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Friday, July 25, 2014

कारण


   जो मौरिस आईसक्रीम बनाता है और अपनी बनाई आईसक्रीम में अनेक प्रकार के स्वाद देता है। जो मौरिस एक प्रसिद्ध आईसक्रीम बनाने वाली कंपनी के लिए कार्य करता है जिसके रचनात्मक उत्पाद अपनी गुणवन्ता एवं नवीनता के लिए जाने जाते हैं। जो मौरिस भी अपनी आईसक्रीम बनाने की उत्तमता के लिए जाना जाता है लेकिन वह यह कभी नहीं भूलता कि वह किस कारण से यह कार्य कर रहा है। उसने एक साक्षात्कार में रिपोर्टर रिकार्डो गन्दारा को बताया कि उस कंपनी का एक पुराना कर्मचारी उसे स्मरण दिलाता रहता है, "हम आईसक्रीम क्यों बनाते हैं? क्योंकि यह लोगों को प्रसन्न करने वाला भोजन पदार्थ है। हमारा उद्देश्य है लोगों को खुश रखना।" और इसी कारण जो मौरिस लगन के साथ उत्त्म गुणवन्ता की आईसक्रीम बनाता रहता है।

   मसीही विश्वासी होने के कारण हमारे लिए यह अति अनिवार्य है कि हम अपनी सेवकाई के प्रत्येक कार्य के कारण को स्मरण रखें। यदि हम वह कारण भूल जाएंगे तो हम उन चेलों के समान हो जाएंगे जो इस बात को लेकर आपस में विवाद करने लगे कि उन में से कौन सबसे महत्वपूरण और बड़ा है और इस बात पर उनमें फूट आनी आरंभ हो गई। समस्या के निवारण के लिए मित्रप्रभु यीशु ने उन्हें अपने संसार में आने और कार्य करने के कारण को स्मरण दिलाया: "क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे" (मरकुस 10:45)।

   प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने का तात्पर्य है उसका अनुसरण करना और उसके कार्य को उसी की रीति पर आगे बढ़ाना। हम मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु मसीह में सारे संसार के सभी लोगों के लिए उपलब्ध पापों की क्षमा तथा उद्धार एवं परमेश्वर के प्रेम के सुसमाचार को फैलाने की सेवकाई सौंपी गई है। जैसे प्रभु यीशु ने इस सेवकाई को अपने पृथ्वी के जीवन काल में संपन्न किया वैसे ही हमें भी उसी प्रेम और सहिषुण्ता के साथ इस सेवाकाई को पूरा करना है। हमें यह कभी नहीं भूलना है कि प्रभु यीशु सेवा करने तथा उद्धार देने के लिए आया था ना कि हमें संसार में प्रतिष्ठित, संपन्न अथवा महान बनाने।

   नम्रता, दीनता, प्रेम, सहिषुणता के साथ सारे संसार में प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा और उद्धार का सुसमाचार प्रसार ही हमारे प्रभु यीशु की सेवकाई स्वीकार करने का कारण है। - डेविड मैक्कैसलैंड


अपनी नज़रें प्रभु यीशु पर बनाए रखिए और आप कभी अपने जीवन के उद्देश्य से भटकने नहीं पाएंगे।

क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो। - यूहन्ना 13:15

बाइबल पाठ: मरकुस 10:35-45
Mark 10:35 तब जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना ने उसके पास आकर कहा, हे गुरू, हम चाहते हैं, कि जो कुछ हम तुझ से मांगे, वही तू हमारे लिये करे। 
Mark 10:36 उसने उन से कहा, तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? 
Mark 10:37 उन्होंने उस से कहा, कि हमें यह दे, कि तेरी महिमा में हम में से एक तेरे दाहिने और दूसरा तेरे बांए बैठे। 
Mark 10:38 यीशु ने उन से कहा, तुम नहीं जानते, कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या पी सकते हो? और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, क्या ले सकते हो? 
Mark 10:39 उन्होंने उस से कहा, हम से हो सकता है: यीशु ने उन से कहा: जो कटोरा मैं पीने पर हूं, तुम पीओगे; और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, उसे लोगे। 
Mark 10:40 पर जिन के लिये तैयार किया गया है, उन्हें छोड़ और किसी को अपने दाहिने और अपने बाएं बिठाना मेरा काम नहीं। 
Mark 10:41 यह सुन कर दसों याकूब और यूहन्ना पर रिसयाने लगे। 
Mark 10:42 और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं। 
Mark 10:43 पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। 
Mark 10:44 और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। 
Mark 10:45 क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-4