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Wednesday, October 22, 2014

धन्यवादी


   मेरे घर के इलाके लैन्सिंग, मिशिगन में सर्दियों में खिली धूप वाले दिन कम ही होते हैं; लेकिन पिछले वर्ष परमेश्वर ने हमें एक ऐसा खिली धूप वाला दिन दिया। मुझे लगा कि उस दिन के लिए सभी परमेश्वर के धन्यवादी हो रहे थे, सिवाय मेरे। जब मैं अपने दफ्तर से निकलकर घर की ओर चला तो एक व्यक्ति ने टिप्पणी करी, "आज हमें परमेश्वर से कैसा अच्छा दिन उपहार में मिला है।" उसे मेरा प्रत्युत्तर था, "हाँ, लेकिन इस सप्ताहांत तो बर्फ पड़नी ही है।" मेरी सोच कितनी छोटी थी!

   अपनी पत्रियों में प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों को लिखा कि वे परमेश्वर के प्रति एक धन्यवादी दृष्टिकोण विकसित करें। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड की पुस्तकों के अन्य सभी लेखकों की अपेक्षा पौलुस ने ही सबसे अधिक, अर्थात 23 बार धन्यवादी होने के लिए लिखा है। जिन बातों के लिए धन्यवादी होने के लिए पौलुस ने लिखा है, उनसे हम इस विषय में कुछ महत्वपूर्ण बातें सीख सकते हैं।

   पौलुस के धन्यवाद सदा ही परमेश्वर को संबोधित थे, वह अपने सहायकों के लिए भी परमेश्वर को धन्यवाद करता था, उन्हें परमेश्वर की ओर से उसे दिया गया उपहार मानता था - उन्हें उसके साथ जोड़ने के लिए, उन से उसे मिलने वाली सहायता के लिए और उनकी आत्मिक बढ़ोतरी, उनके प्रेम और उनके विश्वास के लिए भी वह परमेश्वर का धन्यवाद करता था (1 कुरिन्थियों 1:4; 1 थिस्सुलुनीकियों1:2)।

   हर बात के लिए वह परमेश्वर को अपने धन्यवाद प्रभु यीशु में होकर अर्पित करता था (कुलुस्सियों 3:15, 17)। पौलुस का मानना था कि प्रभु यीशु के अनुयायियों को हर बात के लिए परमेश्वर का धन्यवादी होना चाहिए क्योंकि परमेश्वर सर्वशक्तिमान है और सब बातों में अपने विश्वासियों की भलाई के लिए कार्य कर रहा है (1 थिस्सुलुनीकियों 5:18)।

   परमेश्वर के प्रति यही धन्यवादी मन हम सब का भी होना चाहिए, हम परमेश्वर द्वारा हमें प्रदान करे गए विभिन्न उपहारों के प्रति सचेत रहें, और कृतज्ञ होकर उसका धनय्वाद करते रहें। जो कुछ परमेश्वर ने हमारे लिए किया है और कर रहा है, उसके प्रत्युत्तर में हम कम से कम धन्यवाद तो कह ही सकते हैं। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के उपहारों के लिए स्वाभाविक प्रत्युत्तर कृतज्ञ एवं धन्यवादी होना है।

और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो। - इफिसियों 5:20

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 5:16-25
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो। 
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। 
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है। 
1 Thessalonians 5:19 आत्मा को न बुझाओ। 
1 Thessalonians 5:20 भविष्यद्वाणियों को तुच्‍छ न जानो। 
1 Thessalonians 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो। 
1 Thessalonians 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो। 
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें। 
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा। 
1 Thessalonians 5:25 हे भाइयों, हमारे लिये प्रार्थना करो।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 4-6