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बुधवार, 11 फ़रवरी 2015

आवश्यक तथा महत्वपूर्ण



   एक विनाशकारी बवंडर द्वारा मचाई गई तबाही के बाद एक व्यक्ति अपने टूटे हुए घर के बाहर खड़ा हुआ घर तथा आस-पास के हाल का अवलोकन कर रहा था। घर की दशा जर्जर हो चुकी थी, अन्दर सामान टूटा-बिखरा पड़ा था और उसी टूटे-बिखरे सामान में कहीं उसकी पत्नि के गहने तथा उसकी अपनी कीमती वस्तुएं भी थीं। लेकिन वह व्यक्ति उस टूटे और कमज़ोर पड़ गए घर के अन्दर जाकर उन्हें ढूँढ़ने का कोई प्रयास नहीं कर रहा था; उसका कहना था, "वे सब जान का जोखिम उठाने लायक आवश्यक तथा महत्वपूर्ण नहीं हैं।" जब संकट होता है तब जीवन के लिए आवश्यक तथा महत्वपूर्ण का आंकलन करने का हमारा दृष्टिकोण बदल जाता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 90, जो मूसा की प्रार्थना है, परमेश्वर का जन मूसा जीवन पर आरंभ से अंत तक दृष्टि करता है। जीवन के संक्षिप्त होने, तथा पाप के कारण परमेश्वर के क्रोधित होने को ध्यान में रखते हुए मूसा परमेश्वर से प्रार्थना करता है: "हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं" (भजन 90:12)। आगे मूसा परमेश्वर से दया तथा करुणा करने की विनती करता है और अपनी प्रार्थना का अन्त भविष्य में परमेश्वर के अनुग्रह और कार्यों पर उसकी आशीष के बने रहने को माँगने के साथ करता है।

   मूसा के समान ही हमारी भी परमेश्वर से यह प्रार्थना होनी चाहिए कि हम अपने जीवन के विषय में बुद्धिमान हो जाएं। एक दिन तो हमें परमेश्वर के सामने खड़े होकर अपने जीवन तथा कार्यों का हिसाब देना ही है। इसलिए आज भी यह बात हमारे लिए उतनी ही महत्वपूर्ण तथा आवश्यक है - क्योंकि हमारे जीवन के दिन गिने हुए हैं, थोड़े हैं इसलिए उनका सदुपयोग करने की समझ रखना हमारे लिए अति आवश्यक है। - डेविड मैक्कैसलैंड


हमारे गिने हुए दिन क्या हमें परमेश्वर तथा उसके प्रेम पर विचार करने को प्रेरित करते हैं?

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! - भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90:7-17
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। 
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं। 
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं। 
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है? 
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं। 
Psalms 90:13 हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा! 
Psalms 90:14 भोर को हमें अपनी करूणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें। 
Psalms 90:15 जितने दिन तू हमें दु:ख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हम को आनन्द दे। 
Psalms 90:16 तेरा काम तेरे दासों को, और तेरा प्रताप उनकी सन्तान पर प्रगट हो। 
Psalms 90:17 और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 11-12
  • मत्ती 26:1-31



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