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Tuesday, August 19, 2014

हेमन


   मुझे हेमन पर अचरज होता है। हेमन एक कवि था जिसने परमेश्वर के वचन बाइबल का भजन 88 लिखा था। उसके इस भजन में हम पाते हैं कि उसके लिए जीवन का अर्थ था क्लेष, इतना क्लेष कि वह दुख से तंग आ गया था! उस का विलाप था, "क्योंकि मेरा प्राण क्लेश में भरा हुआ है, और मेरा प्राण अधोलोक के निकट पहुंचा है" (भजन 88:3)।

   जब हेमन ने पीछे मुड़कर देखा तो उसे अपना खराब स्वास्थ्य और दुर्भाग्य स्मरण हो आया। जब अपने चारों ओर देखा तो अपने को मुसीबत में पड़ा और तिरिस्कृत पाया। और जब ऊपर की ओर देखा तो कोई सांत्वना नहीं मिली। उसने शिकायत करी, मैं अकेला हूँ (पद 5), अंधकार में हूँ (पद 6), सताया हुआ हूँ (पद 7), त्यागा हुआ हूँ (पद 14) अधमुआ हूँ (पद 15)। उसे आशा की कोई किरण दिखाई नहीं दे रही थी और ना ही अपने दुख का कोई समाधान मिल रहा था।

   हेमन की इस ईमानदारी से मेरे मन को सांत्वना मिलती है। मुझे समझ नहीं आता कि वे कैसे मसीही विश्वासी हैं जो कभी संघर्ष नहीं करने का दावा करते हैं। मैं यह मान सकता हूँ कि एक संतुलन होना आवश्यक है; ऐसे जन के पास कोई नहीं रहना चाहेगा जो हर समय अपने दुखों के बारे में ही बताता रहे और रोता रहे, लेकिन मुझे यह जानकर सांत्वना मिलती है कि संघर्ष करने वाला मैं ही अकेला नहीं हूँ, मेरे समान ही अन्य लोगों को भी संघर्ष करना पड़ता है, और उनके अनुभव मेरे लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं।

   लेकिन हेमन में इस स्पष्टवादिता से बढ़ कर भी कुछ और है जो और भी अधिक अनुसरण के योग्य है - परमेश्वर में उसका अटल, अविचिलित विश्वास। इतनी समस्याओं में होने के बावजूद हेमन परमेश्वर से लिपटा ही रहा, दिन रात उसी की दोहाई देता रहा (पद 1, 9, 13)। उसने प्रार्थना करना नहीं छोड़ा; उसने हार नहीं मानी। संभवतः हेमन ने उस समय एहसास नहीं किया, लेकिन उसने परमेश्वर की करुणा, विश्वासयोग्यता और धार्मिकता की गवाही भी दी (पद 11, 12)।

   मुझे हेमन जैसे लोग अच्छे लगते हैं। वे परमेश्वर में मेरे विश्वास को दृढ़ करते हैं और मुझे स्मरण दिलाते हैं कि मैं प्रार्थना करना कभी नहीं छोड़ूँ। - डेविड रोपर


प्रार्थना ही वह भूमि हैं जिसमें आशा सबसे अच्छी पनपती है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: भजन 88
Psalms 88:1 हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर यहोवा, मैं दिन को और रात को तेरे आगे चिल्लाता आया हूं। 
Psalms 88:2 मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचे, मेरे चिल्लाने की ओर कान लगा! 
Psalms 88:3 क्योंकि मेरा प्राण क्लेश में भरा हुआ है, और मेरा प्राण अधोलोक के निकट पहुंचा है। 
Psalms 88:4 मैं कबर में पड़ने वालों में गिना गया हूं; मैं बलहीन पुरूष के समान हो गया हूं। 
Psalms 88:5 मैं मुर्दों के बीच छोड़ा गया हूं, और जो घात हो कर कबर में पड़े हैं, जिन को तू फिर स्मरण नहीं करता और वे तेरी सहायता रहित हैं, उनके समान मैं हो गया हूं। 
Psalms 88:6 तू ने मुझे गड़हे के तल ही में, अन्धेरे और गहिरे स्थान में रखा है। 
Psalms 88:7 तेरी जलजलाहट मुझी पर बनी हुई है, और तू ने अपने सब तरंगों से मुझे दु:ख दिया है; 
Psalms 88:8 तू ने मेरे पहिचान वालों को मुझ से दूर किया है; और मुझ को उनकी दृष्टि में घिनौना किया है। मैं बन्दी हूं और निकल नहीं सकता; 
Psalms 88:9 दु:ख भोगते भोगते मेरी आंखे धुन्धला गई। हे यहोवा मैं लगातार तुझे पुकारता और अपने हाथ तेरी ओर फैलाता आया हूं। 
Psalms 88:10 क्या तू मुर्दों के लिये अदभुत काम करेगा? क्या मरे लोग उठ कर तेरा धन्यवाद करेंगे? 
Psalms 88:11 क्या कबर में तेरी करूणा का, और विनाश की दशा में तेरी सच्चाई का वर्णन किया जाएगा? 
Psalms 88:12 क्या तेरे अदभुत काम अन्धकार में, वा तेरा धर्म विश्वासघात की दशा में जाना जाएगा? 
Psalms 88:13 परन्तु हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; और भोर को मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचेगी। 
Psalms 88:14 हे यहोवा, तू मुझ को क्यों छोड़ता है? तू अपना मुख मुझ से क्यों छिपाता रहता है? 
Psalms 88:15 मैं बचपन ही से दु:खी वरन अधमुआ हूं, तुझ से भय खाते मैं अति व्याकुल हो गया हूं। 
Psalms 88:16 तेरा क्रोध मुझ पर पड़ा है; उस भय से मैं मिट गया हूं। 
Psalms 88:17 वह दिन भर जल की नाईं मुझे घेरे रहता है; वह मेरे चारों ओर दिखाई देता है। 
Psalms 88:18 तू ने मित्र और भाईबन्धु दोनों को मुझ से दूर किया है; और मेरे जान-पहिचान वालों को अन्धकार में डाल दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5