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Monday, November 17, 2014

मार्गदर्शक


   एक ऐसी प्रणाली बनाना जिसके द्वारा अन्तरिक्ष में विद्यमान ’आँख’ सभी गाड़ियों, वायुयानों तथा नौकाओं एवं जलपोतों पर नज़र बनाए रखे और उनका मार्गदर्शन करती रहे बहुत जटिल कार्य है; लेकिन आज का ’जीपीएस’ अर्थात ’ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम’ यही कार्य करता है। पृथ्वी से 12,500 मील की ऊँचाई पर अन्तरिक्ष में हर समय 24 से 32 उपग्रह पृथ्वी का चक्कर लगा रहे होते हैं और पृथ्वी से संबंध बनाए रखते हैं, जानकारी का आदान-प्रदान करते रहते हैं। इन उपग्रहों द्वारा दी जाने वाली जानकारी के सही होने और उनसे ठीक मार्गदर्शन मिलने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वे पृथ्वी से एक निर्धारित दूरी तथा गति को बनाए रखें।

   मनुष्यों द्वारा बनाया गया यह ’जीपीएस’ परमेश्वर द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन का छोटा सा नमूना भर है। परमेश्वर के वचन बाइबल में उससे मिलने वाले मार्गदर्शन और सहायता के अनेक उदाहरण और वायदे हैं: परमेश्वर ने इस्त्राएल को आश्वस्त किया कि "और यहोवा तुझे लगातार लिये चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हड्डियों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता" (यशायाह 58:11)। भजनकार यह भली-भांति जानता था कि ऐसा कोई स्थान नहीं है जहाँ परमेश्वर की नज़र उस पर बनी ना रहे (भजन 139:7-8)। ’जीपीएस’ के आने के बहुत पहले ही परमेश्वर "पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान" (यशायाह 40:22) संसार की हर बात पर अपनी नज़र और नियंत्रण बनाए हुए है, अपने लोगों का मार्गदर्शन कर रहा है।

   इस बात का ज्ञान कि कोई है जो आप पर लगातार नज़र बनाए हुए है और उसकी नज़र से कहीं पर भी छिप पाना असंभव है उन्हें भयभीत कर सकता है जो किसी बात को छिपाना चाहते हैं या स्वयं छिपकर रहना चाहते हैं; परन्तु एक मसीही विश्वासी के लिए यह बात एक बड़े आनन्द, सान्तवना और आश्वासन की बात है। भजनकार इस बात से भी आश्वस्त था कि परमेश्वर का मार्गदर्शन सदा उसके साथ है (भजन 139:10); परमेश्वर का यही आश्वासन आज प्रत्येक मसीही विश्वासी के साथ भी है। परमेश्वर सदा ही आपको सही दिशा और सही मार्ग से ले जाना चाहता है। उसके हाथों में अपने जीवनों को समर्पित करके निशचिंत हो जाएं; आपको परमेश्वर से बेहतर कोई मार्गदर्शक कभी नहीं मिल सकता। सी. पी. हिया


गलत मार्ग पर चलने से बचने के लिए परमेश्वर के मार्गदर्शन में चलते रहें।

मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा। - भजन 32:8

बाइबल पाठ:  भजन 139:1-10
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। 
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। 
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। 
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है। 
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • प्रेरितों 25-26