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Sunday, June 1, 2014

केंद्रित


   व्यावासायिक गोल्फ में मास्टर्स टूर्नमेंट सबसे अधिक प्रतिष्ठित होता है। सन 2009 में इस प्रतियोगिता के अन्तिम राउंड में कैनी पैरी सबसे आगे चल रहे थे किंतु अन्ततः वे दूसरे स्थान पर रहे। न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार के लिए लिखने वाले बिल पैनिंगटन ने अपने विशलेषण में पैरी के बारे में लिखा कि अपनी हार के बाद "वे निराश तो थे किंतु मायूस नहीं थे"। अपनी हार के बारे में पैरी का कहना था, "मैं कभी कभी इसे याद करूँगा और सोचूँगा कि मैं और क्या कर सकता था, परन्तु इस पर सदा ही ध्यान लगाए नहीं रहूँगा। यदि मेरे जीवन की यह सबसे खराब बात भी हो, तो भी मैंने खासा अच्छा किया है; मैं इसे अपने पीछे पड़ने नहीं दूँगा। जीवन में और बहुत सी बातें हैं जो इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं....अब बस मैं घर जाऊँगा और अपने परिवार के साथ एक अच्छी शाम बिताऊँगा, उनके साथ मज़ा करूँगा"।

   अपनी निराशाओं से आगे देख पाना मसीही विश्वासियों के लिए अति आवश्यक है। हम जिन बातों पर अपने ध्यान और विचार केंद्रित रखते हैं वह निर्धारित करता है कि हम जीवन के उतार-चढ़ाव, जय-पराजय का सामना कैसे करते हैं। प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में ध्यान केंद्रित रखने के विषय में लिखा, "सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ" (कुलुस्सियों 3:1-2)। पौलुस के इस कथन के अनुसार सोच रखने से, हम हर बात की सार्थकता और पुष्टि के लिए मसीह यीशु की ओर देखते है ना कि अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों या निराशाओं तथा क्षमताओं की ओर; ऐसा करने से हम मसीह के खोजी बने रहते हैं ना कि सांसारिक सफलता के।

   जब हम उत्तमता के लिए यत्न करते हैं, उसके लिए भरसक प्रयत्न करते हैं परन्तु फिर भी वैसे सफल नहीं हो पाते जैसा चाहते थे तो यह अवश्य ही दुखदायी होता है, लेकिन यह हमारे लिए हानिकारक भी हो जाए इस बात पर निर्भर करेगा कि हम अपने मन और मस्तिष्क को कहाँ केंद्रित रखते हैं। जो मन स्वर्ग और स्वर्ग की वस्तुओं पर केंद्रित है वह सांसारिक बातों की हार से कभी हानि नहीं उठा सकता। - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि मसीह यीशु आपके जीवन और विचारों का केंद्रबिंदु है तो बाकी सब बातें स्वतः ही सही परिपेक्ष में आ जाती हैं।

मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला। - भजन 119:36-37

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-12
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 22-24