश्वर पर छोड़ दें, ऐसे जैसे एक कमज़ोर व्यक्ति अपने उस बोझ को जिसे वह स्वयं नहीं उठा सकता उसे अपने उस बलवन्त मित्र एवं साथी को सौंप देता है जो उसकी सहायता करने के लिए सदा उसके साथ रहता है। साथ ही यह पद हमें अपने उस साथी एवं मित्र, अर्थात परमेश्वर पर सदा भरोसा बनाए रखने को भी कहता है। क्योंकि जब हम यह भरोसा बनाए रखते हैं, तब हम निश्चिंत तथा शांत होकर रह सकते हैं, जैसा कि पद सात कहता है।

   मूल बात है, परमेश्वर पर भरोसा रखें, उस पर ही निर्भर रहें, क्योंकि वह जो करेगा, अपने बच्चों के लिए सर्वोत्तम ही करेगा। - ऐनी सेटास


मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है। - नीतिवचन 16:9

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 37:1-8
Psalms 37:1 कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करने वालों के विषय डाह न कर! 
Psalms 37:2 क्योंकि वे घास की नाईं झट कट जाएंगे, और हरी घास की नाईं मुर्झा जाएंगे। 
Psalms 37:3 यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह। 
Psalms 37:4 यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा। 
Psalms 37:5 अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। 
Psalms 37:6 और वह तेरा धर्म ज्योति की नाईं, और तेरा न्याय दोपहर के उजियाले की नाईं प्रगट करेगा। 
Psalms 37:7 यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आसरा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सफल होते हैं, और वह बुरी युक्तियों को निकालता है! 
Psalms 37:8 क्रोध से परे रह, और जलजलाहट को छोड़ दे! मत कुढ़, उस से बुराई ही निकलेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 14-17